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Gorakhpur News: एम्स में गंदगी से जूझे मरीज, इमरजेंसी के बाहर से कुर्सियां भी हटीं

Mon, 07 Jul 2025 01:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 07 Jul 2025 01:00 AM IST
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Gorakhpur News: Patients struggled with filth in AIIMS, chairs were also removed from outside the emergency
ओपीडी और बिल कलेक्शन एरिया में गंदगी से जूझते दिखे मरीज
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एम्स (गोरखपुर)। एम्स में शनिवार की दोपहर से लेकर रविवार की शाम तक ओपीडी, बिल कलेक्शन एरिया और वेटिंग जोन में साफ-सफाई न होने से मरीज और उनके परिजन गंदगी की समस्या से जूझते रहे। वहीं अब इमरजेंसी के बाहर लगी कुर्सियों को भी हटा दिया गया है, जिससे मरीजों को जमीन पर बैठकर अपने मरीज की देखभाल करनी पड़ रही है।

ओपीडी में पर्चा काउंटर, बिल जमा करने वाला क्षेत्र और आभा कार्ड पंजीकरण केंद्र पर हर रोज हजारों लोग आते-जाते हैं, लेकिन रविवार को पूरे परिसर में झाडू तक नहीं लगी। काउंटर नंबर-34 के पास शनिवार को बिजली उपकरणों की सफाई तो की गई, लेकिन गंदगी वहीं छोड़ दी गई। जहां सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और ब्लड कलेक्शन होता है, वहां वेटिंग एरिया में रखी तीन सीटों वाली कुर्सियों में से एक कुर्सी टूटी हुई है। ना इसे हटाया गया और ना ही मरम्मत कराई गई। मजबूर परिजन या तो खड़े रहते हैं या किसी तरह जुगाड़ से बैठते हैं।
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कुर्सियां हटने से फर्श पर बैठने को मजबूर परिजन
पादरी बाजार निवासी रमेश ने बताया कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि एम्स जैसे संस्थान में इतनी गंदगी मिलेगी। मरीजों का इलाज तो दूर, यहां तो बैठने और चलने की भी दिक्कत है। इमरजेंसी विभाग के बाहर पहले दर्जनों कुर्सियां थीं। अब कुर्सियां हटा दी गई हैं। बरसात और धूप के बीच मरीजों के साथ आए परिजन फर्श पर बैठने को मजबूर हैं। अपने मरीज को दिखाने आए महेश ने कहा कि डॉक्टर तो एयर कंडीशन्ड कमरे में हैं, लेकिन हम बाहर धूप और बारिश झेल रहे हैं। कम से कम बैठने की व्यवस्था तो होनी चाहिए।
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वर्जन
अस्पताल में गंदगी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं देखवाती हूं कि यह चूक क्यों हुई? इमरजेंसी में एक मरीज के साथ एक परिजन के रहने की व्यवस्था है। मरीज के साथ आए अन्य लोगों के लिए रैन बसेरा उपलब्ध है।
- डॉ. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स
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