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Gorakhpur News: निलंबित पुलिसकर्मियों के गृह जनपद स्थित घर पर भेजा गया गैर हाजिरी की नोटिस

Wed, 27 Aug 2025 12:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 12:54 AM IST
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Gorakhpur News: Notice of absence sent to the home of suspended policemen in their home district
आज मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच के लिए मध्य प्रदेश रवाना होगी पुलिस की टीम
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राजस्थान से आए युवक से लूटपाट के मामले में निलंबित किए गए थे पुलिस कर्मी
गोरखपुर। राजस्थान से आए रविशंकर से जेल भेजने के नाम पर 90 हजार रुपये लूट की गुत्थी अब तक पुलिस नहीं सुलझा पाई है। संदेह के घेरे में आए चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। निलंबन के 20 दिन बाद भी पुलिस लाइंस में आमद न कराने पर सभी पुलिसकर्मियों के गृह जनपद स्थित घर पर गैर हाजिरी का नोटिस भेजा गया है। वहीं पुलिस कर्मियों की ओर से दिए गए मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच के लिए बुधवार को पुलिस टीम मध्य प्रदेश जाएगी।
दरअसल, लूट की घटना के अगले ही दिन बदमाशों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये और वसूलने की कोशिश की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की। जब केस दर्ज हुआ तो सामने आया कि खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर पुलिसकर्मियों के लूट करने मिलीभगत की आशंका सामने आई। यही वजह रही कि नौसड़ चौकी प्रभारी रहे शुभम श्रीवास्तव, महिला दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
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पूछताछ व जांच होने पर तीन पुलिसकर्मी बिना अनुमति के जीडी में किशोरी को बरामद करने का तथ्य दर्ज कर मुंबई चले गए थे। निलंबन के बाद उन्होंने 12 से 22 अगस्त तक के लिए मेडिकल भेजा, लेकिन मेडिकल की मियाद खत्म होने के बावजूद अब तक पुलिस लाइंस में आमद नहीं कराया।
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सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने अब उनके मूल पते पर नोटिस भेजा है और गैरहाजिर रहने की वजह पूछी है। इसके अलावा इंदौर के जिस डाक्टर से निलंबित पुलिसकर्मियों ने मेडिकल बनवाकर भेजा था, उसका भी सत्यापन कराया जाएगा। विभाग यह जानना चाहता है कि मेडिकल सही है या सिर्फ जांच से बचने का बहाना।
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