{"_id":"67881331680162729a09d1a3","slug":"gorakhpur-news-people-are-falling-ill-due-to-cold-and-hot-weather-now-rain-will-increase-the-problem-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-810738-2025-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: सर्द-गर्म मौसम से बीमार हो रहे लोग... अब बारिश बढ़ाएगी दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: सर्द-गर्म मौसम से बीमार हो रहे लोग... अब बारिश बढ़ाएगी दिक्कत
विज्ञापन
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बार-बार बदल रहा है मौसम
बुधवार को दिन का तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस, रात में 13 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान
18 जनवरी से फिर आएगा एक और चक्रवात, होगी बूंदाबांदी
गोरखपुर। हर दिन बदल रहे मौसम ने लोगों को बीमार बना दिया है। सर्द-गर्म के चलते सर्दी-जुकाम, बुखार से लगायत ब्लड प्रेशर व शुगर तक के मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ी हुई है। उम्मीद थी कि मकर संक्रांति के बाद राहत मिलेगी, लेकिन शनिवार को फिर आ रहे पश्चिमी विक्षोभ (चक्रवात) के चलते पूरे महीने सर्दी-गर्मी का असर बना रहेगा। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गाें की सेहत का विशेष ख्याल रखना होगा।
पंजाब और राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते पछुआ हवा में नमी बढ़ गई है। इसके अलावा हिमालय पर हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है। इस शीतलहर और बढ़ी हुई आर्द्रता से बुधवार को दिन का तापमान गिरकर 16.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं रात का तापमान अभी भी 13 डिग्री सेल्सियस पर है। बुधवार को पूरे दिन धूप नहीं निकली। 18 जनवरी से फिर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन का येलो अलर्ट व दो दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अभी अगले दो दिन तक तापमान में कमी के चलते सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। बता दें कि नए साल की शुरूआत चमकीली धूप से हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही मौसम खराब हो गया था। तब से हर दूसरे-तीसरे दिन धूप निकलने और फिर बादल छाने का सिलसिला चल रहा है। तापमान में उतार चढ़ाव के चलते बुखार और निमोनिया के मामले बढ़े हुए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके सुमन बता रहे हैं कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में कोल्ड डायरिया, निमोनिया, सर्दी-जुकाम के मामले अधिक आ रहे हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अमरेंद्र बताते हैं कि तापमान में तेजी से उतार चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस तरह के मौसम में सबसे अधिक दिक्कत शुगर, ब्लड प्रेशर और अस्थमा मरीजों को होती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो अपना ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराते। ऐसे लोग अचानक तापमान में उतार चढ़ाव के चलते लकवाग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा गठिया मरीजों के लिए कम होता तापमान अत्यधिक दर्द देता है। इसलिए जो लोग पहले से बीमार हैं, उन्हें नियमित दवा का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोग जिन्होंने अपना ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराया है वे चेक करा लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को दिन का तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस, रात में 13 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान
18 जनवरी से फिर आएगा एक और चक्रवात, होगी बूंदाबांदी
गोरखपुर। हर दिन बदल रहे मौसम ने लोगों को बीमार बना दिया है। सर्द-गर्म के चलते सर्दी-जुकाम, बुखार से लगायत ब्लड प्रेशर व शुगर तक के मरीजों की संख्या ओपीडी में बढ़ी हुई है। उम्मीद थी कि मकर संक्रांति के बाद राहत मिलेगी, लेकिन शनिवार को फिर आ रहे पश्चिमी विक्षोभ (चक्रवात) के चलते पूरे महीने सर्दी-गर्मी का असर बना रहेगा। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गाें की सेहत का विशेष ख्याल रखना होगा।
पंजाब और राजस्थान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते पछुआ हवा में नमी बढ़ गई है। इसके अलावा हिमालय पर हुई बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है। इस शीतलहर और बढ़ी हुई आर्द्रता से बुधवार को दिन का तापमान गिरकर 16.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं रात का तापमान अभी भी 13 डिग्री सेल्सियस पर है। बुधवार को पूरे दिन धूप नहीं निकली। 18 जनवरी से फिर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन का येलो अलर्ट व दो दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अभी अगले दो दिन तक तापमान में कमी के चलते सर्दी से राहत नहीं मिलेगी। बता दें कि नए साल की शुरूआत चमकीली धूप से हुई थी, लेकिन दो दिन बाद ही मौसम खराब हो गया था। तब से हर दूसरे-तीसरे दिन धूप निकलने और फिर बादल छाने का सिलसिला चल रहा है। तापमान में उतार चढ़ाव के चलते बुखार और निमोनिया के मामले बढ़े हुए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके सुमन बता रहे हैं कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में कोल्ड डायरिया, निमोनिया, सर्दी-जुकाम के मामले अधिक आ रहे हैं।
विज्ञापन
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अमरेंद्र बताते हैं कि तापमान में तेजी से उतार चढ़ाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इस तरह के मौसम में सबसे अधिक दिक्कत शुगर, ब्लड प्रेशर और अस्थमा मरीजों को होती है। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो अपना ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराते। ऐसे लोग अचानक तापमान में उतार चढ़ाव के चलते लकवाग्रस्त हो जाते हैं। इसके अलावा गठिया मरीजों के लिए कम होता तापमान अत्यधिक दर्द देता है। इसलिए जो लोग पहले से बीमार हैं, उन्हें नियमित दवा का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोग जिन्होंने अपना ब्लड प्रेशर चेक नहीं कराया है वे चेक करा लें।
विज्ञापन