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Gorakhpur News: बड़े बेटे की मौत से सदमे में मां ने भी तोड़ा दम, एक साथ हुआ दाह संस्कार
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करंट की चपेट में आए मां और भाई को बचाने में चली गई थी युवक की जान
गंभीर हालात में झुलसी मां को जिला अस्पताल में कराया गया था भर्ती
गोला थाना क्षेत्र के कस्बा वार्ड संख्या 14 में हुई थी घटना
गगहा/गोला। गोला थाना क्षेत्र के कस्बा वार्ड संख्या 14 में बड़े बेटे मोनू निषाद (20) की मौत के सदमे में मां भगवानी देवी (53) ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार दोपहर बेवरी श्मशान घाट पर मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। उस दौरान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं पत्नी और बड़े बेटे को मुखाग्नि देते हुए हरेंद्र भी फफक पड़े।
सोमवार को घर में मोनू निषाद का छोटा भाई शैलू टुल्लू पंप लगे हैंडपंप से पानी निकाल रहा था। इसी दौरान केबल कटा होने से वह करंट की चपेट में आ गया। बेटे की चीख पुकार सुनकर मां भगवानी देवी बचाने आईं तो वह भी करंट की चपेट में आ गईं। भाई व मां की चीख पुकार सुनकर मोनू बचाने के लिए तार से छुड़ाने लगा। मां और भाई तो छूट गए, लेकिन करंट की चपेट में आने से मोनू की मौत हो गई थी। गंभीर हालत में भगवानी देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजन मंगलवार सुबह मोनू का शव दाह-संस्कार के लिए बेवरी श्मशान घाट लेकर पहुंचे ही थे कि भगवानी देवी की भी सदमे से मौत की खबर आ गई। इसके बाद भगवानी देवी के शव के अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। दोनों शव का अगल-बगल अंतिम संस्कार किया गया। इधर, सोनू की पत्नी संध्या व मोनू की पत्नी तीजा को गहरा सदमा लगा है। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
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गंभीर हालात में झुलसी मां को जिला अस्पताल में कराया गया था भर्ती
गोला थाना क्षेत्र के कस्बा वार्ड संख्या 14 में हुई थी घटना
गगहा/गोला। गोला थाना क्षेत्र के कस्बा वार्ड संख्या 14 में बड़े बेटे मोनू निषाद (20) की मौत के सदमे में मां भगवानी देवी (53) ने भी दम तोड़ दिया। मंगलवार दोपहर बेवरी श्मशान घाट पर मां-बेटे का अंतिम संस्कार किया गया। उस दौरान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। वहीं पत्नी और बड़े बेटे को मुखाग्नि देते हुए हरेंद्र भी फफक पड़े।
सोमवार को घर में मोनू निषाद का छोटा भाई शैलू टुल्लू पंप लगे हैंडपंप से पानी निकाल रहा था। इसी दौरान केबल कटा होने से वह करंट की चपेट में आ गया। बेटे की चीख पुकार सुनकर मां भगवानी देवी बचाने आईं तो वह भी करंट की चपेट में आ गईं। भाई व मां की चीख पुकार सुनकर मोनू बचाने के लिए तार से छुड़ाने लगा। मां और भाई तो छूट गए, लेकिन करंट की चपेट में आने से मोनू की मौत हो गई थी। गंभीर हालत में भगवानी देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजन मंगलवार सुबह मोनू का शव दाह-संस्कार के लिए बेवरी श्मशान घाट लेकर पहुंचे ही थे कि भगवानी देवी की भी सदमे से मौत की खबर आ गई। इसके बाद भगवानी देवी के शव के अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। दोनों शव का अगल-बगल अंतिम संस्कार किया गया। इधर, सोनू की पत्नी संध्या व मोनू की पत्नी तीजा को गहरा सदमा लगा है। उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
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