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Gorakhpur News: दवा काउंटर बंद... जनऔषधि केंद्र में दवा नहीं

Sun, 26 May 2024 04:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sun, 26 May 2024 04:51 AM IST
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Gorakhpur News: Medicine counter closed...no medicine in Jan Aushadhi Center
गोरखपुर। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल मेंं मरीजों को दवा और जांच के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पहले जांच के लिए लंबी लाइन लगनी पड़ रही है। अगर कोई पहचान का मिल गया तो तुरंत जांच लैब में पहुंच जाएंगे, नहीं तो घंटों इलाज के लिए लाइन लगाना होगा। वहीं पर्ची पर लिखी सारी दवाएं अस्पताल में मिलना मुश्किल है। इसके लिए मरीज और तीमारदारों को बाहर जाना पड़ रहा है।
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शनिवार को जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे कराने आए मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जबकि उनके बाद आए लोगों की पहचान के आधार तुरंत जांच हो जा रही थी। सुबह से आए लोग दोपहर एक बजे तक बारी आने का इंतजार करते रह गए। बीच में पर्ची ऊपर नीचे होने करने को लेकर मरीजों और कर्मचारियों की नोकझोंक भी हुई। मरीज के ज्यादा विरोध करने पर कर्मचारी उन्हें बाहर से जांच कराने की बात कहते थे। दूर-दराज से आए मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
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वहीं, जिला अस्पताल के दवा केंद्र पर आए मरीज को पूरी दवा न तो जनऔषधि केंद्र पर मिल रही और न ही दवा काउंटर पर। पर्ची पर लिखी दवाओं में से कुछ दवाओं के लिए मरीज को मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ रहा है।
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महिला अस्पताल का हाल तो इससे भी अलग मिला। मरीज पर्ची कटवा रहे थे और दवा लेने के लिए जिला अस्पताल जाते दिखे। ओपीडी में डॉक्टर से दिखाकर जब मरीज दवा केंद्र पहुंचे तब तक बंद हो चुका था। जिसके बाद वह जनऔषधि केंद्र पहुंचे तो वहां भी दवा उपलब्ध नहीं थी। रविवार को दवा केंद्र बंद होने के कारण उन्हें सोमवार तक दवा के लिए इंतजार करना पड़ेगा। यह सोचकर वह बाहर से दवा के लिए चले गए।
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पैर का एक्सरे कराने आए थे। सुबह आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गए। टाइम से पर्ची भी जमा हो गई थी, लेकिन दोपहर एक बजे तक नंबर नहीं आया। पहचान के लोगों की तुरंत एक्सरे हो रहा है। आम मरीज तो सुबह से इंतजार करता रह जा रहा है।
- दयाराम, महावीर छपरा
हार्ट वाले डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने आए थे। कुछ दवा तो अस्पताल में मिल गया। एक दवा न तो जनऔषधि पर मिल रही और न ही दवा केंद्र पर। जब बाहर से ही दवा लेनी है तो किस बात का सरकारी अस्पताल है।
- वर्शी, मिया बाजार
जांच से लेकर दवा लेने तक में मरीज को भटकना पड़ रहा है। पर्याप्त समय हो तभी जिला अस्पताल आना चाहिए। तत्काल में कुछ नहीं हो पाएगा। आधी दवा यहां से तो आधी दवा बाहर से लेनी पड़ रही है।
- मीना सिंह, तीमारदार, सिकरीगंज
महिला अस्पताल में पत्नी को दिखाने आए थे। जब दवा केंद्र पहुंचे तो वह बंद हो चुका था। जनऔषधि केंद्र में भी दवा नहीं मिली। यहां से दवा चाहिए तो सोमवार का इंतजार करना पड़ेगा। इसलिए बाहर से खरीदने जा रहा हूं।

- विक्की, तीमारदार, अमरूद मंडी

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कोट
जिला अस्पताल में सारी दवाएं उपलब्ध हैं। दवा का स्टॉक समाप्त होने के पहले ही हम दवा मंगा लेते हैं। किसी तरह की अनियमितता होने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। मरीजों को पूरी सुविधा मिले इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
- डाॅ. राजेंद्र ठाकुर, एसआईसी जिला अस्पताल
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