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Gorakhpur News: पुलिस की सख्ती..डीजे वाले बाबू ने बजाया धीमी आवाज में गाना
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गोरखपुर। शहर में मंगलवार को गणेश प्रतिमाएं विसर्जन के लिए निकाली गईं तो हर तरफ उत्साह और उमंग देखने को मिला। लोग डीजे, ढोल और नगाड़ों की आवाज पर रंग, गुलाल उड़ाकर झूमते नजर आए। पुलिस की सख्ती का असर भी दिखा। इस दौरान न तो डीजे का शोर सुनाई दिया और न ही सड़कों पर हुड़दंग। डीजे वाले बाबू ने भी आवाज को कम करके गाना बजाया और साउंड भी मानक के अनुसार ही लगाया।
उत्साह से लबरेज हर तरफ बस एक ही धुन ''गणपति बप्पा मोरया'' बज रही थी। रंग-अबीर उड़ाते झूमते-गाते लोग प्रतिमाओं के साथ चल रहे थे। एकला बंधे के पास बने तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस बार करीब 243 गणेश प्रतिमा स्थापित की गई थीं। विसर्जन के समय हर थाने की पुलिस की डयूटी लगाई गई थी। हर प्रतिमा के साथ एक दरोगा और पुलिसकर्मी साथ चल रहे थे। बक्शीपुर, घसीकटरा, घंटाघर और बसंतपुर सड़क पर लोग घरों के सामने बैठकर प्रतिमा का दर्शन कर रहे थे। कोई प्रतिमा के साथ सेल्फी ले रहा था, कई लोग फूल माला फेंककर स्वागत करते दिखे। यहां पूरा माहौल मेले जैसा दिखा।
एकला बंधे के पास बने अस्थाई तालाब में शाम चार बजे से ही प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। वहां पर नगर निगम कर्मचारियों के साथ ही पुलिस टीम तैनात रही। शहर की छोटी प्रतिमाओं का शाम होते ही विसर्जन शुरू हो गया था, लेकिन बड़ी प्रतिमाएं देर रात में निकलीं। बड़ी प्रतिमाओं का देर रात 12 बजे के बाद विसर्जन किया गया। प्रतिमा के साथ महिलाएं, बच्चे और युवा झूमते नाचते दिखे।
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उत्साह से लबरेज हर तरफ बस एक ही धुन ''गणपति बप्पा मोरया'' बज रही थी। रंग-अबीर उड़ाते झूमते-गाते लोग प्रतिमाओं के साथ चल रहे थे। एकला बंधे के पास बने तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस बार करीब 243 गणेश प्रतिमा स्थापित की गई थीं। विसर्जन के समय हर थाने की पुलिस की डयूटी लगाई गई थी। हर प्रतिमा के साथ एक दरोगा और पुलिसकर्मी साथ चल रहे थे। बक्शीपुर, घसीकटरा, घंटाघर और बसंतपुर सड़क पर लोग घरों के सामने बैठकर प्रतिमा का दर्शन कर रहे थे। कोई प्रतिमा के साथ सेल्फी ले रहा था, कई लोग फूल माला फेंककर स्वागत करते दिखे। यहां पूरा माहौल मेले जैसा दिखा।
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एकला बंधे के पास बने अस्थाई तालाब में शाम चार बजे से ही प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया। वहां पर नगर निगम कर्मचारियों के साथ ही पुलिस टीम तैनात रही। शहर की छोटी प्रतिमाओं का शाम होते ही विसर्जन शुरू हो गया था, लेकिन बड़ी प्रतिमाएं देर रात में निकलीं। बड़ी प्रतिमाओं का देर रात 12 बजे के बाद विसर्जन किया गया। प्रतिमा के साथ महिलाएं, बच्चे और युवा झूमते नाचते दिखे।
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