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एमएमएमयूटी : एडमिशन फर्जीवाड़ा में एक और जांच, चार की फंसी गर्दन
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पुलिस ने मांगी रिपोर्ट, तीन में से एक सदस्य ने नहीं किया है हस्ताक्षर
वरिष्ठ लिपिक की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस जुटा रही साक्ष्य
गोरखपुर। एमएमएमयूटी में फर्जी ढंग से छात्रों के एडमिशन के मामले की तीन सदस्यीय टीम ने एक और जांच की है। इसमें यूनिवर्सिटी से जुड़े चार और लोगों की गर्दन फंस रही है। कमेटी के एक सदस्य के हस्ताक्षर नहीं करने की वजह से जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ पा रही है।
सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट में कई तथ्य और साफ हो गए हैं। खबर है कि एमएमएमयूटी की टीम से रिपोर्ट को प्राप्त करने के लिए पुलिस ने पत्राचार भी किया है। पुलिस की जांच के दायरे में चार और लोग आ गए हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
दरअसल, एमएमएमयूटी प्रशासन ने 10 जनवरी 2023 को खुलासा किया था कि 40 छात्र-छात्राओं ने फर्जी ढंग से प्रवेश ले लिया। इनमें सत्र 2020-21 के 22 और सत्र 2021-22 के 18 विद्यार्थी शामिल थे। इन सभी छात्रों का प्रवेश निरस्त कर दिया गया था। तीन शिक्षक व पांच कर्मचारी जांच की जद में आए थे। इनमें कुछ की संलिप्तता भी मिली थी। निष्कासित छात्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, उन्हें अभी राहत नहीं मिली है।
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केस डबल बेंच से सिंगल बेंच के पास लौटा दिया गया। मामले में ही एक छात्र राहुल के पिता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की और एक आरोपी वरिष्ठ लिपिक रवि मोहन श्रीवास्तव को गिरफ्तार भी किया। इस गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस के हाथ कई सबूत लगे हैं, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच गहनता से चल रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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वरिष्ठ लिपिक की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस जुटा रही साक्ष्य
गोरखपुर। एमएमएमयूटी में फर्जी ढंग से छात्रों के एडमिशन के मामले की तीन सदस्यीय टीम ने एक और जांच की है। इसमें यूनिवर्सिटी से जुड़े चार और लोगों की गर्दन फंस रही है। कमेटी के एक सदस्य के हस्ताक्षर नहीं करने की वजह से जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ पा रही है।
सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट में कई तथ्य और साफ हो गए हैं। खबर है कि एमएमएमयूटी की टीम से रिपोर्ट को प्राप्त करने के लिए पुलिस ने पत्राचार भी किया है। पुलिस की जांच के दायरे में चार और लोग आ गए हैं, जिनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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दरअसल, एमएमएमयूटी प्रशासन ने 10 जनवरी 2023 को खुलासा किया था कि 40 छात्र-छात्राओं ने फर्जी ढंग से प्रवेश ले लिया। इनमें सत्र 2020-21 के 22 और सत्र 2021-22 के 18 विद्यार्थी शामिल थे। इन सभी छात्रों का प्रवेश निरस्त कर दिया गया था। तीन शिक्षक व पांच कर्मचारी जांच की जद में आए थे। इनमें कुछ की संलिप्तता भी मिली थी। निष्कासित छात्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन, उन्हें अभी राहत नहीं मिली है।
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केस डबल बेंच से सिंगल बेंच के पास लौटा दिया गया। मामले में ही एक छात्र राहुल के पिता की तहरीर पर कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की और एक आरोपी वरिष्ठ लिपिक रवि मोहन श्रीवास्तव को गिरफ्तार भी किया। इस गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस के हाथ कई सबूत लगे हैं, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच गहनता से चल रही है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।