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Gorakhpur News: पूर्वी यूपी में 18 जून तक आ सकता है मानसून, अच्छी बारिश की संभावना
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प्री मानसून का शुरू हो चुका है असर, कल से बूंदाबांदी की संभावना
दो जून तक बारिश के आसार, उमस भरी गर्मी करेगी परेशान
कृषि विभाग ने किसानों को खेत की तैयारी का दिया सुझाव
गोरखपुर। केरल में समय से एक सप्ताह पहले पहुंचे मानसून के बाद पूर्वी यूपी में भी इस बार 18 जून तक मानसूनी बारिश की संभावना है। 22 मई से शुरू हुए प्री मानसून में भी इस बार पिछले साल के मुकाबले 157 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगले पांच दिन में झोंकेदार हवा और बूंदाबांदी से तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। कृषि विभाग ने किसानों को खेती की तैयारी शुरू करने का सुझाव दिया है।
पूर्वी यूपी में दक्षिण पश्चिम मानसून के अलावा बंगाल की खाड़ी की तरफ से उठने वाले बादल भी झूमकर बरसते हैं। केरल तट पर हर साल एक जून को मानसून पहुंचता है, जो इस बार एक सप्ताह पहले ही पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का बताना है कि मानसून अभी तक सही रास्ते पर चल रहा है। पूर्वी यूपी में 16 से 18 जून के बीच इसके पहुंचने की संभावना है। समय पर मानसून का आगमन खरीफ धान, मक्का, अरहर, मूंगफली और गन्ने के लिए लाभकारी होगा।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. आरडी वर्मा ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में नमी है, वे गहरी जुताई कर लें। गहरी जुताई से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और हानिकारक जीव, जैसे कवक, निमेटोड्स, नष्ट हो जाते हैं।
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महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी के वरिष्ठ वैज्ञानिक व केंद्र अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समय पर मानसून और प्री-मानसून बारिश से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने गोरखपुर के किसानों को सुझाव दिया कि वे कृषि विभाग और मौसम वैज्ञानिकों के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि फसल चक्र का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सके।
मौसम विज्ञानी मोहम्मद दानिश ने बताया कि पूर्वी यूपी में दो दिन से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन बुधवार से फिर बूंदाबांदी होने से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।
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दो जून तक बारिश के आसार, उमस भरी गर्मी करेगी परेशान
कृषि विभाग ने किसानों को खेत की तैयारी का दिया सुझाव
गोरखपुर। केरल में समय से एक सप्ताह पहले पहुंचे मानसून के बाद पूर्वी यूपी में भी इस बार 18 जून तक मानसूनी बारिश की संभावना है। 22 मई से शुरू हुए प्री मानसून में भी इस बार पिछले साल के मुकाबले 157 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अगले पांच दिन में झोंकेदार हवा और बूंदाबांदी से तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। कृषि विभाग ने किसानों को खेती की तैयारी शुरू करने का सुझाव दिया है।
पूर्वी यूपी में दक्षिण पश्चिम मानसून के अलावा बंगाल की खाड़ी की तरफ से उठने वाले बादल भी झूमकर बरसते हैं। केरल तट पर हर साल एक जून को मानसून पहुंचता है, जो इस बार एक सप्ताह पहले ही पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का बताना है कि मानसून अभी तक सही रास्ते पर चल रहा है। पूर्वी यूपी में 16 से 18 जून के बीच इसके पहुंचने की संभावना है। समय पर मानसून का आगमन खरीफ धान, मक्का, अरहर, मूंगफली और गन्ने के लिए लाभकारी होगा।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. आरडी वर्मा ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में नमी है, वे गहरी जुताई कर लें। गहरी जुताई से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और हानिकारक जीव, जैसे कवक, निमेटोड्स, नष्ट हो जाते हैं।
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महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी के वरिष्ठ वैज्ञानिक व केंद्र अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि समय पर मानसून और प्री-मानसून बारिश से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने गोरखपुर के किसानों को सुझाव दिया कि वे कृषि विभाग और मौसम वैज्ञानिकों के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि फसल चक्र का प्रभावी ढंग से प्रबंधन किया जा सके।
मौसम विज्ञानी मोहम्मद दानिश ने बताया कि पूर्वी यूपी में दो दिन से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन बुधवार से फिर बूंदाबांदी होने से तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।