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मनरेगा : उत्कृष्ट प्रदर्शन कर गोरखपुर ने हासिल किया पांचवां स्थान
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जिले में 27 हजार परिवारों को पिछले वित्तीय वर्ष में दिया 100 दिन से अधिक रोजगार
पहले स्थान पर बागपत, दूसरे नंबर पर है प्रतापगढ़
गोरखपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गोरखपुर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। पहले स्थान पर बागपत और दूसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है। गोरखपुर में पिछले वित्तीय वर्ष में 27 हजार परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार प्रदान किया गया। यह केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों से अधिक है। जिले के अफसरों ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
गोरखपुर में पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत मजदूरी पाने के लिए 2.10 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 1.57 लाख लोगों ने रोजगार मांगा। पंजीकृत मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिला। जबकि 27,000 मजदूरों को मांग के आधार पर 100 से अधिक दिन के लिए रोजगार उपलब्ध कराया गया।
उपायुक्त श्रम रोजगार रघुनाथ सिंह ने बताया कि 27,000 मनरेगा मजदूरों को 100 दिन से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर जिले को राज्य में पांचवां स्थान मिला है। इस वित्तीय वर्ष में पहला स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। मनरेगा के कार्यान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
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पहले स्थान पर बागपत, दूसरे नंबर पर है प्रतापगढ़
गोरखपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत गोरखपुर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। पहले स्थान पर बागपत और दूसरे स्थान पर प्रतापगढ़ है। गोरखपुर में पिछले वित्तीय वर्ष में 27 हजार परिवारों को 100 दिन से अधिक रोजगार प्रदान किया गया। यह केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों से अधिक है। जिले के अफसरों ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में पहला स्थान हासिल करने का लक्ष्य तय किया है।
गोरखपुर में पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत मजदूरी पाने के लिए 2.10 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 1.57 लाख लोगों ने रोजगार मांगा। पंजीकृत मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिला। जबकि 27,000 मजदूरों को मांग के आधार पर 100 से अधिक दिन के लिए रोजगार उपलब्ध कराया गया।
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उपायुक्त श्रम रोजगार रघुनाथ सिंह ने बताया कि 27,000 मनरेगा मजदूरों को 100 दिन से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर जिले को राज्य में पांचवां स्थान मिला है। इस वित्तीय वर्ष में पहला स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। मनरेगा के कार्यान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है।
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