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Gorakhpur News: बांग्लादेशी नागरिक को लेकर कोलकाता के लिए रवाना हुई पुलिस
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वतन वापसी के लिए कोलकाता में किया जाएगा बांग्लादशी दूतवास के सुपुर्द
गोरखपुर। अवैध रूप से भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिक अरमान अली उर्फ उस्मान की वतन वापसी की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और शाहपुर पुलिस की संयुक्त टीम उसे लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेस से कोलकाता रवाना हुई। मंगलवार को कोलकाता में अरमान अली को बांग्लादेशी दूतावास के सुपुर्द किया जाएगा।
बांग्लादेश के ठाकुरगंज, होरीपुर स्थित जामुन बाजार निवासी अरमान अली को 12 जनवरी 2024 की रात बड़हलगंज क्षेत्र के चौतीसा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह रोजगार की तलाश में बिना वैध दस्तावेज के भारत आया था। गिरफ्तारी के बाद एलआईयू, एटीएस और आईबी ने उससे गहन पूछताछ की थी। बड़हलगंज पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। कोर्ट ने उसे 18 माह की सजा सुनाई, जो 12 जुलाई 2025 को पूरी हो गई। जिला कारागार से रिहा होते ही एलआईयू ने उसे अभिरक्षा में लेकर बांग्लादेशी दूतावास से संपर्क साधा। दूतावास से नाम और पते की पुष्टि होने के बाद वतन वापसी की प्रक्रिया तय की गई। अब मंगलवार को औपचारिक रूप से उसे दूतावास को सौंप दिया जाएगा।
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गोरखपुर। अवैध रूप से भारत में घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी नागरिक अरमान अली उर्फ उस्मान की वतन वापसी की प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और शाहपुर पुलिस की संयुक्त टीम उसे लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेस से कोलकाता रवाना हुई। मंगलवार को कोलकाता में अरमान अली को बांग्लादेशी दूतावास के सुपुर्द किया जाएगा।
बांग्लादेश के ठाकुरगंज, होरीपुर स्थित जामुन बाजार निवासी अरमान अली को 12 जनवरी 2024 की रात बड़हलगंज क्षेत्र के चौतीसा गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा गया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह रोजगार की तलाश में बिना वैध दस्तावेज के भारत आया था। गिरफ्तारी के बाद एलआईयू, एटीएस और आईबी ने उससे गहन पूछताछ की थी। बड़हलगंज पुलिस ने उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। कोर्ट ने उसे 18 माह की सजा सुनाई, जो 12 जुलाई 2025 को पूरी हो गई। जिला कारागार से रिहा होते ही एलआईयू ने उसे अभिरक्षा में लेकर बांग्लादेशी दूतावास से संपर्क साधा। दूतावास से नाम और पते की पुष्टि होने के बाद वतन वापसी की प्रक्रिया तय की गई। अब मंगलवार को औपचारिक रूप से उसे दूतावास को सौंप दिया जाएगा।
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