फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur News: One nursing home in the city and three in Sant Kabir Nagar are on the police radar

Gorakhpur News: शहर के एक और संतकबीरनगर के तीन नर्सिंग होम पुलिस की रडार पर

Sat, 13 Sep 2025 01:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:42 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur News: One nursing home in the city and three in Sant Kabir Nagar are on the police radar
इंश्योरेंस ठगी: पुलिस की टीमें आज करेंगी दस्तावेजों के साथ डॉक्टर व संचालकों से पूछताछ
विज्ञापन

डिसेंट अस्पताल के अकाउंट के प्राथमिक जांच में मिला 20 करोड़ से अधिक का लेन-देन
बीमा कंपनियों को फर्जीवाड़े के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए किया गया ई-मेल
गोरखपुर। 1.20 करोड़ रुपये के इंश्योरेंस ठगी के मामले की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सिर्फ डिसेंट अस्पताल ही नहीं, बल्कि शहर के एक और संतकबीरनगर के तीन नर्सिंग होम भी संदिग्ध लेन-देन और फर्जी क्लेम से जुड़े हैं। इन सभी पर पुलिस की निगाहें टिकी हुई हैं। शनिवार को जांच टीम इन संस्थानों से जुड़े दस्तावेजों को खंगालेगी और संचालकों व डॉक्टरों से पूछताछ करेगी।

डिसेंट अस्पताल के बैंक अकाउंट की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को यहां 20 करोड़ से अधिक का लेन-देन मिला है। यह रकम पिछले कुछ वर्षों में आई-गई है जिसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस को संदेह है कि बीमा कंपनियों को गुमराह कर मरीजों की फर्जी फाइल बनाकर करोड़ों रुपये का क्लेम निपटाया गया है। जांच अधिकारी अब लेन-देन के स्रोत और खर्च का ब्योरा खंगालने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

पुलिस के हाथ ऐसे सबूत लगे हैं जिनसे पता चलता है कि बीमा कंपनियों को ठगने के लिए अस्पताल से सीधे ई-मेल पर फर्जी दस्तावेज भेजे जाते थे। इनमें मरीजों के नाम, बीमारी, इलाज और ऑपरेशन की झूठी रिपोर्ट शामिल होती थी। बीमा कंपनियों को अस्पताल के लेटरहेड और डॉक्टरों के हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी भेजकर भरोसा दिलाया जाता था। इस कड़ी में पकड़े गए डॉक्टर और मैनेजर ने कई अहम राज खोले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



संदिग्धों की सूची तैयार, आज होगी पूछताछ
शुक्रवार देर रात तक रामगढ़ताल पुलिस ने संदिग्ध अस्पतालों की सूची तैयार कर ली थी। शनिवार को शहर के एक बड़े निजी अस्पताल और संतकबीरनगर के तीन नर्सिंग होम के संचालकों और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिनके दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है। बीमा कंपनियों को ठगकर न केवल करोड़ों रुपये हड़पे गए हैं बल्कि चिकित्सा सेवाओं पर भी सवाल खड़े हुए हैं। इस पूरे नेटवर्क में और भी अस्पताल व एजेंट जुड़े हो सकते हैं। पुलिस साइबर सेल मदद से लेन-देन की जांच कर रही है।


पूछताछ के बाद कई बड़े नामों पर होगी कार्रवाई

जेल भेजे जाने से पूर्व डॉ. अफजल अंसारी और अस्पताल के मैनेजर गेंहुआसागर निवासी ताहिर खान से पूछताछ में कई अनियमितताओं और संदिग्ध दस्तावेजों की पुष्टि हुई है। सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में कई बड़े नामों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर सकती है। जांच में यह बात सामने आई है कि ठगी का पूरा खेल बीमा एजेंटों, अस्पताल प्रबंधन और फर्जी डॉक्टरों की मिलीभगत से चलता था। एजेंट मरीजों के नाम और पॉलिसी डिटेल जुटाकर अस्पतालों को उपलब्ध कराते थे। वहीं, अस्पताल प्रबंधन कागजों पर इलाज और ऑपरेशन की कहानी गढ़कर बीमा कंपनियों को भेज देते थे। पुलिस अब ऐसे एजेंटों की लिस्ट तैयार कर रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

--
वर्जन

रामगढ़ताल थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कई अहम सबूत जुटा लिए हैं। जिन संचालकों और डॉक्टरों के खिलाफ ठोस सबूत मिलेंगे, उन्हें गिरफ्तार कर जेल भिजवाया जाएगा। फर्जीवाड़ा सिर्फ 1.20 करोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि 100 करोड़ों रुपये से अधिक भी हो सकता है।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed