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मॉकड्रिल : एयरपोर्ट पर विमान क्रैश की सूचना से मचा हड़कंप
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अहमदाबाद में विमान हादसे के बाद गोरखपुर एयरपोर्ट में हुआ मॉकड्रिल का आयोजन
गोरखपुर। आपात स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को गोरखपुर एयरपोर्ट पर मॉकड्रिल का आयोजन हुआ। इसमें एक विमान क्रैश होने की सूचना से हड़कंप मचने की स्थिति को दर्शाया गया। इसके बाद तत्काल सुरक्षा के उपाय किए गए।
अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान के क्रैश होने के बाद डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की ओर से सभी हवाई अड्डों पर ऐसी स्थिति में बचाव व रेस्क्यू के लिए दक्षता को परखने के साथ तैयारी की जांच के निर्देश दिए गए थे। गोरखपुर में भारतीय वायुसेना एवं सभी सिविल एजेंसीज के साथ फुल स्केल एयरपोर्ट इमरजेंसी ड्रिल का आयोजन हुआ। सुबह 9:30 बजे से आयोजित इस मॉकड्रिल में एक काल्पनिक एयरलाइंस के विमान दुर्घटना की स्थिति को दर्शाया गया। इसमें अग्निकांड, घायलों का बचाव, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन समन्वय की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया। अभ्यास में भारतीय वायुसेना की फायर फाइटिंग एवं रेस्क्यू टीम के साथ गोरखपुर की फायर फाइटिंग टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल टीम, सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर के साथ पूरा सिविल एडमिनिस्ट्रेशन मौजूद रहा। घायलों की चिकित्सा के लिए एम्स, टीबी हॉस्पिटल एवं भारतीय वायु सेना के हॉस्पिटल की टीम तैयार रही। घायलों को एंबुलेंस से ग्रीन चैनल बनाकर अस्पताल भेजा गया।
एयर कोमोडोर ने की अभ्यास की अध्यक्षता
अभ्यास की अध्यक्षता भारतीय वायु सेना स्टेशन के एयर कोमोडोर प्रशांत ने की। वह मॉकड्रिल के चेयरमैन भी रहे। संचालन में ग्रुप कैप्टन रवि किरन सिंह ने कमांडर की भूमिका निभाई। विंग कमांडर अश्वनी दुबे, सैटको के साथ प्रभारी प्रचालन विजय कौशल कॉऑर्डिनेटर के रूप में कार्य किया। एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर, एसपी साउथ जितेंद्र कुमार, एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट प्रशांत वर्मा, एसडीएम मलखान सिंह, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, एनडीआरएफ डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह, डिप्टी सीएमओ नीरज गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर एनके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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सब कुछ मिला उत्कृष्ट
एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि सभी एजेंसियों का समन्वय और प्रतिक्रिया समय उत्कृष्ट पाया गया। सभी प्रतिभागियों को एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान के अनुसार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग लॉग प्रदान किया जाएगा जिससे भविष्य में सारी तैयारी पूर्ण दक्षता के साथ पूरी हो सकेगी। दुर्घटना की दशा में एंबुलेंस, स्ट्रेचर, फायर टेंडर व चिकित्सा स्टाफ की अधिक मात्रा में आवश्यकता होगी। कम से कम 250 यात्रियों की क्षमता के हिसाब से एंबुलेंस एवं मेडिकल सेवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। विशेष रूप से बर्न इंजरी (जलन) को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई।
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वर्जन...
किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा ही प्राथमिकता होती है। डीजीसीए एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान के अनुसार भारतीय वायुसेना एवं अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर इमरजेंसी प्लान की ड्रिल की गई। फुल स्केल में किए गए अभ्यास में सभी एजेंसियों की जानकारी एवं तैयारी को परखा गया।
- विजय कौशल, प्रभारी प्रचालन, गोरखपुर एयरपोर्ट
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गोरखपुर। आपात स्थिति से निपटने के लिए बृहस्पतिवार को गोरखपुर एयरपोर्ट पर मॉकड्रिल का आयोजन हुआ। इसमें एक विमान क्रैश होने की सूचना से हड़कंप मचने की स्थिति को दर्शाया गया। इसके बाद तत्काल सुरक्षा के उपाय किए गए।
अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान के क्रैश होने के बाद डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की ओर से सभी हवाई अड्डों पर ऐसी स्थिति में बचाव व रेस्क्यू के लिए दक्षता को परखने के साथ तैयारी की जांच के निर्देश दिए गए थे। गोरखपुर में भारतीय वायुसेना एवं सभी सिविल एजेंसीज के साथ फुल स्केल एयरपोर्ट इमरजेंसी ड्रिल का आयोजन हुआ। सुबह 9:30 बजे से आयोजित इस मॉकड्रिल में एक काल्पनिक एयरलाइंस के विमान दुर्घटना की स्थिति को दर्शाया गया। इसमें अग्निकांड, घायलों का बचाव, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन समन्वय की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित किया गया। अभ्यास में भारतीय वायुसेना की फायर फाइटिंग एवं रेस्क्यू टीम के साथ गोरखपुर की फायर फाइटिंग टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल टीम, सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर के साथ पूरा सिविल एडमिनिस्ट्रेशन मौजूद रहा। घायलों की चिकित्सा के लिए एम्स, टीबी हॉस्पिटल एवं भारतीय वायु सेना के हॉस्पिटल की टीम तैयार रही। घायलों को एंबुलेंस से ग्रीन चैनल बनाकर अस्पताल भेजा गया।
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एयर कोमोडोर ने की अभ्यास की अध्यक्षता
अभ्यास की अध्यक्षता भारतीय वायु सेना स्टेशन के एयर कोमोडोर प्रशांत ने की। वह मॉकड्रिल के चेयरमैन भी रहे। संचालन में ग्रुप कैप्टन रवि किरन सिंह ने कमांडर की भूमिका निभाई। विंग कमांडर अश्वनी दुबे, सैटको के साथ प्रभारी प्रचालन विजय कौशल कॉऑर्डिनेटर के रूप में कार्य किया। एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर, एसपी साउथ जितेंद्र कुमार, एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट प्रशांत वर्मा, एसडीएम मलखान सिंह, जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, एनडीआरएफ डिप्टी कमांडेंट कुलदीप सिंह, डिप्टी सीएमओ नीरज गुप्ता, मेडिकल ऑफिसर एनके द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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सब कुछ मिला उत्कृष्ट
एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि सभी एजेंसियों का समन्वय और प्रतिक्रिया समय उत्कृष्ट पाया गया। सभी प्रतिभागियों को एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान के अनुसार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग लॉग प्रदान किया जाएगा जिससे भविष्य में सारी तैयारी पूर्ण दक्षता के साथ पूरी हो सकेगी। दुर्घटना की दशा में एंबुलेंस, स्ट्रेचर, फायर टेंडर व चिकित्सा स्टाफ की अधिक मात्रा में आवश्यकता होगी। कम से कम 250 यात्रियों की क्षमता के हिसाब से एंबुलेंस एवं मेडिकल सेवाओं की व्यवस्था करनी चाहिए। विशेष रूप से बर्न इंजरी (जलन) को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई।
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वर्जन...
किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा ही प्राथमिकता होती है। डीजीसीए एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के एयरपोर्ट इमरजेंसी प्लान के अनुसार भारतीय वायुसेना एवं अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर इमरजेंसी प्लान की ड्रिल की गई। फुल स्केल में किए गए अभ्यास में सभी एजेंसियों की जानकारी एवं तैयारी को परखा गया।
- विजय कौशल, प्रभारी प्रचालन, गोरखपुर एयरपोर्ट