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Gorakhpur News: ऑपरेशन करने वाले झोलाछाप की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
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प्रसूता की मौत के बाद पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर भेजा था जेल
संचालक से झोलाझाप का नंबर लेकर उसकी गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
गगहा। लखनापार की पूजा (30) की प्रसव के दौरान मौत के बाद हाटा बाजार स्थित वैभव नर्सिंग होम को प्रशासन ने सील करवा दिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए संचालक विक्रम मद्धेशिया को जेल भिजवा दिया। लेकिन, अभी भी झोलाछाप संदीप यादव पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी संदीप यादव लंबे समय से गोरखपुर के दक्षिणांचल इलाके में अपने आपको प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ बताता रहा है। वह गगहा, मझगांवा, हाटा बाजार और बड़हलगंज इलाके के अवैध अस्पतालों में संचालकों के साथ सांठगांठ कर कमीशन पर महिलाओं का ऑपरेशन करता था। पुलिस की पूछताछ में संचालक विक्रम मद्धेशिया ने आरोपी डॉक्टर संदीप यादव का पता नहीं बताया। उसका कहना है कि कमीशन पर कुछ घंटों के लिए संदीप यादव को बुलाकर गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कराया जाता था। संदीप एनेस्थीसिया लगाने के लिए अपने साथ एक युवक भी लाया करता था। संचालक को उसके डिग्री के बारे में भी नहीं पता था। संचालक ने पुलिस को आरोपी संदीप यादव का मोबाइल नंबर दिया। नंबर मिलने के बाद पुलिस उसका लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है।
सूत्रों की माने तो इन अवैध हॉस्पिटल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के लिए शुरू में 15 से 20 हजार रुपए में जमा करवाया जाता है। अगर स्थिति गंभीर हो जाती है तो मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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कोट
आरोपी संदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दरवेश कुमार, सीओ
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संचालक से झोलाझाप का नंबर लेकर उसकी गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
गगहा। लखनापार की पूजा (30) की प्रसव के दौरान मौत के बाद हाटा बाजार स्थित वैभव नर्सिंग होम को प्रशासन ने सील करवा दिया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए संचालक विक्रम मद्धेशिया को जेल भिजवा दिया। लेकिन, अभी भी झोलाछाप संदीप यादव पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी संदीप यादव लंबे समय से गोरखपुर के दक्षिणांचल इलाके में अपने आपको प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ बताता रहा है। वह गगहा, मझगांवा, हाटा बाजार और बड़हलगंज इलाके के अवैध अस्पतालों में संचालकों के साथ सांठगांठ कर कमीशन पर महिलाओं का ऑपरेशन करता था। पुलिस की पूछताछ में संचालक विक्रम मद्धेशिया ने आरोपी डॉक्टर संदीप यादव का पता नहीं बताया। उसका कहना है कि कमीशन पर कुछ घंटों के लिए संदीप यादव को बुलाकर गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन कराया जाता था। संदीप एनेस्थीसिया लगाने के लिए अपने साथ एक युवक भी लाया करता था। संचालक को उसके डिग्री के बारे में भी नहीं पता था। संचालक ने पुलिस को आरोपी संदीप यादव का मोबाइल नंबर दिया। नंबर मिलने के बाद पुलिस उसका लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है।
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सूत्रों की माने तो इन अवैध हॉस्पिटल में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन के लिए शुरू में 15 से 20 हजार रुपए में जमा करवाया जाता है। अगर स्थिति गंभीर हो जाती है तो मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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आरोपी संदीप यादव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दरवेश कुमार, सीओ