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Gorakhpur News: एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हड़कंप, मॉकड्रिल सुनकर यात्रियों को मिली राहत
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गोरखपुर। एयरपोर्ट पर अचानक बम की सूचना से हड़कंप मच गया। बृहस्पतिवार सुबह 10:30 बजे आगंतुक हॉल में बम की सूचना मिली। अफरा-तफरी के बीच यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस, सुरक्षा टीम, मेडिकल यूनिट, फायर ब्रिगेड और डॉग स्क्वॉड हरकत में आ गए। सभी यात्री हैरान परेशान थे, तभी उन्हें बताया गया कि सुरक्षा सतर्कता के तहत मॉकड्रिल की गई है। यह सुनकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। मॉकड्रिल के बाद यात्रियों और कर्मचारियों को एयरपोर्ट में प्रवेश की अनुमति दी गई।
सुबह 10:30 बजे एयरपोर्ट प्रशासन को आगंतुक हॉल के बाहर एक संदिग्ध बैग में बम होने की सूचना मिली। तुरंत बम थ्रेट रिव्यू कमेटी को जानकारी दी गई। महज 10 मिनट के भीतर यात्रियों और कर्मचारियों को एयरपोर्ट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान एयरपोर्ट सुरक्षा यूनिट (एपीएसयू), भारतीय वायुसेना की डॉग स्क्वॉड और बीडीडीएस टीम ने मौके पर पहुंचकर बैग की जांच की। 10:40 बजे बीडीडीएस टीम ने बैग की जांच शुरू की। हालांकि इसके पहले सुनिश्चित कर दिया कि बैग में केवल एक डमी है। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित किया गया।
40 मिनट की मॉकड्रिल में परखी सुरक्षा व्यवस्था
एयरपोर्ट प्रशासन ने 40 मिनट तक मॉकड्रिल की प्रक्रिया चली। एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि सुरक्षा की तैयारियों को जांचने और आपात स्थिति से निपटने की प्रक्रिया को परखने के लिए हर साल मॉकड्रिल की जाती है। यह नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के तहत की गई थी। इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बीच तालमेल देखने को मिला। मौके पर प्रचालन प्रभारी विजय कुमार कौशल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, वायुसेना की टीम, जिला अग्निशमन अधिकारी जेजे सिंह और चिकित्सा सेवाओं की टीम मौजूद रही। सभी ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया।
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सुबह 10:30 बजे एयरपोर्ट प्रशासन को आगंतुक हॉल के बाहर एक संदिग्ध बैग में बम होने की सूचना मिली। तुरंत बम थ्रेट रिव्यू कमेटी को जानकारी दी गई। महज 10 मिनट के भीतर यात्रियों और कर्मचारियों को एयरपोर्ट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान एयरपोर्ट सुरक्षा यूनिट (एपीएसयू), भारतीय वायुसेना की डॉग स्क्वॉड और बीडीडीएस टीम ने मौके पर पहुंचकर बैग की जांच की। 10:40 बजे बीडीडीएस टीम ने बैग की जांच शुरू की। हालांकि इसके पहले सुनिश्चित कर दिया कि बैग में केवल एक डमी है। इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित घोषित किया गया।
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40 मिनट की मॉकड्रिल में परखी सुरक्षा व्यवस्था
एयरपोर्ट प्रशासन ने 40 मिनट तक मॉकड्रिल की प्रक्रिया चली। एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि सुरक्षा की तैयारियों को जांचने और आपात स्थिति से निपटने की प्रक्रिया को परखने के लिए हर साल मॉकड्रिल की जाती है। यह नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के दिशा-निर्देशों के तहत की गई थी। इस दौरान एयरपोर्ट प्रशासन, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बीच तालमेल देखने को मिला। मौके पर प्रचालन प्रभारी विजय कुमार कौशल, मुख्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, वायुसेना की टीम, जिला अग्निशमन अधिकारी जेजे सिंह और चिकित्सा सेवाओं की टीम मौजूद रही। सभी ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया।
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