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Gorakhpur News: ढूंढे नहीं मिल रहे 4.72 लाख भूखंडों के मालिक...तलाश में जुटे लेखपाल
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गोरखपुर। रियल टाइम खतौनी में अंश निर्धारण के काम में जुटे राजस्वकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले में जमीनों के 4.72 ऐसे गाटा हैं, जिनमें स्वामित्व का नाम तो दर्ज है पर जिनकी जमीनें हैं, उनका पूरा ब्योरा नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते खतौनी अपडेट नहीं हो पा रही है। अब लेखपाल अपने हलके में ऐसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। सबसे ज्यादा सदर तहसील में करीब 1.51 लाख गाटा हैं। इनमें ज्यादातर लोगों ने प्लाॅटिंग वाली जमीनें खरीदी हैं।
सदर तहसील में मंगलवार को कुछ लोग खतौनी में अंश निर्धारण कब होगा, इसकी जानकारी लेने पहुंचे थे। सूरज और कमलेश ने कहा कि खतौनी में उनकी जमीन का हिस्सा ही नहीं दिख रहा है। लेखपाल ने उनका गाटा संख्या पूछा फिर कंप्यूटर पर चेक किया। बताया-आपके गाटा संख्या में 12 हिस्सेदार हैं। पांच लोगाें की ही पूरी जानकारी है, जब तक सभी का ब्योरा नहीं मिलेगा साफ्टवेयर उठाएगा ही नहीं। अब बताइए हम क्या करें। इसी बीच एक अधिवक्ता भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि यह सब तो दो महीने से देख रहा हूं। यह तो आपके सिस्टम का फेल है जनता तो परेशान है।
रियल टाइम खतौनी में प्रत्येक गाटा संख्या में जितनी जमीनें हैं, सबका अंश निर्धारण किया जाना है। जिले में कुल 3303 गांवों की खतौनी को अपडेट करना है। इनमें कुल 1660106 गाटा संख्या है। प्रत्येक गाटा संख्या में 10 से 15 खातेदार हैं। साफ्टवेयर भी ऐसा है कि अगर एक गाटा में सभी खातेदारों का नाम दर्ज नहीं होगा तो खतौनी अपडेट ही नहीं हो पाएगी। सबसे ज्यादा सदर तहसील में 151,294 गाटा नंबर हैं, जिनका अंश निर्धारण लटक गया है और सबसे कम चौरीचौरा में 42091 गाटा नंबर हैं।
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शहर से सटे जमीनों की हो गई प्लाॅटिंग, खरीदने वालों का पता नहीं
शहर से सटे करीब 20 किमी के दायरे में जमीनों की प्लाटिंग खूब हुई है। बहुत सारे लोगाें ने निवेश के मकसद से जमीनें खरीद कर छोड़ दी हैं। अब उनके बारे में पता ही नहीं है कि वे कहां हैं। तहसीलों में उनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। बड़गो, सेंदुली-बेंदुली, चिउटीजाम, ताल कंदला, खोराबार, झुगियां, मेडिकल रोड, मोतीराम अड्डा, पिपराइच रोड, नौसड़ आदि इलाके में प्लाॅटिंग की जमीनें लोगों ने ज्यादा खरीदी हैं। अब राजस्वकर्मी प्लाटिंग करने वालों से संपर्क साध रहे हैं कि जमीनों के मालिक का पता चल जाए तो उनका ब्योरा जुटाएं।
राजस्व परिषद को साफ्टवेयर में बदलाव का सुझाव भेजा
राजस्व विभाग की ओर से साफ्टवेयर में बदलाव का सुझाव भेजा गया है। तहसीलदार ने पत्र लिखकर कहा है कि एक गाटा नंबर में अगर कई खातेदार हैं तो जिनका ब्योरा पता चल जा रहा है, उनकी हिस्सेदारी दर्ज होनी चाहिए। इसके लिए साफ्टवेयर में अगर बदलाव हो जाए तो बहुत सारे लोगों की खतौनी रियल टाइम हो जाएगी। तहसीलदार सदर ध्रुवेश कुमार सिंह ने बताया कि अंशधारक का पता न चल पाने से खतौनी में अंश निर्धारण करने में दिक्कत आ रही है।
वर्जन
खतौनी में शत प्रतिशत अंश निर्धारण का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। लगातार इसकी माॅनीटरिंग हो रही है।
-कृष्णा करुणेश, डीएम
केस एक
चिउंटीजाम ग्राम पंचायत में पांच डिसमिल जमीन खरीदने वाले राजेश कुमार ने खतौनी निकलवाई तो उनका नाम तो दर्ज है, जमीन की हिस्सेदारी की जगह शून्य लिखा है। उन्होंने तहसील में जाकर पता किया तो बताया गया कि अंश निर्धारण का काम अभी प्रक्रिया में है। कुछ दिनों तक इंतजार करें।
केस दो
पादरी बाजार के ईस्टर्नपुर निवासी नवीन कुमार ने जमीन खरीदी। वह परेशान हैं कि खतौनी में उनके नाम का हिस्सा ही दर्ज नहीं है। नवीन का कहना है कि ऐसी रियल टाइम खतौनी का क्या मतलब, जिसमें सारा डेटा तो पुराने ही जैसा है।
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तहसीलवार अंश निर्धारण की स्थिति
तहसील कुल गाटा अब तक हुए रह गए अंश
कैंपियरगंज 199813 155506 44307
खजनी 241361 173140 68221
गोला 241012 168164 72848
चौरीचौरा 169078 126987 42091
बांसगांव 193872 144487 49385
सदर 429847 278553 151294
सहजनवां 185123 141229 43894
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सदर तहसील में मंगलवार को कुछ लोग खतौनी में अंश निर्धारण कब होगा, इसकी जानकारी लेने पहुंचे थे। सूरज और कमलेश ने कहा कि खतौनी में उनकी जमीन का हिस्सा ही नहीं दिख रहा है। लेखपाल ने उनका गाटा संख्या पूछा फिर कंप्यूटर पर चेक किया। बताया-आपके गाटा संख्या में 12 हिस्सेदार हैं। पांच लोगाें की ही पूरी जानकारी है, जब तक सभी का ब्योरा नहीं मिलेगा साफ्टवेयर उठाएगा ही नहीं। अब बताइए हम क्या करें। इसी बीच एक अधिवक्ता भी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि यह सब तो दो महीने से देख रहा हूं। यह तो आपके सिस्टम का फेल है जनता तो परेशान है।
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रियल टाइम खतौनी में प्रत्येक गाटा संख्या में जितनी जमीनें हैं, सबका अंश निर्धारण किया जाना है। जिले में कुल 3303 गांवों की खतौनी को अपडेट करना है। इनमें कुल 1660106 गाटा संख्या है। प्रत्येक गाटा संख्या में 10 से 15 खातेदार हैं। साफ्टवेयर भी ऐसा है कि अगर एक गाटा में सभी खातेदारों का नाम दर्ज नहीं होगा तो खतौनी अपडेट ही नहीं हो पाएगी। सबसे ज्यादा सदर तहसील में 151,294 गाटा नंबर हैं, जिनका अंश निर्धारण लटक गया है और सबसे कम चौरीचौरा में 42091 गाटा नंबर हैं।
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शहर से सटे जमीनों की हो गई प्लाॅटिंग, खरीदने वालों का पता नहीं
शहर से सटे करीब 20 किमी के दायरे में जमीनों की प्लाटिंग खूब हुई है। बहुत सारे लोगाें ने निवेश के मकसद से जमीनें खरीद कर छोड़ दी हैं। अब उनके बारे में पता ही नहीं है कि वे कहां हैं। तहसीलों में उनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। बड़गो, सेंदुली-बेंदुली, चिउटीजाम, ताल कंदला, खोराबार, झुगियां, मेडिकल रोड, मोतीराम अड्डा, पिपराइच रोड, नौसड़ आदि इलाके में प्लाॅटिंग की जमीनें लोगों ने ज्यादा खरीदी हैं। अब राजस्वकर्मी प्लाटिंग करने वालों से संपर्क साध रहे हैं कि जमीनों के मालिक का पता चल जाए तो उनका ब्योरा जुटाएं।
राजस्व परिषद को साफ्टवेयर में बदलाव का सुझाव भेजा
राजस्व विभाग की ओर से साफ्टवेयर में बदलाव का सुझाव भेजा गया है। तहसीलदार ने पत्र लिखकर कहा है कि एक गाटा नंबर में अगर कई खातेदार हैं तो जिनका ब्योरा पता चल जा रहा है, उनकी हिस्सेदारी दर्ज होनी चाहिए। इसके लिए साफ्टवेयर में अगर बदलाव हो जाए तो बहुत सारे लोगों की खतौनी रियल टाइम हो जाएगी। तहसीलदार सदर ध्रुवेश कुमार सिंह ने बताया कि अंशधारक का पता न चल पाने से खतौनी में अंश निर्धारण करने में दिक्कत आ रही है।
वर्जन
खतौनी में शत प्रतिशत अंश निर्धारण का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। लगातार इसकी माॅनीटरिंग हो रही है।
-कृष्णा करुणेश, डीएम
केस एक
चिउंटीजाम ग्राम पंचायत में पांच डिसमिल जमीन खरीदने वाले राजेश कुमार ने खतौनी निकलवाई तो उनका नाम तो दर्ज है, जमीन की हिस्सेदारी की जगह शून्य लिखा है। उन्होंने तहसील में जाकर पता किया तो बताया गया कि अंश निर्धारण का काम अभी प्रक्रिया में है। कुछ दिनों तक इंतजार करें।
केस दो
पादरी बाजार के ईस्टर्नपुर निवासी नवीन कुमार ने जमीन खरीदी। वह परेशान हैं कि खतौनी में उनके नाम का हिस्सा ही दर्ज नहीं है। नवीन का कहना है कि ऐसी रियल टाइम खतौनी का क्या मतलब, जिसमें सारा डेटा तो पुराने ही जैसा है।
तहसीलवार अंश निर्धारण की स्थिति
तहसील कुल गाटा अब तक हुए रह गए अंश
कैंपियरगंज 199813 155506 44307
खजनी 241361 173140 68221
गोला 241012 168164 72848
चौरीचौरा 169078 126987 42091
बांसगांव 193872 144487 49385
सदर 429847 278553 151294
सहजनवां 185123 141229 43894