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Gorakhpur News: एकेडमी में अभ्यास कर रहे खिलाड़ी... नहीं मिल रहीं प्रतियोगिताएं
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गोरखपुर। शहर में इस समय 25 से ज्यादा क्रिकेट एकेडमी में करीब एक हजार खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। पिछले कुछ समय में एकेडमी की संख्या बढ़ने के बावजूद यहां से इक्का-दुक्का ही बड़े खिलाड़ी निकल रहे हैं। इसकी बड़ी वजह है जिले में अच्छे स्तर की प्रतियोगिताओं का कम होना।
खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास तो कर रहे हैं लेकिन उनको प्रतियोगिताएं नहीं मिल रहीं जिसमें वे प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन की बदौलत ही प्रदेश की टीम में उनका चयन होता है। एक दो प्रतियोगिताएं हो भी रही हैं उसमें एंट्री फीस इतनी ज्यादा है कि बहुत सी टीमें प्रतिभाग भी नहीं कर पातीं। यही वजह से कि शहर के बहुत सारे खिलाड़ी दूसरे प्रदेशों में जाकर अभ्यास करते हैं और वहां की टीम से खेलते हैं। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सफीक सिद्दीकी ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताएं कराई जाएंं। इंटर क्लब क्रिकेट लीग अभी चल रही है। इसके बाद एक टी-20 लीग की तैयारी है।
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बोले कोच...
मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अंतर्गत छह जिलों में ढाई हजार क्रिकेटर अभ्यास करते हैं। 35 से 40 क्लब इंटर क्लब क्रिकेट लीग में प्रतिभाग करते हैं। सभी क्लब व एकेडमी के पास हर एज ग्रुप के खिलाड़ी नहीं हैं जिसकी वजह से टीमें नहीं बन पाती हैं। कुल मिलाकर वही 10 क्लब हर प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं बाकी खिलाड़ी इससे वंचित रह जाते हैंं। एमसीए को इस पर विचार कर एक उचित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
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- दुर्गेश चौधरी, क्रिकेट कोच
शहर में प्रायोजकों की कमी है जिसकी वजह से बच्चों की क्रिकेट नहीं हो पाती है। जो भी क्रिकेट होती है उसके लिए आयोजकों को मोटी रकम देनी पड़ती है। तभी वह उसमें प्रतिभाग कर सकेंगे। यह संभव नहीं है कि हर प्रतियोगिता के लिए 20 से 25 हजार एंट्री फीस देकर बच्चे क्रिकेट खेलेंगे। अभिभावक भी पैसा देने से मना कर देते हैं।
- नीरज यादव, क्रिकेट कोच
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बोले खिलाड़ी...
हम लोग साल भर अभ्यास करते हैं लेकिन प्रतिभा दिखाने के लिए बहुत कम मौके मिलते हैं। गिनी-चुनी प्रतियोगिताएं होती हैं उसमें भी तीन से चार मैच मिलते हैं। प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़े तभी आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।
- अतुल यादव
गोरखपुर में अच्छी प्रतियोगिताएं बहुत कम होती हैं। इसकी वजह से हमारा अभ्यास नहीं हो पाता। एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताएं बढ़ें तो हमारे लिए आगे की राह थोड़ी आसान होगी।
- कृष्ण मणि त्रिपाठी
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खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास तो कर रहे हैं लेकिन उनको प्रतियोगिताएं नहीं मिल रहीं जिसमें वे प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन की बदौलत ही प्रदेश की टीम में उनका चयन होता है। एक दो प्रतियोगिताएं हो भी रही हैं उसमें एंट्री फीस इतनी ज्यादा है कि बहुत सी टीमें प्रतिभाग भी नहीं कर पातीं। यही वजह से कि शहर के बहुत सारे खिलाड़ी दूसरे प्रदेशों में जाकर अभ्यास करते हैं और वहां की टीम से खेलते हैं। मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सफीक सिद्दीकी ने कहा कि हमारी कोशिश रहती है ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिताएं कराई जाएंं। इंटर क्लब क्रिकेट लीग अभी चल रही है। इसके बाद एक टी-20 लीग की तैयारी है।
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बोले कोच...
मंडल क्रिकेट एसोसिएशन के अंतर्गत छह जिलों में ढाई हजार क्रिकेटर अभ्यास करते हैं। 35 से 40 क्लब इंटर क्लब क्रिकेट लीग में प्रतिभाग करते हैं। सभी क्लब व एकेडमी के पास हर एज ग्रुप के खिलाड़ी नहीं हैं जिसकी वजह से टीमें नहीं बन पाती हैं। कुल मिलाकर वही 10 क्लब हर प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं बाकी खिलाड़ी इससे वंचित रह जाते हैंं। एमसीए को इस पर विचार कर एक उचित निष्कर्ष निकालना चाहिए।
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- दुर्गेश चौधरी, क्रिकेट कोच
शहर में प्रायोजकों की कमी है जिसकी वजह से बच्चों की क्रिकेट नहीं हो पाती है। जो भी क्रिकेट होती है उसके लिए आयोजकों को मोटी रकम देनी पड़ती है। तभी वह उसमें प्रतिभाग कर सकेंगे। यह संभव नहीं है कि हर प्रतियोगिता के लिए 20 से 25 हजार एंट्री फीस देकर बच्चे क्रिकेट खेलेंगे। अभिभावक भी पैसा देने से मना कर देते हैं।
- नीरज यादव, क्रिकेट कोच
बोले खिलाड़ी...
हम लोग साल भर अभ्यास करते हैं लेकिन प्रतिभा दिखाने के लिए बहुत कम मौके मिलते हैं। गिनी-चुनी प्रतियोगिताएं होती हैं उसमें भी तीन से चार मैच मिलते हैं। प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़े तभी आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।
- अतुल यादव
गोरखपुर में अच्छी प्रतियोगिताएं बहुत कम होती हैं। इसकी वजह से हमारा अभ्यास नहीं हो पाता। एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताएं बढ़ें तो हमारे लिए आगे की राह थोड़ी आसान होगी।
- कृष्ण मणि त्रिपाठी