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Gorakhpur News: अब भी एक ही पटल पर लंबे समय से जमे हैं 30 से अधिक कर्मचारी

Sun, 21 Sep 2025 02:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 21 Sep 2025 02:21 AM IST
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Gorakhpur News: More than 30 employees are still stuck on the same desk for a long time.
लंबे समय से जमे कर्मचारियों को किया जा रहा चिह्नित, जल्द जारी हो सकती है दूसरी सूची
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प्रशासनिक भवन से लेकर ईडीपी सेल और विभिन्न विभागों में लंबे समय से है तैनाती
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 23 कर्मचारियों के हुए पटल परिवर्तन के बाद भी स्थिति में कोई बहुत बदलाव नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि डीडीयू में अभी भी लगभग 30 से अधिक कर्मचारी लंबे समय से एक ही विभाग में जमे हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रशासनिक भवन में ही कार्यरत हैं।
डीडीयू में प्रशासनिक भवन से लेकर ईडीपी सेल और प्रमुख विभागों में ये कर्मचारी लंबे समय से तैनात हैं। शुक्रवार की रात कर्मचारियों की सूची जारी होने के साथ ही इसकी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। शनिवार को भी इसे लेकर दिनभर चर्चाएं होती रहीं। तीन साल में कर्मचारियों के भी पटल परिवर्तन की व्यवस्था को लागू करने को लेकर डीडीयू प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। चर्चा है कि लंबे समय से तैनात ऐसे कर्मचारियों को भी विश्वविद्यालय प्रशासन चिह्नित कर रहा है। उनकी सूची भी जल्द ही जारी की जा सकती है। इस बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सूची भी जारी की जाएगी।
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स्वीकृत हैं कर्मचारियों के 779 पद, तैनात सिर्फ 325

गोरखपुर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के कुल 779 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सिर्फ 325 कर्मचारी ही रह गए हैं। यानी स्वीकृत पदों के 41 फीसदी कर्मचारी ही नियुक्त हैं। विश्वविद्यालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के 338 पद स्वीकृत हैं। इनके सापेक्ष 160 कर्मचारी ही नियुक्त हैं, जबकि 177 पद रिक्त हैं। इसी तरह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कुल 441 पद स्वीकृत हैं। इनमें 118 नियुक्त हैं, जबकि 293 पद रिक्त हैं।
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नई नियुक्ति नहीं होने से घटती गई संख्या
विश्वविद्यालय में लंबे समय से कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। वर्ष 2009 में सिर्फ बैकलॉग की ही भर्ती हुई थी। लंबे समय से नियुक्ति नहीं होने, जबकि हर वर्ष पुराने कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण कर्मचारियों की संख्या घटती चली गई। कर्मचारियों के पटल परिवर्तन पर कार्य प्रभावित होने की आशंका के कारण अधिकारी बड़े पैमाने पर यह कदम उठाने से बचते रहे।


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अगले दिन खुला संबद्धता विभाग
संबद्धता अनुभाग को शुक्रवार को सील कर दिया गया था। शनिवार की सुबह इस अनुभाग को खोल दिया गया। कार्यालय अधीक्षक बनाए गए देवी सिंह ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से गठित समिति ने शनिवार को जांच भी शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि संबद्धता अनुभाग के कर्मचारी बृजनाथ सिंह को बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद से ही यह सारी कवायद चल रही है।

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वर्जन
एक ही अनुभाग में लंबे समय से तैनात सभी कर्मचारियों का पटल परिवर्तन व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। इसे लेकर योजना बनाई जा रही है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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