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Gorakhpur News: डीडीयू में एमसीए, एमएचएम और एमटेक की शुरुआत
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स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अब तक आए 31,150 आवेदन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए पांच नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इसमें एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन), एमएचएम (मास्टर्स इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग), एमटेक इन कंप्यूटर साइंस, जीएसटी पर सर्टिफिकेट कोर्स और पीजी डिप्लोमा इन कैपिटल मार्केट शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई है।
एमटेक और एमसीए जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ होटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र में परास्नातक स्तर की पढ़ाई अब गोरखपुर में ही संभव होगी। इससे छात्रों को बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विश्वविद्यालय पहले से ही बीटेक और बीएचएमसीटी जैसे पाठ्यक्रम चला रहा है और अब उन्हें परास्नातक स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है।
प्रवेश प्रकोष्ठ के अनुसार स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अब तक विश्वविद्यालय में कुल 31,150 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 17,320 छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद रोजगार के लिए भटकने से रोकना है। कहा कि ये नए पाठ्यक्रम पूर्वांचल के छात्रों के लिए एक सार्थक अवसर सिद्ध होंगे।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए पांच नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इसमें एमसीए (मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन), एमएचएम (मास्टर्स इन होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग), एमटेक इन कंप्यूटर साइंस, जीएसटी पर सर्टिफिकेट कोर्स और पीजी डिप्लोमा इन कैपिटल मार्केट शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित की गई है।
एमटेक और एमसीए जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के साथ-साथ होटल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र में परास्नातक स्तर की पढ़ाई अब गोरखपुर में ही संभव होगी। इससे छात्रों को बड़े शहरों की ओर पलायन करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विश्वविद्यालय पहले से ही बीटेक और बीएचएमसीटी जैसे पाठ्यक्रम चला रहा है और अब उन्हें परास्नातक स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है।
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प्रवेश प्रकोष्ठ के अनुसार स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अब तक विश्वविद्यालय में कुल 31,150 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 17,320 छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद रोजगार के लिए भटकने से रोकना है। कहा कि ये नए पाठ्यक्रम पूर्वांचल के छात्रों के लिए एक सार्थक अवसर सिद्ध होंगे।
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