{"_id":"68c47e710c6bd841c5098a07","slug":"gorakhpur-news-officers-will-receive-an-sms-as-soon-as-water-level-in-train-coaches-goes-down-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1068716-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ट्रेनों के कोच में पानी कम होते ही अफसरों के पास आएगा एसएमएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ट्रेनों के कोच में पानी कम होते ही अफसरों के पास आएगा एसएमएस
विज्ञापन
एनईआर के सभी ट्रेनाें के कोच में एआई आधारित हाइड्रोस्टेटिक वाटर लेवल सेंसर लगाने की तैयारी
कोच में पानी कम होते ही अगले स्टेशन पर भरा जाएगा, यात्रियों को मिलेगी राहत
गोरखपुर। अब लंबी दूरी की ट्रेनों के कोच में पानी की कमी नहीं होने पाएगी। एनईआर के सभी ट्रेनों के कोच में एआई तकनीक पर आधारित हाइड्रोस्टेटिक वाटर लेवल सेंसर लगाया जाएगा। जैसे ही टैंक में पानी कम होगा, सुपरवाइजर और अधिकारियों के मोबाइल फोन पर मैसेज आने लगेगा। अगले स्टेशन पर कोच में पानी भर दिया जाएगा। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
ट्रेनों के कोच में अक्सर पानी खत्म होने से यात्रियों को परेशानी होती है। यात्रियों के शिकायत पर ही रेलवे प्रशासन को पानी नहीं होने की जानकारी मिलती है। एआई तकनीक आधारित हाइड्रोस्टेटिक वाटर लेवल सेंसर लगाने के बाद कोच के वाटर टैंक में 70 प्रतिशत पानी कम होते ही रेलवे के अधिकारियों को एसएमएस पहुंच जाएगा। सेंसर में जिम्मेदार अधिकारियों का मोबाइल नंबर फीड रहेगा।
यह सेंसर पानी के प्रेशर के माध्यम से लाइटों (बत्ती) को सिग्नल भेजता है। सिग्नल से संबंधित लाइट की बत्ती जल जाएगी और टैंक में पानी की वर्तमान स्थिति का पता चल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोच में पानी कम होते ही अगले स्टेशन पर भरा जाएगा, यात्रियों को मिलेगी राहत
गोरखपुर। अब लंबी दूरी की ट्रेनों के कोच में पानी की कमी नहीं होने पाएगी। एनईआर के सभी ट्रेनों के कोच में एआई तकनीक पर आधारित हाइड्रोस्टेटिक वाटर लेवल सेंसर लगाया जाएगा। जैसे ही टैंक में पानी कम होगा, सुपरवाइजर और अधिकारियों के मोबाइल फोन पर मैसेज आने लगेगा। अगले स्टेशन पर कोच में पानी भर दिया जाएगा। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
ट्रेनों के कोच में अक्सर पानी खत्म होने से यात्रियों को परेशानी होती है। यात्रियों के शिकायत पर ही रेलवे प्रशासन को पानी नहीं होने की जानकारी मिलती है। एआई तकनीक आधारित हाइड्रोस्टेटिक वाटर लेवल सेंसर लगाने के बाद कोच के वाटर टैंक में 70 प्रतिशत पानी कम होते ही रेलवे के अधिकारियों को एसएमएस पहुंच जाएगा। सेंसर में जिम्मेदार अधिकारियों का मोबाइल नंबर फीड रहेगा।
विज्ञापन
यह सेंसर पानी के प्रेशर के माध्यम से लाइटों (बत्ती) को सिग्नल भेजता है। सिग्नल से संबंधित लाइट की बत्ती जल जाएगी और टैंक में पानी की वर्तमान स्थिति का पता चल सकेगा।
विज्ञापन