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Gorakhpur News: दक्षिण की तरफ खिसका मानसून, चार दिन केवल छिटपुट बारिश
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बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब के क्षेत्र
गोरखपुर। करीब 10 दिन तक गोरखपुर और आसपास सक्रिय रहा मानसून एक बार फिर दक्षिण की तरफ खिसक गया है। इससे छिटपुट बारिश होने और दिन में उमस भरी गर्मी रहने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्नदाब क्षेत्र के दक्षिणी उड़ीसा एवं उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पार करने और मानसून के अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकने की वजह से चार दिन के लिए मानसून की सक्रियता कम हो गई है।
इस बार मानसून 18 जून को गोरखपुर पहुंचा। इसके बाद 30 जून व एक जुलाई को बारिश हुई। दो से लेकर 28 जुलाई तक छिटपुट बारिश ही हुई। इस दौरान औसत तापमान भी 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो गए। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मानसून वापस गोरखपुर में सक्रिय हुआ और 29 जुलाई से बारिश शुरू हुई। एक पखवाड़े में 200 एमएम से अधिक बारिश हुई। इससे कम बारिश से जूझ रहे इलाके में फिर से हरियाली लौटी। बारिश होने से अधिकतम तापमान भी घटकर 31 डिग्री सेल्सियस आ गया था।
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अब एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में हुई हलचल की वजह से मानसून वापस दक्षिण की तरफ खिसक गया है। इस वजह से इस सप्ताह गोरखपुर और आसपास मानसूनी बारिश की संभावना नहीं है। एकाध स्थानों पर गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
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गोरखपुर। करीब 10 दिन तक गोरखपुर और आसपास सक्रिय रहा मानसून एक बार फिर दक्षिण की तरफ खिसक गया है। इससे छिटपुट बारिश होने और दिन में उमस भरी गर्मी रहने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने निम्नदाब क्षेत्र के दक्षिणी उड़ीसा एवं उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पार करने और मानसून के अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकने की वजह से चार दिन के लिए मानसून की सक्रियता कम हो गई है।
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इस बार मानसून 18 जून को गोरखपुर पहुंचा। इसके बाद 30 जून व एक जुलाई को बारिश हुई। दो से लेकर 28 जुलाई तक छिटपुट बारिश ही हुई। इस दौरान औसत तापमान भी 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो गए। इसके बाद बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मानसून वापस गोरखपुर में सक्रिय हुआ और 29 जुलाई से बारिश शुरू हुई। एक पखवाड़े में 200 एमएम से अधिक बारिश हुई। इससे कम बारिश से जूझ रहे इलाके में फिर से हरियाली लौटी। बारिश होने से अधिकतम तापमान भी घटकर 31 डिग्री सेल्सियस आ गया था।
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अब एक बार फिर बंगाल की खाड़ी में हुई हलचल की वजह से मानसून वापस दक्षिण की तरफ खिसक गया है। इस वजह से इस सप्ताह गोरखपुर और आसपास मानसूनी बारिश की संभावना नहीं है। एकाध स्थानों पर गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।