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मोर्हरम : आज से आगाज, गूंजने लगीं मर्सिया और ढोल-ताशों की आवाज
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गोरखपुर। मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इस्लामी नए साल का आगाज हो गया। इमामबाड़ा इस्टेट के चारों फाटक खोल दिए गए और सोने चांदी की ताजिया को भी आम लोगों के दीदार के लिए रख दिया गया है। इसके साथ ही इमामबाड़े में शहनाई की भी गूंज सुनाई देने लगी है, वहीं इमामचौकों पर ढोल-ताशों की आवाज भी गूंजने लगी। कई मोहल्लों में मर्सिया की आवास गूंजने लगी है। 17 जुलाई को यौमे आशूरा के मौके पर लाइन की ताजिया की झांकी के साथ मोहर्रम के जुलूसों का समापन होगा।
इमामबाड़ा इस्टेट के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने बताया कि चांद देखने के साथ ही इस्टेट के चारों दिशा में लगे फाटकों को खोल दिया गया है। सभी दिशाओं से लोग इमामाबाड़े में प्रवेश कर सकेंगे। सोने-चांदी की ताजिया को भी लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। 10वीं मोहर्रम तक इसके दर्शन होंगे। इसके साथ ही इमामबाड़ा इस्टेट का गश्ती जुलूस तीन मोर्हरम से शुरू होगा। वहीं पांचवीं, नवीं और 10वीं मोहर्रम को शाही जुलूस निकाला जाएगा। 10वीं मोहर्रम को निकाली जाने वाली लाइन की ताजिया की झांकी और शाही जुलूस में शामिल गेहूं की ताजिया भी लोगों को आकर्षित करेंगी।
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इमामचौकों पर देखी व्यवस्था
गोरखपुर। इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी ने मोहर्रम का चांद दिखने पर कमेटी के संरक्षक एवं वरिष्ठ काउंसलर खैरुल बशर के निर्देश पर कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह की अगुवाई में इमामबाड़ों और इमामचौकों पर पहुंचकर वहां की व्यवस्था देखी। मोहर्रम को संपन्न कराने के लिए शासन और प्रशासन की गाइडलाइन पर पुरानी परंपरा के मुताबिक मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों से जुलूसों को निकालने का आग्रह किया है। कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह ने बताया कि जुलूस को निकालने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इमामचौकों पर रंग-रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस मौके पर हाजी कलीम अहमद फरजंद, सचिव शकील अहमद अंसारी, मुर्तजा हुसैन रहमानी, आबिद अली, मिस्बाहुद्दीन सिद्दीकी, एजाज रिजवी, पूर्व पार्षद नबीउल्लाह अंसारी, पार्षद उजैर अहमद मौजूद रहे।
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सत्य के लिए लड़ते हुए शहीद हुए इमाम हुसैन : मुफ्ती अख्तर हुसैन
गोरखपुर। मोहर्रम की शुरुआत के साथ ही रविवार की शाम से नए इस्लामी साल यानी 1446 हिजरी का आगाज हो गया। उलमा किराम ने मस्जिदों में ‘जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला’ महफिल में हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों की फजीलत बयान की। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में चहल-पहल बढ़ गई। फातिहा ख्वानी हुई। लोग सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे को नये इस्लामी साल की मुबारकबाद भी पेश कर रहे हैं। मकतब इस्लामियात चिंगी शहीद इमामबाड़ा तुर्कमानपुर में दस दिवसीय ‘जिक्रे शहीदे आजम’ महफिल में मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी और कारी मोहम्मद अनस रजवी ने ने कर्बला की दास्तान सुनाई। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमनो अमान, तरक्की व भाईचारे की दुआ मांगी गई।
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हजरत उमर के शहादत दिवस पर होगा कार्यक्रम
गोरखपुर। मोहर्रम की पहली तारीख को मुसलमानों के दूसरे खलीफा हजरत उमर की शहादत हुई। इस मौके पर सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतगर में सोमवार को उनका शहादत दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी गौसे आजम फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष समीर अली ने दी है। उन्होंने बताया कि सुबह कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी होगी। मस्जिद के इमाम मौलाना अली अहमद हजरत उमर की जिंदगी पर रोशनी डालेंगे।
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पार्षद के साथ बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था कराने की अपील
इमामबाड़ा इस्टेट में रविवार को मोहर्रम के जुलूस को सकुशल संपन्न किए जाने को लेकर नगर निगम के पार्षदों की एक बैठक आयोजित की गई। सज्जादानशीन अदनान फर्रुख शाह मियां साहब की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का संचालन इमामबाड़ा मुतवलियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद तथा हाजी सोहराब खान के किया। इस दौरान मियां साहब ने पार्षदों से यह अपील की कि मोहर्रम का जुलूस बरसात में पड़ रहा है। जुलूस के मुख्य मार्ग के अलावा अन्य जुलूस मार्ग को भी आप लोग अपने स्तर से देख लें। जहां पर जलभराव की आशंका हो उन स्थान को चिह्नित कर लें तथा उन जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था करा दी जाए। इमामबाड़ों और इमाम चौक के आसपास सफाई की विशेष व्यवस्था अपने-अपने स्तर से करा दें। इस मौके पर अयान अली शाह, अशोक यादव, उजैर अहमद, शाहिद अख्तर, समद गुफरान, छठी लाल गुप्ता, दिलशाद राइन, जुबैर अहमद, चंद्रशेखर सिंह, अवधेश अग्रहरि, बिजेंदर अग्रहरि, अमीरुद्दीन अंसारी आदि पार्षदों ने इसमें सहयोग की आत कही। इस मौके पर मोहम्मद अख्तर, मतीनउद्दीन, मंजूर आलम, तौकीर आलम, मिन्नत गोरखपुरी आदि मौजूद रहे।
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इमामबाड़ा इस्टेट के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने बताया कि चांद देखने के साथ ही इस्टेट के चारों दिशा में लगे फाटकों को खोल दिया गया है। सभी दिशाओं से लोग इमामाबाड़े में प्रवेश कर सकेंगे। सोने-चांदी की ताजिया को भी लोगों के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। 10वीं मोहर्रम तक इसके दर्शन होंगे। इसके साथ ही इमामबाड़ा इस्टेट का गश्ती जुलूस तीन मोर्हरम से शुरू होगा। वहीं पांचवीं, नवीं और 10वीं मोहर्रम को शाही जुलूस निकाला जाएगा। 10वीं मोहर्रम को निकाली जाने वाली लाइन की ताजिया की झांकी और शाही जुलूस में शामिल गेहूं की ताजिया भी लोगों को आकर्षित करेंगी।
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इमामचौकों पर देखी व्यवस्था
गोरखपुर। इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी ने मोहर्रम का चांद दिखने पर कमेटी के संरक्षक एवं वरिष्ठ काउंसलर खैरुल बशर के निर्देश पर कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह की अगुवाई में इमामबाड़ों और इमामचौकों पर पहुंचकर वहां की व्यवस्था देखी। मोहर्रम को संपन्न कराने के लिए शासन और प्रशासन की गाइडलाइन पर पुरानी परंपरा के मुताबिक मुतवल्लियों और अखाड़ों के उस्तादों से जुलूसों को निकालने का आग्रह किया है। कमेटी अध्यक्ष अब्दुल्लाह ने बताया कि जुलूस को निकालने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। इमामचौकों पर रंग-रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस मौके पर हाजी कलीम अहमद फरजंद, सचिव शकील अहमद अंसारी, मुर्तजा हुसैन रहमानी, आबिद अली, मिस्बाहुद्दीन सिद्दीकी, एजाज रिजवी, पूर्व पार्षद नबीउल्लाह अंसारी, पार्षद उजैर अहमद मौजूद रहे।
सत्य के लिए लड़ते हुए शहीद हुए इमाम हुसैन : मुफ्ती अख्तर हुसैन
गोरखपुर। मोहर्रम की शुरुआत के साथ ही रविवार की शाम से नए इस्लामी साल यानी 1446 हिजरी का आगाज हो गया। उलमा किराम ने मस्जिदों में ‘जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला’ महफिल में हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों की फजीलत बयान की। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में चहल-पहल बढ़ गई। फातिहा ख्वानी हुई। लोग सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे को नये इस्लामी साल की मुबारकबाद भी पेश कर रहे हैं। मकतब इस्लामियात चिंगी शहीद इमामबाड़ा तुर्कमानपुर में दस दिवसीय ‘जिक्रे शहीदे आजम’ महफिल में मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी और कारी मोहम्मद अनस रजवी ने ने कर्बला की दास्तान सुनाई। अंत में सलातो सलाम पढ़कर मुल्क में अमनो अमान, तरक्की व भाईचारे की दुआ मांगी गई।
हजरत उमर के शहादत दिवस पर होगा कार्यक्रम
गोरखपुर। मोहर्रम की पहली तारीख को मुसलमानों के दूसरे खलीफा हजरत उमर की शहादत हुई। इस मौके पर सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतगर में सोमवार को उनका शहादत दिवस मनाया जाएगा। यह जानकारी गौसे आजम फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष समीर अली ने दी है। उन्होंने बताया कि सुबह कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी होगी। मस्जिद के इमाम मौलाना अली अहमद हजरत उमर की जिंदगी पर रोशनी डालेंगे।
पार्षद के साथ बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था कराने की अपील
इमामबाड़ा इस्टेट में रविवार को मोहर्रम के जुलूस को सकुशल संपन्न किए जाने को लेकर नगर निगम के पार्षदों की एक बैठक आयोजित की गई। सज्जादानशीन अदनान फर्रुख शाह मियां साहब की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का संचालन इमामबाड़ा मुतवलियान कमेटी के जिला अध्यक्ष सैयद इरशाद अहमद तथा हाजी सोहराब खान के किया। इस दौरान मियां साहब ने पार्षदों से यह अपील की कि मोहर्रम का जुलूस बरसात में पड़ रहा है। जुलूस के मुख्य मार्ग के अलावा अन्य जुलूस मार्ग को भी आप लोग अपने स्तर से देख लें। जहां पर जलभराव की आशंका हो उन स्थान को चिह्नित कर लें तथा उन जगहों पर वैकल्पिक व्यवस्था करा दी जाए। इमामबाड़ों और इमाम चौक के आसपास सफाई की विशेष व्यवस्था अपने-अपने स्तर से करा दें। इस मौके पर अयान अली शाह, अशोक यादव, उजैर अहमद, शाहिद अख्तर, समद गुफरान, छठी लाल गुप्ता, दिलशाद राइन, जुबैर अहमद, चंद्रशेखर सिंह, अवधेश अग्रहरि, बिजेंदर अग्रहरि, अमीरुद्दीन अंसारी आदि पार्षदों ने इसमें सहयोग की आत कही। इस मौके पर मोहम्मद अख्तर, मतीनउद्दीन, मंजूर आलम, तौकीर आलम, मिन्नत गोरखपुरी आदि मौजूद रहे।