{"_id":"67b78bf0ce72fa9e2b0f208b","slug":"gorakhpur-news-manvendra-arrested-with-pistol-then-granted-bail-relative-became-helpful-even-after-being-accused-of-murder-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-847445-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: पिस्टल संग धराया मानवेंद्र तब ली जमानत, हत्या का आरोप लगने पर भी मददगार बना रिश्तेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: पिस्टल संग धराया मानवेंद्र तब ली जमानत, हत्या का आरोप लगने पर भी मददगार बना रिश्तेदार
विज्ञापन
अभिषेक का मानवेंद्र सिंह के बड़े भाई से हुआ था विवाद
मानवेंद्र पर गोरखपुर और देवरिया में दर्ज हैं आठ अलग-अलग केस
गोरखपुर। देवरिया में वर्ष 2019 में कोतवाली क्षेत्र में नाइन एमएम की अवैध पिस्टल व कारतूस (लोड मैगजीन) के साथ मानवेंद्र सिंह पकड़ा गया था। तब मानवेंद्र के देवरिया रहने वाले रिश्तेदार आनंद कुमार सिंह ने जमानत लेकर उसे रिहा कराया था। बेलघाट में अभिषेक की हत्याकांड में मानवेंद्र का नाम आने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिश्तेदार ने जमानत वापस ले ली।
प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मानवेंद्र के आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं थी। इसकी वजह से घर पर लगातार पुलिस दबिश दे रही है। इसलिए जमानत वापस ले ली है। हालांकि रिश्तेदार ने गोरखपुर में पुलिस के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया है। ताकि आराम से देवरिया कोर्ट में मानवेंद्र सरेंडर कर सके। इस बार भी मानवेंद्र का रिश्तेदार बड़ा मददगार बनकर सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, 15 फरवरी 2029 को एक स्कॉर्पियो में तलाशी के दौरान पांच युवक पकड़े गए थे। इसमें सोपाईघाट का मानवेंद्र सिंह भी अवैध नाइन एमएम की पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। तब मानवेंद्र ने अपना नाम वहां पर संतोष सिंह बताया था। इसके साथ सूरज सिंह भी 32 बोर की अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। अन्य साथियों में बांसगांव के हरिहरपुर निवासी विशाल सिंह, शाहपुर का सुनील शर्मा, सिकरीगंज गाईबेला का राहुल शर्मा गिरफ्तार किया गया था। मानवेंद्र पर गोरखपुर और देवरिया में आठ अलग-अलग केस दर्ज हैं।
विज्ञापन
देर रात से ही फैल गई एनकाउंटर की अफवाह
बताया जा रहा है कि मानवेंद्र के बड़े भाई से अभिषेक का झगड़ा हुआ था। इसका बदला लेने के लिए मानवेंद्र ने उसकी हत्या की है। बुधवार रात से ही शहर और देहात इलाके में मानवेंद्र सिंह के एनकाउंटर की अफवाह फैल गई। परिचित एक दूसरे को कॉल कर जानकारी लेते रहे। पुलिस के पास भी इसकी पुष्टि करने के लिए कॉल आ रही थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर करने पर अफवाहों पर विराम लगा।
विज्ञापन
मानवेंद्र पर गोरखपुर और देवरिया में दर्ज हैं आठ अलग-अलग केस
गोरखपुर। देवरिया में वर्ष 2019 में कोतवाली क्षेत्र में नाइन एमएम की अवैध पिस्टल व कारतूस (लोड मैगजीन) के साथ मानवेंद्र सिंह पकड़ा गया था। तब मानवेंद्र के देवरिया रहने वाले रिश्तेदार आनंद कुमार सिंह ने जमानत लेकर उसे रिहा कराया था। बेलघाट में अभिषेक की हत्याकांड में मानवेंद्र का नाम आने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिश्तेदार ने जमानत वापस ले ली।
प्रार्थना पत्र में लिखा है कि मानवेंद्र के आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं थी। इसकी वजह से घर पर लगातार पुलिस दबिश दे रही है। इसलिए जमानत वापस ले ली है। हालांकि रिश्तेदार ने गोरखपुर में पुलिस के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया है। ताकि आराम से देवरिया कोर्ट में मानवेंद्र सरेंडर कर सके। इस बार भी मानवेंद्र का रिश्तेदार बड़ा मददगार बनकर सामने आया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, 15 फरवरी 2029 को एक स्कॉर्पियो में तलाशी के दौरान पांच युवक पकड़े गए थे। इसमें सोपाईघाट का मानवेंद्र सिंह भी अवैध नाइन एमएम की पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। तब मानवेंद्र ने अपना नाम वहां पर संतोष सिंह बताया था। इसके साथ सूरज सिंह भी 32 बोर की अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। अन्य साथियों में बांसगांव के हरिहरपुर निवासी विशाल सिंह, शाहपुर का सुनील शर्मा, सिकरीगंज गाईबेला का राहुल शर्मा गिरफ्तार किया गया था। मानवेंद्र पर गोरखपुर और देवरिया में आठ अलग-अलग केस दर्ज हैं।
विज्ञापन
देर रात से ही फैल गई एनकाउंटर की अफवाह
बताया जा रहा है कि मानवेंद्र के बड़े भाई से अभिषेक का झगड़ा हुआ था। इसका बदला लेने के लिए मानवेंद्र ने उसकी हत्या की है। बुधवार रात से ही शहर और देहात इलाके में मानवेंद्र सिंह के एनकाउंटर की अफवाह फैल गई। परिचित एक दूसरे को कॉल कर जानकारी लेते रहे। पुलिस के पास भी इसकी पुष्टि करने के लिए कॉल आ रही थी। बृहस्पतिवार को कोर्ट में सरेंडर करने पर अफवाहों पर विराम लगा।