{"_id":"67f57ec12861888d380d331f","slug":"gorakhpur-news-map-project-city-survey-will-be-done-throughout-the-year-land-disputes-will-be-reduced-due-to-digital-records-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-896089-2025-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"नक्शा प्रोजेक्ट : साल भर होगा शहर का सर्वे... डिजिटल रिकॉर्ड से कम होंगे भूमि विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नक्शा प्रोजेक्ट : साल भर होगा शहर का सर्वे... डिजिटल रिकॉर्ड से कम होंगे भूमि विवाद
विज्ञापन
हेलिकॉप्टर से चल रहा सर्वे, शहरी भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल और जीआईएस-मैप किए जाएंगे
स्पष्ट और अद्यतन स्वामित्व रिकॉर्ड विवादों को कम करेंगे, कानूनी दस्तावेजीकरण और भूमि डेटा विश्लेषण में मिलेगी सहायता
हवाई सर्वे के बाद घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वे
गोरखपुर। नक्शा प्रोजेक्ट के तहत हेलिकॉप्टर से शहर का सर्वे हो रहा है। इसके बाद भूमि के सभी रिकॉर्ड डिजिटल किए जाएंगे। इससे भूमि से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। इसमें लगी टीम पूरे शहर का अलग-अलग चरणों में सर्वे कर सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाट के स्वामित्व का विवरण तैयार करेगी। प्रोजेक्ट के तहत करीब 130 वर्ग किलोमीटर में सर्वे किया जाना है।
शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण परियोजना के तहत प्रदेश के गोरखपुर और झांसी नगर निगम समेत आठ नगर पालिका परिषदों को शामिल किया गया है। इसके तहत सोमवार को हेलिकाॅप्टर के जरिये सर्वे शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत करीब 130 वर्ग किलोमीटर में सर्वे किया जाना है। मंगलवार को टीम ने एयरपोर्ट के दक्षिणी इलाके में करीब 30 किलोमीटर की परिधि में सर्वे किया। इसमें महादेव झारखंडी, दिव्यनगर, रामगढ़ताल से सटी काॅलोनी, जीडीए, बुद्धनगर, आजादनगर पूर्वी, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, सिद्धार्थनगर एन्क्लेव, गौतम विहार, रुस्तमपुर, रानीबाग, शक्तिनगर, महेवा आदि इलाके शामिल हैं।
--
सतत शहरी विकास में मिलेगी मदद
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि नक्शा परियोजना से शहरी भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल और जीआईएस-मैप पर आधारित किए जाएंगे। इससे संरक्षित, सुलभ और पारदर्शी डेटा मिलेगा। इसे आपदा प्रबंधन, पर्यावरण नियोजन और स्मार्ट सिटी विकास के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्पष्ट और अद्यतन स्वामित्व रिकॉर्ड विवादों को कम करेंगे, कानूनी प्रक्रियाओं को गति देंगे और संपत्ति के अधिकारों को बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि यह रिकॉर्ड न्यायालय के मामलों, कानूनी दस्तावेजीकरण और ऐतिहासिक भूमि डेटा विश्लेषण में सहायता कर सकते हैं। इससे परिवहन नियोजन, आवास परियोजनाओं और सतत शहरी विकास में भी सहायता मिलेगी। इससे नगर निगम को संपत्ति कर संग्रह में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
--
खाली प्लॉट का भी तैयार होगा विवरण
परियोजना के तहत शहर की सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाट के स्वामित्व का विवरण तैयार किया जाएगा। चार स्तर पर इनका सत्यापन करने के बाद मिलान किया जाएगा। सर्वे के लिए 26 टीमें बनाई गई हैं। डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत शहरी भूमि की सही पहचान शुरू की गई है। नक्शा प्रोजेक्ट के तहत महानगर के सभी मकान-दुकान व खाली प्लॉट के स्वामित्व का विवरण तैयार करने के लिए सोमवार से हवाई सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे का काम चार चरणों में पूरा होगा। हेलिकॉप्टर से सर्वे के बाद कोर्स और रोवर के जरिए संपत्तियों का मिलान कर रिकाॅर्ड तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत टीम को रोवर मशीन उपलब्ध कराई जाएगी और संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध नक्शे पहले से सर्वर पर अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद मशीन में संबंधित जानकारी फीडकर जमीन का सटीक सीमांकन किया जाएगा।
--
कोट...
नक्शा प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर का सर्वे कर संपत्तियों के रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे। कुल 130 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वे किया जाना है। मंगलवार को करीब 30 वर्ग किलोमीटर एरिया का हेलिकॉप्टर से सर्वे हुआ। इससे भूमि विवादों में कमी आएगी। कानूनी दस्तावेजीकरण और भूमि डेटा विश्लेषण में भी सहायता मिलेगी।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
स्पष्ट और अद्यतन स्वामित्व रिकॉर्ड विवादों को कम करेंगे, कानूनी दस्तावेजीकरण और भूमि डेटा विश्लेषण में मिलेगी सहायता
हवाई सर्वे के बाद घर-घर जाकर किया जाएगा सर्वे
गोरखपुर। नक्शा प्रोजेक्ट के तहत हेलिकॉप्टर से शहर का सर्वे हो रहा है। इसके बाद भूमि के सभी रिकॉर्ड डिजिटल किए जाएंगे। इससे भूमि से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। इसमें लगी टीम पूरे शहर का अलग-अलग चरणों में सर्वे कर सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाट के स्वामित्व का विवरण तैयार करेगी। प्रोजेक्ट के तहत करीब 130 वर्ग किलोमीटर में सर्वे किया जाना है।
शहरी बस्तियों का राष्ट्रीय भू-स्थानिक ज्ञान-आधारित भूमि सर्वेक्षण परियोजना के तहत प्रदेश के गोरखपुर और झांसी नगर निगम समेत आठ नगर पालिका परिषदों को शामिल किया गया है। इसके तहत सोमवार को हेलिकाॅप्टर के जरिये सर्वे शुरू किया गया है। प्रोजेक्ट के तहत करीब 130 वर्ग किलोमीटर में सर्वे किया जाना है। मंगलवार को टीम ने एयरपोर्ट के दक्षिणी इलाके में करीब 30 किलोमीटर की परिधि में सर्वे किया। इसमें महादेव झारखंडी, दिव्यनगर, रामगढ़ताल से सटी काॅलोनी, जीडीए, बुद्धनगर, आजादनगर पूर्वी, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, सिद्धार्थनगर एन्क्लेव, गौतम विहार, रुस्तमपुर, रानीबाग, शक्तिनगर, महेवा आदि इलाके शामिल हैं।
विज्ञापन
सतत शहरी विकास में मिलेगी मदद
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि नक्शा परियोजना से शहरी भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल और जीआईएस-मैप पर आधारित किए जाएंगे। इससे संरक्षित, सुलभ और पारदर्शी डेटा मिलेगा। इसे आपदा प्रबंधन, पर्यावरण नियोजन और स्मार्ट सिटी विकास के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। स्पष्ट और अद्यतन स्वामित्व रिकॉर्ड विवादों को कम करेंगे, कानूनी प्रक्रियाओं को गति देंगे और संपत्ति के अधिकारों को बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि यह रिकॉर्ड न्यायालय के मामलों, कानूनी दस्तावेजीकरण और ऐतिहासिक भूमि डेटा विश्लेषण में सहायता कर सकते हैं। इससे परिवहन नियोजन, आवास परियोजनाओं और सतत शहरी विकास में भी सहायता मिलेगी। इससे नगर निगम को संपत्ति कर संग्रह में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
खाली प्लॉट का भी तैयार होगा विवरण
परियोजना के तहत शहर की सभी दुकान, मकान के अलावा खाली प्लाट के स्वामित्व का विवरण तैयार किया जाएगा। चार स्तर पर इनका सत्यापन करने के बाद मिलान किया जाएगा। सर्वे के लिए 26 टीमें बनाई गई हैं। डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड माडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत शहरी भूमि की सही पहचान शुरू की गई है। नक्शा प्रोजेक्ट के तहत महानगर के सभी मकान-दुकान व खाली प्लॉट के स्वामित्व का विवरण तैयार करने के लिए सोमवार से हवाई सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे का काम चार चरणों में पूरा होगा। हेलिकॉप्टर से सर्वे के बाद कोर्स और रोवर के जरिए संपत्तियों का मिलान कर रिकाॅर्ड तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत टीम को रोवर मशीन उपलब्ध कराई जाएगी और संबंधित क्षेत्र के उपलब्ध नक्शे पहले से सर्वर पर अपलोड किए जाएंगे। इसके बाद मशीन में संबंधित जानकारी फीडकर जमीन का सटीक सीमांकन किया जाएगा।
कोट...
नक्शा प्रोजेक्ट के तहत पूरे शहर का सर्वे कर संपत्तियों के रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे। कुल 130 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वे किया जाना है। मंगलवार को करीब 30 वर्ग किलोमीटर एरिया का हेलिकॉप्टर से सर्वे हुआ। इससे भूमि विवादों में कमी आएगी। कानूनी दस्तावेजीकरण और भूमि डेटा विश्लेषण में भी सहायता मिलेगी।
- दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त