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Gorakhpur News: रजिस्ट्री के दौरान ही होगा दाखिल-खारिज...सर्वर पर शुरू हुआ काम
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स्टांप एवं पंजीयन और राजस्व परिषद की वेबसाइट होगी आपस में लिंक
रजिस्ट्री में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच के लिए तहसील में भेजा जाएगा
गोरखपुर। जमीनाें की रजिस्ट्री कराने वालों को दाखिल-खारिज कराने के लिए तहसील का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। रजिस्ट्री कराते ही जमीन खरीदने वाले का नाम खतौनी में चढ़ जाएगा। इसके लिए राजस्व परिषद के साॅफ्टवेयर को स्टांप एवं निबंधन विभाग के साॅफ्टवेयर से लिंक किया जा रहा है। नए सर्वर पर इसे लेकर काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।
अभी रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज के लिए तहसील में आवेदन करना होता है। नियमानुसार 35 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज हो जाना चाहिए लेकिन छह से सात महीने बाद भी बहुत सारे लोगों का नाम खतौनी में नहीं चढ़ पा रहा है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए अब यह व्यवस्था रजिस्ट्री कार्यालयों में ही की जा रही है। इसके लिए गांवों की घरौनी के राजस्व रिकॉर्ड को बार कोड से जोड़ा जाएगा। रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के समय दाखिल-खारिल का ऑप्शन कंप्यूटर पर आएगा। तहसील के सर्वर से लिंक होने के कारण खतौनी का पूरा डाटा भी आ जाएगा जिससे मिलान करके दाखिल-खारिज कर दिया जाएगा। गड़बड़ी की शिकायत होने पर उसे तहसील में जांच के लिए भेज दिया जाएगा। एआईजी स्टांप संजय कुमार दुबे ने बताया कि इस नई व्यवस्था से दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। लोगों को अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसे लेकर सर्वर पर काम चल रहा है।
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रजिस्ट्री में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच के लिए तहसील में भेजा जाएगा
गोरखपुर। जमीनाें की रजिस्ट्री कराने वालों को दाखिल-खारिज कराने के लिए तहसील का चक्कर काटना नहीं पड़ेगा। रजिस्ट्री कराते ही जमीन खरीदने वाले का नाम खतौनी में चढ़ जाएगा। इसके लिए राजस्व परिषद के साॅफ्टवेयर को स्टांप एवं निबंधन विभाग के साॅफ्टवेयर से लिंक किया जा रहा है। नए सर्वर पर इसे लेकर काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी है।
अभी रजिस्ट्री के बाद दाखिल-खारिज के लिए तहसील में आवेदन करना होता है। नियमानुसार 35 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज हो जाना चाहिए लेकिन छह से सात महीने बाद भी बहुत सारे लोगों का नाम खतौनी में नहीं चढ़ पा रहा है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए अब यह व्यवस्था रजिस्ट्री कार्यालयों में ही की जा रही है। इसके लिए गांवों की घरौनी के राजस्व रिकॉर्ड को बार कोड से जोड़ा जाएगा। रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्री के समय दाखिल-खारिल का ऑप्शन कंप्यूटर पर आएगा। तहसील के सर्वर से लिंक होने के कारण खतौनी का पूरा डाटा भी आ जाएगा जिससे मिलान करके दाखिल-खारिज कर दिया जाएगा। गड़बड़ी की शिकायत होने पर उसे तहसील में जांच के लिए भेज दिया जाएगा। एआईजी स्टांप संजय कुमार दुबे ने बताया कि इस नई व्यवस्था से दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। लोगों को अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसे लेकर सर्वर पर काम चल रहा है।
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