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Gorakhpur News: पशु तस्करों की यूपी के सभी जिलों में बनेगी सूची, हिस्ट्रीशीट और गैंगस्टर की होगी कार्रवाई

Sun, 02 Feb 2025 02:16 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2025 02:16 AM IST
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Gorakhpur News: List of animal smugglers will be made in all the districts of UP, action will be taken against history sheets and gangsters.
पूर्वांचल में तस्करी करने में पश्चिमी यूपी के पशु तस्करों के नाम आ रहे सामने
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पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश के हर जिले में सूची बनाकर होगी निगरानी
गोरखपुर। यूपी के सभी जिलों के पशु तस्करों की सूची तैयार कर उनकी निगरानी की जाएगी। जिले में दूसरे जनपदों के जिन पशु तस्करों के नाम घटना में सामने आए हैं, उनके यहां के पुलिस कप्तान को पत्र लिखकर हिस्ट्रीशीट खुलवाई जा रही है। अब तक के अभियान में सामने आया है कि पश्चिम यूपी के पशु तस्कर भी पूर्वांचल में आकर अपराध कर रहे हैं। डीआईजी रेंज ने उन जिलों के कप्तानों को पत्र लिखकर हिस्ट्रीशीट खोलने को कहा है।
दरअसल, पशु तस्करों के लिए बिहार बाॅर्डर के जिले ज्यादा मुफीद हो गए हैं। बिहार में गोवध अधिनियम के तहत कार्रवाई होती नहीं होती जबकि यूपी में गोवध अधिनियम और पशु तस्करी में सख्त कार्रवाई होती है। ऐसे में पशु तस्कर बाॅर्डर पार करते ही गोवध के अपराध से बरी हो जाते हैं। यूपी पुलिस अगर उन पर अपने इलाके में केस दर्ज करती या वांछित होते तब उनकी गिरफ्तारी की कोशिश होती है। ऐसे में पशु तस्कर एक गिरोह के तहत नए-नए लोगों को इस धंधे में शामिल कर उनसे यूपी के जिलों से पशुओं की तस्करी कराते और बिहार बाॅर्डर में पहुंचाने के बाद यहां से अन्य जगहों पर सप्लाई देते हैं। ऐसे में गोरखपुर परिक्षेत्र के देवरिया और कुशीनगर जिले बिहार बाॅर्डर से जुड़ने की वजह से सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं।
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पुलिस गोपनीय तरीके से जुटाएगी संपत्ति का ब्योरा
पशु तस्करों की हिस्ट्रीशीट ही नहीं खुल रही है बल्कि पुलिस गोपनीय तरीके से उनकी संपत्ति का भी ब्योरा जुटा रही है। ताकि उसे जब्त कराया जा सके। वहीं पशु तस्करी के केस में जिन लोगों का भी नाम आ रहा है उनका डोजियर बनाकर उनके रिश्तेदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि उनके रिश्तेदारों के पास पिकअप तो नहीं है जिससे पशुओं की तस्करी होती है।
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