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Gorakhpur News: चिलुआताल में सोलर पॉवर प्लांट के लिए तलाशी जा रहीं संभावनाएं
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जिलाधिकारी ने राजस्व और यूपीनेडा के अफसरों से मांगी रिपोर्ट
गोरखपुर। सोलर सिटी के रूप गोरक्षनगरी को विकसित करने की सीएम की मंशा को देखते हुए चिलुआताल इलाके में एक सोलर पॉवर प्लांट की संभावना तलाश की जा रही है। इसके निर्माण का खर्च कोल इंडिया लिमिटेड या फिर एचयूआरएल जैसी बड़ी कंपनी अपने सीएसआर फंड से कराएगी। प्रशासन इसके लिए जमीन की तलाश कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लोगों को अपने घरों पर सोलर प्लांट लगाने पर छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। यूपीनेडा इस योजना को संचालित करती है। सोलर एनर्जी को सीधे विद्युत विभाग के उपकेंद्र को दिया जाता है। इसके बाद अब एक पॉवर प्लांट लगाने की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है। इसके लिए करीब एक हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अभी एक बड़ी कंपनी ने अपने सीएसआर फंड से इसके लिए निर्माण का प्रस्ताव अपने बोर्ड को भेजा है, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं प्रशासन भी संभावित स्थान के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि इस संबंध में अभी केवल आरंभिक चर्चा हुई है। यूपी नेडा के अफसरों से प्रस्ताव का डिटेल मांगा गया है।
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गोरखपुर। सोलर सिटी के रूप गोरक्षनगरी को विकसित करने की सीएम की मंशा को देखते हुए चिलुआताल इलाके में एक सोलर पॉवर प्लांट की संभावना तलाश की जा रही है। इसके निर्माण का खर्च कोल इंडिया लिमिटेड या फिर एचयूआरएल जैसी बड़ी कंपनी अपने सीएसआर फंड से कराएगी। प्रशासन इसके लिए जमीन की तलाश कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए लोगों को अपने घरों पर सोलर प्लांट लगाने पर छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। यूपीनेडा इस योजना को संचालित करती है। सोलर एनर्जी को सीधे विद्युत विभाग के उपकेंद्र को दिया जाता है। इसके बाद अब एक पॉवर प्लांट लगाने की कार्ययोजना पर चर्चा हो रही है। इसके लिए करीब एक हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रशासनिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अभी एक बड़ी कंपनी ने अपने सीएसआर फंड से इसके लिए निर्माण का प्रस्ताव अपने बोर्ड को भेजा है, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं प्रशासन भी संभावित स्थान के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
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डीएम दीपक मीणा ने बताया कि इस संबंध में अभी केवल आरंभिक चर्चा हुई है। यूपी नेडा के अफसरों से प्रस्ताव का डिटेल मांगा गया है।