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Gorakhpur News: चायपत्ती के धंधेबाजों की तलाश में पुलिस व जीएसटी विभाग की भी लेंगे मदद

Fri, 01 Aug 2025 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:03 AM IST
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Gorakhpur News: Police and GST department will also be taken to search for tea leaf traders
आशंका है कि गोरखपुर के ही कुछ व्यापारी मंगाते हैं माल, देवरिया का युवक मात्र कैरियर
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मिलावटी और नकली चायपत्ती का बड़ा धंधा संचालित हो रहा है गोरखपुर से
गोरखपुर। तिवारीपुर थाने के पास पकड़ी गई नकली चायपत्ती के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग असली धंधेबाजों की तलाश में जुट गया है। इस काम में पुलिस के अलावा जीएसटी विभाग की भी मदद ली जाएगी। अनुमान है कि हर महीने 12 से 15 गाड़ी चायपत्ती गोरखपुर में खपाई जा रही है। एक गाड़ी में करीब तीन लाख रुपये का मुनाफा मिल रहा है। देवरिया जिले के गौरीबाजार का रहने वाला अश्वनी यादव इस खेल में मात्र एक कैरियर हो सकता है।
सोमवार को तिवारीपुर पुलिस ने एक पिकअप को ओवरलोड व नो इंट्री के आरोप में रोका था। वाहन चालक के पास न तो परमिट था और न ही जीएसटी का कोई पेपर। यहां तक कि किसके गोदाम में यह माल उतारना है, यह भी पता नहीं था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची तो पता चला कि इसमें लदी चायपत्ती नकली है। इसके बाद ब्रुकबांड ताजा कंपनी के एजेंट व लीगल एडवाइजर पहुंचे और तहरीर दी। इस पर पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत चायपत्ती लेकर आने वाले अश्वनी यादव पर केस दर्ज कर लिया। हालांकि, अश्वनी अकेले इतना बड़ा धंधा चला रहा होगा, इससे अफसर सहमत नहीं हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों का मानना है कि इस धंधे में गोरखपुर शहर का कोई बड़ा व्यापारी शामिल होगा और उसके ही इशारे पर यह पिकअप भरा माल मंगाया जा रहा होगा। शुरुआती छानबीन में यह भी पता लगा है कि नौसड़ बंधे पर खड़ी गाड़ी से ग्रामीण इलाके में माल भेजा जा रहा था।
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मिलावटी पर नकेल कसा तो निकाला नकली का फार्मूला
बाजार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पिछले साल तक बिक रही खुली चायपत्ती के धंधे पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती की तो धंधेबाजों ने नकली पैकिंग का आइडिया खोजा। बाजार में चर्चा है कि पहले नौसड़ के पास ही बड़ी मात्रा में खुली चायपत्ती स्टोर होती थी। वहां से दुकानों पर भेजी जाती थी। गौरीबाजार में भी इसका बड़ा सेंटर है। माना जा रहा है कि पुराने धंधेबाजों ने ही चायपत्ती के इस नए खेल को शुरू किया होगा। इसीलिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसमें पुलिस के अलावा जीएसटी की भी मदद लेने का निर्णय लिया है।
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असली पैकेट चारों तरफ, नकली तीन तरफ से सील

चायपत्ती की जो खेप पकड़ी गई है, उसकी पैकिंग में अंतर है। असली चायपत्ती के पैकेट को जहां चारों तरफ से सील किया गया है, वहीं नकली चायपत्ती को तीन तरफ से सील किया गया है। इसके अलावा नकली चायपत्ती वाले रैपर पर नीचे मैनुफैक्चरिंग डेट व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जहां लिखी है, उसी पर स्टाम्प लगाया गया है।

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कोट
इसके असल धंधेबाजों तक पहुंचना जरूरी है। इसीलिए पुलिस व जीएसटी विभाग की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा अच्छे व्यापारियों से भी इस पर चर्चा की जाएगी। इससे बढि़या काम करने वाले व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों से भी आग्रह करेंगे कि वे धंधेबाजों के बारे में गोपनीय सूचनाएं दें।

- डॉ. एसके सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
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