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Gorakhpur News: कातिल तो दूर कारणों का भी पता नहीं लगा सकी पुलिस

Thu, 02 Oct 2025 02:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Oct 2025 02:17 AM IST
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Gorakhpur News: Police could not even find the reasons, let alone the murderer.
पुलिस की तफ्तीश पर परिजनों ने उठाए सवाल, आरोपी का पता नहीं, परिजनों से ही कर रही पूछताछ
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चौरीचौरा डबल मर्डर और भक्सा हत्याकांड का भी नहीं हो सका पर्दाफाश
भरोहिया। भुईदरपुर गांव निवासी कलावती की हत्या के बाद कातिल बेखौफ तरीके से खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस अब तक उनका पता नहीं लगा सकी है। हत्याकांड के पीछे के कारणों का भी पर्दाफाश नहीं हो सका है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है, जबकि असली आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
कलावती के बेटे कहते हैं कि पुलिस अब तक किसी ठोस सुराग पर काम नहीं कर सकी है। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो हत्यारे को पकड़ना आसान था। वहीं मामले ने शहर के अन्य पुराने अपराधों की याद ताजा कर दी है। शहर में हाल ही में चौरीचौरा डबल मर्डर और भक्सा में डिलिवरी बॉय हत्याकांड का भी पर्दाफाश अब तक नहीं हो सका है। एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन डेटा की मदद से संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत फुटेज के हर फ्रेम की बारीकी से जांच की जा रही है और संदिग्धों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही मृतका के परिवार को हर समय स्थिति से अपडेट किया जा रहा है और उन्हें मानसिक सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
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नार्काे टेस्ट के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही पुलिस
बीते 29 मार्च की देर रात चौरीचौरा के शिवपुर चकदहा में पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से वार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के तकरीबन छह महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस वारदात का पर्दाफाश नहीं कर सकी। मामले में 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें करीब 50 संदिग्ध लोगों की सीडीआर भी निकलवाई गई। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ के बाद भी साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा था। मामले के पर्दाफाश के लिए पुलिस छह संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने के लिए कोर्ट से अनुमति भी ले ली, लेकिन अब तारीख के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रही है। इसके चलते जांच ठंडे बस्ते में चली गई है।
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10 माह बाद भी नहीं लग सका हत्यारोपियों का सुराग
पिछले साल 14 नवंबर को बदमाशों ने सहजनवां के कोमा बाग (भैंसला) के पास सीहापार निवासी धीरेंद्र दुबे उर्फ विशाल (30) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह जोमैटो में डिलीवरी बॉय था। पुलिस ने मामले में 150 से अधिक लोगों के पूछताछ की, लेकिन वारदात के 10 माह बीत जाने के बाद भी अभी तक हत्यारोपियों का पता नहीं चल सका। समय के साथ वह फाइल भी कागजों में दबकर रह गई।
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