फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: Patient mafia is active again, gangster is changing his name and carrying out his work at night

Gorakhpur News: मरीज माफिया फिर सक्रिय, रात में नाम बदल कर काम को अंजाम दे रहा गैंगस्टर

Sat, 17 May 2025 12:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 17 May 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: Patient mafia is active again, gangster is changing his name and carrying out his work at night
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक बार सक्रिय होने लगे मरीज माफिया
विज्ञापन

मरीज की खरीद फरोख्त में पहले पकड़े जा चुके दो आरोपियों पर गुलरिहा पुलिस ने लगाया था गैंगस्टर एक्ट

दोनों गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों ने फिर से शुरू किया अवैध धंधा, रात में दौड़ाने लगे मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर मरीज माफिया सक्रिय होने लगे हैं। पूर्व में पुलिस ने मरीज की खरीद फरोख्त करने के दो आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। अब दोनों आरोपी जेल से बाहर आ गए हैं। एक ने अपनी तीन एंबुलेंस चालकों के नाम पर ट्रांसफर कर दी है। जबकि दूसरे आरोपी ने दो एंबुलेंस अपने भाई के नाम पर कर दी है। बताया जा रहा है कि रात के अंधेरे में इस धंधे को अंजाम दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के मुताबिक, दोनों गैंगस्टर के आरोपियों ने एक बार फिर धंधा शुरू किया है। पहले 24 घंटे वह मेडिकल कॉलेज में ही जमे रहते थे। अब वे रात के अंधेरे में मरीजों की खरीद फरोख्त कर रहे हैं। दोनों काफी समय से इस धंधे में लगे हैं। इसलिए मेडिकल कॉलेज के आस-पास, बेतियाहाता, रामगढ़ताल, रुस्तमपुर के साथ ही लखनऊ के निजी हॉस्पिटलों में इनकी अच्छी जान पहचान है। वहां हर मरीज के बदले इन्हें मोटी रकम मिलती है। वहीं मेडिकल कॉलेज के अंदर पहले से ही कर्मचारियों से उनका अच्छा संबंध रहा है। मरीज के बदले कर्मचारियों को भी फायदा दिया जाता है। दोनों आरोपियों के सक्रिय होने की चर्चा पूरे मेडिकल कॉलेज में शुरू हो गई है। इसके बाद पुलिस भी एक बार फिर सक्रिय हुई है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, दोनों गैंगस्टर के आरोपियों पर पहले से काफी केस दर्ज हैं, इसलिए वे खुद मेडिकल कॉलेज के बाहर बैठकर यह धंधा चला रहे हैं। मरीज मिलते ही एंबुलेंस चालक इनके पास कॉल करते हैं, इसके बाद शहर के निजी हॉस्पिटलों में कॉल कर सौदा तय किया जाता है। सौदा तय होने मरीज माफिया एंबुलेंस चालक को उस हॉस्पिटल मरीज भेजते हैं। मरीज भर्ती करके एंबुलेंस चालक को वहीं पर पेमेंट कर दिया जाता है। जितनी गंभीर बीमारी होती है, उतनी ही मोटी रकम धंधेबाजों को मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



पुलिस पर हमला के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
पिछले वर्ष उच्चाधिकारियों के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने प्राइवेट एंबुलेंस चालकों पर शिकंजा कसना शुरू किया था। नौ जुलाई 2024 की रात एंबुलेंस माफिया मेडिकल काॅलेज के उत्तरी गेट पर पुलिस हमला कर भाग गए थे। इसके बाद ताबड़तोड़ प्राइवेट एंबुलेंस चालकों, संचालकों पर कार्रवाई शुरू हुई थी। इसके बाद कई मरीजों की खरीद फरोख्त करने वाले धंधेबाजों पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर जेल भिजवाया गया था। इसके बाद मरीज माफिया की सक्रियता कम हो गई थी। एक बार फिर वे सक्रिय होने लगे हैं, इस बात की भनक पुलिस को भी लग गई है। पुलिस रात के समय भी गस्त बढ़ा दी है।
----------------
कोट-
पुलिस टीम मेडिकल कॉलेज परिसर और बाहर दोनों ही जगहों पर निगरानी कर रही है। मरीजों के खरीद-फरोख्त की बात सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed