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मेगा रूट ब्लॉक: दो महीने पहले कराया था टिकट, अब खोजना पड़ रहा नया विकल्प
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गोरखपुर। दशहरा और दिवाली के बीच 14 दिन तक गोरखपुर-लखनऊ मुख्य रूट पर आवागमन बाधित होने से लगभग 50 हजार यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहले से टिकट कराकर घर वापसी की तैयारी में जुटे इन यात्रियों को नए सिरे से टिकट के लिए मारामारी करनी पड़ेगी। लोग प्राइवेट बसों व टैक्सियों से आवागमन का विकल्प तलाश रहे हैं। शुक्रवार को सिस्टम में कैंसिल ट्रेनों का डॉटा अपलोड नहीं हो पाया था। उम्मीद है कि शनिवार से कैंसिल टिकट व ट्रेनों की जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी।
डोमिनगढ़ स्टेशन से गोरखपुर स्टेशन के बीच बिछी तीसरी लाइन और जगतबेला से डोमिनगढ़ के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लिए मेगा रूट ब्लॉक लिया गया है। 14 से 27 अक्तूबर के बीच इस ब्लॉक के चलते गोरखपुर-बस्ती खंड से गुजरने वाली 34 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है, जबकि 64 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन हुआ है, इसमें से भी 25 ट्रेनें ऐसी हैं जो अयोध्या-बलिया अथवा बनारस-बलिया के रास्ते सीधे बिहार चली जाएंगी। जिसका असर भी गोरखपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों पर पड़ेगा। वहीं गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते ट्रेनों के चलने से सहजनवा, मगहर, खलीलाबाद और बस्ती स्टेशन के यात्रियों को आवागमन के लिए पूरी तरह से सड़क मार्ग पर ही निर्भर रहना होगा। ऐसे में लोगों को यात्रा के लिए नया विकल्प खोजना पड़ रहा है।
शुक्रवार को गोरखपुर स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर मिले कुसम्ही के दिनेश जायसवाल ने बताया कि उनके बेटे-बहू परिवार समेत दिल्ली में रहते हैं। उन्हें 22 तारीख को आनंदविहार टर्मिनल से गोरखपुर स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़नी थी। उनकी ट्रेन अब कैंसिल हो गई है। वे परेशान हैं कि घर वापसी के लिए क्या विकल्प अपनाएं। अब वे गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ तक आने के लिए टिकट बुक कराएं हैं, लेकिन वहां से गोरखपुर के लिए विकल्प नहीं मिल रहा है। आरक्षण काउंटर पर गोपालगंज के श्रीनारायण सिंह भी परेशान घूम रहे थे। इन्होंने इस बार दिवाली से गोवर्धन पूजा तक परिवार समेत मथुरा में भजन-कीर्तन व पूजा की तैयारी की थी। इनका बेटा दिल्ली में रहता है, जिसके पास इन्हें 20 तारीख को दिल्ली जाना है। वहां से वह परिवार समेत मथुरा जाएंगे। अब 20 तारीख की यात्रा ही मुश्किल में पड़ गई है।
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निजी बसों व टैक्सी का लेना होगा सहारा
टूर ऑपरेटर शिवांश मिश्रा ने बताया कि ट्रेनों के दशहरा से दिवाली के बीच 14 दिन कैंसिल रहने से लोग बसों में कंफर्म सीट के लिए संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली के कई टूर ऑपरेटर भी संपर्क में हैं। दिल्ली से गोरखपुर के लिए सवारी मिल रही है। ऑपरेटर चाहते हैं कि गोरखपुर से दिल्ली के लिए सवारी मिल जाए तो उनका दोनों तरफ से काम हो जाएगा। ऐसा नहीं होने पर टैक्सी चालकों को यहां आकर सवारी खोजनी पड़ती है। सबसे अधिक टैक्सी की डिमांड गोरखपुर से लखनऊ के बीच है।
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लगभग 50 हजार टिकट होगा कैंसिल, तत्काल की बढ़ेगी मांग
रेलवे स्टेशन के एक जानकार ने बताया कि करीब 50 हजार यात्रियों के टिकट कैंसिल होंगे। वापसी की सबसे अधिक भीड़ 27 से 30 अक्तूबर के बीच रहेगी। तब तक आवागमन सामान्य हो जाएगा। लेकिन, उससे पहले की टिकट बुक कराए लोगों के सामने दिक्कत है। इसका सीधा असर गोरखपुर से होकर गुजरने वाली वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति और गोरखपुर से आने-जाने वाली हमसफर और गोरखधाम जैसी ट्रेनों के तत्काल टिकट पर पड़ेगा। क्योंकि जिनका टिकट कैंसिल होगा, वे लोग तत्काल टिकट पाने का प्रयास करेंगे।
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यात्री बोले
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हमारे भाई ने तीन महीने पहले टिकट बुक कराया था। उसे हैदराबाद से गोरखपुर आना है। यहां से टैक्सी से गोपालगंज जाना था। जिस ट्रेन से उसका टिकट है वह गोरखपुर के बजाय गोमतीनगर (लखनऊ) तक ही चलेगी। अब उसे लखनऊ से गोरखपुर आने के लिए साधन खोजना पड़ेगा। उसके साथ परिवार के चार सदस्य भी हैं। हम गोरखपुर यह पता करने आए थे कि लखनऊ से 25 तारीख को गोरखपुर आने के लिए कौन सी ट्रेन मिल सकती है।
राजकुमार, गोपालगंज
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हमारे एक रिश्तेदार परिवार समेत पंजाब रहते हैं। दिवाली पर घर आने के लिए उन्होंने टिकट बुक कराया था, लेकिन अब उनकी ट्रेन कैंसिल हो चुकी है। इस वक्त ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलना मुश्किल है। 24 घंटे की यात्रा बिना कंफर्म सीट के मुश्किल होगी। जिन यात्रियों की ट्रेन कैंसिल हुई है, उन्हें त्योहार से पहले दूसरी स्पेशल ट्रेनों में जगह दी जानी चाहिए।
गोकुल, इलाहीबाग
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डोमिनगढ़ स्टेशन से गोरखपुर स्टेशन के बीच बिछी तीसरी लाइन और जगतबेला से डोमिनगढ़ के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम के लिए मेगा रूट ब्लॉक लिया गया है। 14 से 27 अक्तूबर के बीच इस ब्लॉक के चलते गोरखपुर-बस्ती खंड से गुजरने वाली 34 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है, जबकि 64 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया गया है। जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन हुआ है, इसमें से भी 25 ट्रेनें ऐसी हैं जो अयोध्या-बलिया अथवा बनारस-बलिया के रास्ते सीधे बिहार चली जाएंगी। जिसका असर भी गोरखपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों पर पड़ेगा। वहीं गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते ट्रेनों के चलने से सहजनवा, मगहर, खलीलाबाद और बस्ती स्टेशन के यात्रियों को आवागमन के लिए पूरी तरह से सड़क मार्ग पर ही निर्भर रहना होगा। ऐसे में लोगों को यात्रा के लिए नया विकल्प खोजना पड़ रहा है।
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शुक्रवार को गोरखपुर स्टेशन के पूछताछ काउंटर पर मिले कुसम्ही के दिनेश जायसवाल ने बताया कि उनके बेटे-बहू परिवार समेत दिल्ली में रहते हैं। उन्हें 22 तारीख को आनंदविहार टर्मिनल से गोरखपुर स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़नी थी। उनकी ट्रेन अब कैंसिल हो गई है। वे परेशान हैं कि घर वापसी के लिए क्या विकल्प अपनाएं। अब वे गोमती एक्सप्रेस से लखनऊ तक आने के लिए टिकट बुक कराएं हैं, लेकिन वहां से गोरखपुर के लिए विकल्प नहीं मिल रहा है। आरक्षण काउंटर पर गोपालगंज के श्रीनारायण सिंह भी परेशान घूम रहे थे। इन्होंने इस बार दिवाली से गोवर्धन पूजा तक परिवार समेत मथुरा में भजन-कीर्तन व पूजा की तैयारी की थी। इनका बेटा दिल्ली में रहता है, जिसके पास इन्हें 20 तारीख को दिल्ली जाना है। वहां से वह परिवार समेत मथुरा जाएंगे। अब 20 तारीख की यात्रा ही मुश्किल में पड़ गई है।
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निजी बसों व टैक्सी का लेना होगा सहारा
टूर ऑपरेटर शिवांश मिश्रा ने बताया कि ट्रेनों के दशहरा से दिवाली के बीच 14 दिन कैंसिल रहने से लोग बसों में कंफर्म सीट के लिए संपर्क कर रहे हैं। दिल्ली के कई टूर ऑपरेटर भी संपर्क में हैं। दिल्ली से गोरखपुर के लिए सवारी मिल रही है। ऑपरेटर चाहते हैं कि गोरखपुर से दिल्ली के लिए सवारी मिल जाए तो उनका दोनों तरफ से काम हो जाएगा। ऐसा नहीं होने पर टैक्सी चालकों को यहां आकर सवारी खोजनी पड़ती है। सबसे अधिक टैक्सी की डिमांड गोरखपुर से लखनऊ के बीच है।
लगभग 50 हजार टिकट होगा कैंसिल, तत्काल की बढ़ेगी मांग
रेलवे स्टेशन के एक जानकार ने बताया कि करीब 50 हजार यात्रियों के टिकट कैंसिल होंगे। वापसी की सबसे अधिक भीड़ 27 से 30 अक्तूबर के बीच रहेगी। तब तक आवागमन सामान्य हो जाएगा। लेकिन, उससे पहले की टिकट बुक कराए लोगों के सामने दिक्कत है। इसका सीधा असर गोरखपुर से होकर गुजरने वाली वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति और गोरखपुर से आने-जाने वाली हमसफर और गोरखधाम जैसी ट्रेनों के तत्काल टिकट पर पड़ेगा। क्योंकि जिनका टिकट कैंसिल होगा, वे लोग तत्काल टिकट पाने का प्रयास करेंगे।
यात्री बोले
हमारे भाई ने तीन महीने पहले टिकट बुक कराया था। उसे हैदराबाद से गोरखपुर आना है। यहां से टैक्सी से गोपालगंज जाना था। जिस ट्रेन से उसका टिकट है वह गोरखपुर के बजाय गोमतीनगर (लखनऊ) तक ही चलेगी। अब उसे लखनऊ से गोरखपुर आने के लिए साधन खोजना पड़ेगा। उसके साथ परिवार के चार सदस्य भी हैं। हम गोरखपुर यह पता करने आए थे कि लखनऊ से 25 तारीख को गोरखपुर आने के लिए कौन सी ट्रेन मिल सकती है।
राजकुमार, गोपालगंज
हमारे एक रिश्तेदार परिवार समेत पंजाब रहते हैं। दिवाली पर घर आने के लिए उन्होंने टिकट बुक कराया था, लेकिन अब उनकी ट्रेन कैंसिल हो चुकी है। इस वक्त ट्रेनों में कंफर्म सीट मिलना मुश्किल है। 24 घंटे की यात्रा बिना कंफर्म सीट के मुश्किल होगी। जिन यात्रियों की ट्रेन कैंसिल हुई है, उन्हें त्योहार से पहले दूसरी स्पेशल ट्रेनों में जगह दी जानी चाहिए।
गोकुल, इलाहीबाग