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Gorakhpur News: गुजरात की महिला के संपर्क में कैसे आया बैंकाॅक का कारोबारी, एनआईए कर रही जांच
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शनिवार भोर में खजनी थाना क्षेत्र के रावतदाड़ी गांव और शहर के तारामंडल इलाके में छापा मारकर जुटाई जानकारी
गोरखपुर। बैंकॉक का कारोबारी पन्ना यादव गुजरात की एक महिला के संपर्क में था। उसके बैंक खाते में पैसे का लेन-देन हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पता लगा रही हैकि कारोबारी और गुजरात की महिला के बीच कब से संबंध है। इसके लिए खजनी इलाके के गांव रावतदाड़ी और शहर के रामगढ़ताल स्थित घर पर शनिवार भोर में एनआईए ने छापा मारकर आठ घंटे तक जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए।
जानकारी के मुताबिक, पन्ना यादव के बेटे अमन के बैंक खाते से चार जनवरी को गुजरात की रहने वाली अनीता देवी के खाते में 15 हजार रुपये भेजे गए थे। एनआईए उसी ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ करने आई थी। अमन ने बताया कि वह चाय की दुकान पर बैठा था तभी कोई आया और कहा कि खाते में रुपये हों तो इस अकाउंट में भेज दीजिए। बदले में वह कैश दे देगा। अमन ने दस हजार रुपये अपने खाते से तो वहीं पांच हजार रुपये उसकी बहन शिवानी ने अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए थे।
हालांकि एनआईए इस बात को मानने को तैयार नहीं है। टीम को शक है कि पन्ना यादव के कहने पर ही यह ट्रांजेक्शन हुए हैं। बताया जा रहा है कि मामले में केस भी दर्ज किया गया है। टीम ने मोबाइल का एक्सेस भी लिया है। उसी के आधार पर उसका डेटा खंगालने में टीम जुटी हुई थी। छापा का नेतृत्व लखनऊ से आई एनआईए की विशेष टीम ने किया, जिसके प्रमुख राजेश कुमार पांडेय थे।
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उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह सहित स्थानीय पुलिस मौजूद थी। सुबह चार बजे शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह 12:30 बजे तक चली।
परिवार ने लगाया आरोप
पन्ना यादव के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया को बताया कि एनआईए की कार्रवाई के दौरान उनकी नाबालिग बेटी पर बल प्रयोग किया गया। इसके अलावा, घर में मौजूद महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ। दीपक ने दावा किया कि आठ घंटे की कड़ी पूछताछ के बावजूद एनआईए को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। थाईलैंड के कारोबारी पन्ना यादव के बड़े बेटे अमन यादव ने भी परिवार पर हुए कथित उत्पीड़न की शिकायत की।
पांच भाई है पन्ना यादव
रावतदाड़ी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पन्ना यादव पांच भाई हैं। इसमें सबसे बड़े भाई सुदामा यादव की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सुदर्शन यादव और मुन्नी लाल हैं। वर्ष 1993 से पन्ना यादव बैंकाॅक रहकर कारोबार कर रहा है। जनवरी माह में कुंभ पर्व के दौरान वह गोरखपुर आया था। कुछ दिन रहकर वह वापस चला गया था। गांव में पन्ना का भतीजा दीपक कुमार यादव अपने परिवार साथ रहते हैं, बड़े भाई मुन्नीलाल गांव में पशुओं की देख-रेख करते हैं। वह पूर्व में प्रधान भी रह चुके हैं। बैंकॉक जाने के बाद पूरे परिवार का रहने का तरीका बदल गया। शहर वाले घर पर लक्जरी गाड़ियां भी हैं।
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गोरखपुर। बैंकॉक का कारोबारी पन्ना यादव गुजरात की एक महिला के संपर्क में था। उसके बैंक खाते में पैसे का लेन-देन हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पता लगा रही हैकि कारोबारी और गुजरात की महिला के बीच कब से संबंध है। इसके लिए खजनी इलाके के गांव रावतदाड़ी और शहर के रामगढ़ताल स्थित घर पर शनिवार भोर में एनआईए ने छापा मारकर आठ घंटे तक जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए।
जानकारी के मुताबिक, पन्ना यादव के बेटे अमन के बैंक खाते से चार जनवरी को गुजरात की रहने वाली अनीता देवी के खाते में 15 हजार रुपये भेजे गए थे। एनआईए उसी ट्रांजेक्शन के बारे में पूछताछ करने आई थी। अमन ने बताया कि वह चाय की दुकान पर बैठा था तभी कोई आया और कहा कि खाते में रुपये हों तो इस अकाउंट में भेज दीजिए। बदले में वह कैश दे देगा। अमन ने दस हजार रुपये अपने खाते से तो वहीं पांच हजार रुपये उसकी बहन शिवानी ने अपने खाते से ट्रांसफर कर दिए थे।
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हालांकि एनआईए इस बात को मानने को तैयार नहीं है। टीम को शक है कि पन्ना यादव के कहने पर ही यह ट्रांजेक्शन हुए हैं। बताया जा रहा है कि मामले में केस भी दर्ज किया गया है। टीम ने मोबाइल का एक्सेस भी लिया है। उसी के आधार पर उसका डेटा खंगालने में टीम जुटी हुई थी। छापा का नेतृत्व लखनऊ से आई एनआईए की विशेष टीम ने किया, जिसके प्रमुख राजेश कुमार पांडेय थे।
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उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और खजनी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह सहित स्थानीय पुलिस मौजूद थी। सुबह चार बजे शुरू हुई यह कार्रवाई सुबह 12:30 बजे तक चली।
परिवार ने लगाया आरोप
पन्ना यादव के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया को बताया कि एनआईए की कार्रवाई के दौरान उनकी नाबालिग बेटी पर बल प्रयोग किया गया। इसके अलावा, घर में मौजूद महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ। दीपक ने दावा किया कि आठ घंटे की कड़ी पूछताछ के बावजूद एनआईए को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। थाईलैंड के कारोबारी पन्ना यादव के बड़े बेटे अमन यादव ने भी परिवार पर हुए कथित उत्पीड़न की शिकायत की।
पांच भाई है पन्ना यादव
रावतदाड़ी गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पन्ना यादव पांच भाई हैं। इसमें सबसे बड़े भाई सुदामा यादव की मौत हो चुकी है। इसके अलावा सुदर्शन यादव और मुन्नी लाल हैं। वर्ष 1993 से पन्ना यादव बैंकाॅक रहकर कारोबार कर रहा है। जनवरी माह में कुंभ पर्व के दौरान वह गोरखपुर आया था। कुछ दिन रहकर वह वापस चला गया था। गांव में पन्ना का भतीजा दीपक कुमार यादव अपने परिवार साथ रहते हैं, बड़े भाई मुन्नीलाल गांव में पशुओं की देख-रेख करते हैं। वह पूर्व में प्रधान भी रह चुके हैं। बैंकॉक जाने के बाद पूरे परिवार का रहने का तरीका बदल गया। शहर वाले घर पर लक्जरी गाड़ियां भी हैं।