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Gorakhpur News: नगर निगम दिवाली तक लॉन्च करेगा 100 करोड़ के म्युनिसिपल बॉन्ड
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सेबी में पंजीकरण की तैयारी के तहत जारी किए जाएंगे बॉन्ड
टैक्स और अन्य से निवेशकों को देगा लाभांश
गोरखपुर। लखनऊ और वाराणसी नगर निगम की तर्ज पर अब गोरखपुर नगर निगम भी 100 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करने जा रहा है। नगर निगम ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकरण कराने के लिए यह फैसला लिया है। दिवाली तक बॉन्ड जारी करने के उद्देश्य के साथ नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेना चाहता है। बॉन्ड की बिक्री करने वाले बैंक का चयन भी जल्दी कर लिया जाएगा।
सेबी में पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिल्ली के कंसलटेंट अनुराग अरुण को नियुक्त किया गया है। इन्हीं की देखरेख में लखनऊ और वाराणसी नगर निगमों के बॉन्ड का रजिस्ट्रेशन हुआ था। निगम की योजना है कि बॉन्ड खरीदने वालों को विभिन्न प्रकार के नगर निगम टैक्स, जलकल विभाग की आय और प्रस्तावित कॉमर्शियल बिल्डिंग से होने वाली आमदनी के आधार पर लाभांश (डिविडेंड) दिया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम को टैक्स और अन्य मदों से 120 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय हुई थी। नगर निगम क्षेत्र के विस्तार और नए आवास दायरे में आने से आने वाले समय में आय और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही नगर निगम गोलघर स्थित पुरानी जलकल बिल्डिंग को ध्वस्त कर एक भव्य कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है। कॉम्प्लेक्स में उच्च स्तरीय ब्रांडेड शोरूम, मल्टीनेशनल फूड चेन स्टोर और कॉर्पोरेट ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार स्टारबक्स, मैकडोनाल्ड्स, सबवे जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के स्टोर यहां खोले जा सकते हैं। आवासीय फ्लैट्स भी इस कॉम्प्लेक्स का हिस्सा होंगे।
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1,000 करोड़ की संपत्ति का होगा वाणिज्यिक उपयोग
पिछले कुछ महीनों में नगर निगम ने अवैध कब्जों से करोड़ों रुपये की संपत्तियों को मुक्त कराया है। अब निगम इन संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार करीब 1,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कॉमर्शियल उपयोग में लाया जाएगा। वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली की फर्म को बॉन्ड के सेबी रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसी फर्म ने लखनऊ और वाराणसी नगर निगम के बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी की थी। गोरखपुर नगर निगम का बॉन्ड भी बैंक के जरिये बेचा जाएगा। निवेशकों को इस बॉन्ड से अच्छा लाभ मिलेगा।
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टैक्स और अन्य से निवेशकों को देगा लाभांश
गोरखपुर। लखनऊ और वाराणसी नगर निगम की तर्ज पर अब गोरखपुर नगर निगम भी 100 करोड़ रुपये का बॉन्ड जारी करने जा रहा है। नगर निगम ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकरण कराने के लिए यह फैसला लिया है। दिवाली तक बॉन्ड जारी करने के उद्देश्य के साथ नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम समय पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेना चाहता है। बॉन्ड की बिक्री करने वाले बैंक का चयन भी जल्दी कर लिया जाएगा।
सेबी में पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दिल्ली के कंसलटेंट अनुराग अरुण को नियुक्त किया गया है। इन्हीं की देखरेख में लखनऊ और वाराणसी नगर निगमों के बॉन्ड का रजिस्ट्रेशन हुआ था। निगम की योजना है कि बॉन्ड खरीदने वालों को विभिन्न प्रकार के नगर निगम टैक्स, जलकल विभाग की आय और प्रस्तावित कॉमर्शियल बिल्डिंग से होने वाली आमदनी के आधार पर लाभांश (डिविडेंड) दिया जाएगा।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम को टैक्स और अन्य मदों से 120 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड आय हुई थी। नगर निगम क्षेत्र के विस्तार और नए आवास दायरे में आने से आने वाले समय में आय और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही नगर निगम गोलघर स्थित पुरानी जलकल बिल्डिंग को ध्वस्त कर एक भव्य कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है। कॉम्प्लेक्स में उच्च स्तरीय ब्रांडेड शोरूम, मल्टीनेशनल फूड चेन स्टोर और कॉर्पोरेट ऑफिस के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। सूत्रों के अनुसार स्टारबक्स, मैकडोनाल्ड्स, सबवे जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के स्टोर यहां खोले जा सकते हैं। आवासीय फ्लैट्स भी इस कॉम्प्लेक्स का हिस्सा होंगे।
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1,000 करोड़ की संपत्ति का होगा वाणिज्यिक उपयोग
पिछले कुछ महीनों में नगर निगम ने अवैध कब्जों से करोड़ों रुपये की संपत्तियों को मुक्त कराया है। अब निगम इन संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। तैयार ब्लूप्रिंट के अनुसार करीब 1,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कॉमर्शियल उपयोग में लाया जाएगा। वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली की फर्म को बॉन्ड के सेबी रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसी फर्म ने लखनऊ और वाराणसी नगर निगम के बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी की थी। गोरखपुर नगर निगम का बॉन्ड भी बैंक के जरिये बेचा जाएगा। निवेशकों को इस बॉन्ड से अच्छा लाभ मिलेगा।