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Gorakhpur News: जेब में फटा मोबाइल फोन, स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी घायल- जानिए ये थी वजह
Tue, 22 Jul 2025 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 01:35 AM IST
सार
एमएमएमयूटी में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के डॉ. अनुपम साहू ने बताया कि फोन के ब्लास्ट होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है बैटरी का ओवरहीट होना। फोन में बहुत सारे एप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। डाटा चालू रहने से वह काम करते रहते हैं। इस वजह से बैटरी को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता।
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ब्लास्ट होने के बाद टूटा फोन, मोबाइल फटने से घायल कर्मचारी का पांव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
धर्मशाला पुल के पास सोमवार सुबह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दिनेश कुमार का मोबाइल फोन जेब में ही ब्लास्ट (फट) कर गया। इससे वह सड़क पर गिरकर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि बैटरी ओवरहीट होने से फोन में ब्लास्ट हुआ।
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जानकारी के अनुसार, झुंगिया फतेहपुर निवासी दिनेश कुमार स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। वह सोमवार सुबह 9:30 बजे के करीब बाइक से ड्यूटी पर जाने के लिए निकले थे। फोन को पैंट की जेब में रखे थे। धर्मशाला पुल पार करते ही उनका फोन ब्लास्ट कर गया। इससे वह गिरकर घायल हो गए।
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उनके घुटने में चोट आई है। इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
बताया जा रहा है कि फोन की बैटरी में कोई खराबी थी। जिस वजह से चार्जिंग में भी दिक्कत आ रही थी। ओवरहीट होने की वजह से फोन में ब्लास्ट हो गया।
बैकग्राउंड में एप्स को रखें बंद
एमएमएमयूटी में इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के डॉ. अनुपम साहू ने बताया कि फोन के ब्लास्ट होने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है बैटरी का ओवरहीट होना। फोन में बहुत सारे एप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं। डाटा चालू रहने से वह काम करते रहते हैं। इस वजह से बैटरी को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता।
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पुराने फोन में बैटरी फूल जाती थी। इसके बाद उसे निकाल कर दूसरी बैटरी लगाई जाती थी। कई बार ओवर चार्जिंग की वजह से भी फोन ब्लास्ट होते हैं। इससे बचने के लिए बैकग्राउंड में चल रहे एप्स को बंद रखें। कुछ देर के लिए डाटा भी ऑफ कर दें ताकि बैटरी को ठंडा होने का वक्त मिले।
डॉ. अनुपम ने बताया कि स्मार्टफोन को किसी भी लोकल चार्जर से चार्ज करते हैं, तो यह फोन और बैटरी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। स्मार्टफोन की बैटरी लिथियम आयन की बनी होने के कारण हल्की होती है, ऊंचाई से गिरने पर इनमें शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बना रहता है।