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Gorakhpur News: एम्स में अब पत्र धमाका......डॉ. गौरव ने बताया साजिश, दी तहरीर
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गोरखपुर। एम्स में उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नया बखेड़ा एक पत्र को लेकर खड़ा हो गया है, जिस पर डॉ. गौरव गुप्ता और उनकी पत्नी डॉ. संगीता गुप्ता का नाम है, लेकिन डॉक्टर दंपती ने इस पत्र से खुद को अलग करते हुए इसे किसी की साजिश करार दिया है। डॉक्टर दंपती ने पुलिस से केस दर्ज कर प्रकरण के जांच की मांग की है। वहीं कार्यकारी निदेशक ने पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जताते हुए जांच और कार्रवाई की बात कही है।
सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. गौरव गुप्ता ने ही सबसे पहले एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के बेटे के जाति प्रमाणपत्र का प्रकरण उठाया था। इनका प्रकरण चल ही रहा था, तब तक डॉ. कुमार सतीश रवि का प्रकरण चर्चा में आने के बाद इनका मामला ठंडा पड़ने लगा था। इस बीच रविवार को फिर डॉ. गौरव गुप्ता चर्चा में आ गए। डॉ. गौरव ने बताया कि उन्हें एम्स पटना के एक पुराने साथी ने फोन कर बताया कि एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें तमाम आपत्तिजनक बातें लिखी हैं और नीचे उनका व पत्नी का नाम दर्ज है। इसकी जानकारी होने पर पता लगाया। पति-पत्नी को बदनाम करने की नीयत से किसी ने इस तरह के आपत्तिजनक पत्र को वायरल कराया है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, जो भी इसका दोषी है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
एम्स थाने के इंस्पेक्टर रणधीर मिश्र का कहना है कि डॉक्टर की तरफ से एक शिकायती पत्र दिया गया है, जिसमें एक वायरल पत्र का जिक्र करते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की गई है। प्रकरण की जांच शुरू करा दी गई है।
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वहीं कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल का कहना है कि इस प्रकरण की अभी जानकारी नहीं है। मैं अभी पटना हूं, गोरखपुर से इसकी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। जांचकर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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डॉ. सतीश रवि के प्रकरण पर भी मांगी जानकारी
कार्यमुक्ति के आदेश के तीन दिन भी डॉ. कुमार सतीश रवि अभी एम्स से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। इनके चैंबर पर नेमप्लेट भी अभी यथावत है। सोमवार को उनके एम्स परिसर में आने की दिन भर चर्चा रही। देर शाम कार्यकारी निदेशक ने इस पर डिप्टी डायरेक्टर से जानकारी मांगी। कार्यकारी निदेशक ने बताया कि कार्यमुक्ति के संबंध में जानकारी मांगी गई है। नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।
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सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. गौरव गुप्ता ने ही सबसे पहले एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पाल के बेटे के जाति प्रमाणपत्र का प्रकरण उठाया था। इनका प्रकरण चल ही रहा था, तब तक डॉ. कुमार सतीश रवि का प्रकरण चर्चा में आने के बाद इनका मामला ठंडा पड़ने लगा था। इस बीच रविवार को फिर डॉ. गौरव गुप्ता चर्चा में आ गए। डॉ. गौरव ने बताया कि उन्हें एम्स पटना के एक पुराने साथी ने फोन कर बताया कि एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें तमाम आपत्तिजनक बातें लिखी हैं और नीचे उनका व पत्नी का नाम दर्ज है। इसकी जानकारी होने पर पता लगाया। पति-पत्नी को बदनाम करने की नीयत से किसी ने इस तरह के आपत्तिजनक पत्र को वायरल कराया है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, जो भी इसका दोषी है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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एम्स थाने के इंस्पेक्टर रणधीर मिश्र का कहना है कि डॉक्टर की तरफ से एक शिकायती पत्र दिया गया है, जिसमें एक वायरल पत्र का जिक्र करते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की गई है। प्रकरण की जांच शुरू करा दी गई है।
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वहीं कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल का कहना है कि इस प्रकरण की अभी जानकारी नहीं है। मैं अभी पटना हूं, गोरखपुर से इसकी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। जांचकर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
डॉ. सतीश रवि के प्रकरण पर भी मांगी जानकारी
कार्यमुक्ति के आदेश के तीन दिन भी डॉ. कुमार सतीश रवि अभी एम्स से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। इनके चैंबर पर नेमप्लेट भी अभी यथावत है। सोमवार को उनके एम्स परिसर में आने की दिन भर चर्चा रही। देर शाम कार्यकारी निदेशक ने इस पर डिप्टी डायरेक्टर से जानकारी मांगी। कार्यकारी निदेशक ने बताया कि कार्यमुक्ति के संबंध में जानकारी मांगी गई है। नियमानुसार कार्रवाई चल रही है।