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Gorakhpur News: दो किशोरों की हत्या के आरोपी का हुआ लाई डिटेक्टर टेस्ट, पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार

Wed, 10 Sep 2025 01:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Sep 2025 01:28 AM IST
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Gorakhpur News: Lie detector test of the accused of murder of two teenagers done, police waiting for the report
17 वर्षीय आरोपी ने वर्ष 2024 में सहजनवां के भक्सा गांव में दो किशोरों की गला रेतकर कर दी थी हत्या
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हत्या में किसी अन्य के भी शामिल होने की आशंका के चलते कराया गया लाई डिटेक्टर टेस्ट
गोरखपुर। सहजनवां क्षेत्र के भक्सा गांव में वर्ष 2024 में हुए दो किशोरों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 17 वर्षीय आरोपी का हाल ही में लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया गया है। गाजियाबाद में हुए टेस्ट का अब पुलिस उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। एक सप्ताह में टेस्ट आने का अनुमान है। यह टेस्ट इसलिए कराया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हत्या में 17 वर्षीय आरोपी अकेला शामिल था या फिर इसके पीछे किसी और की भी भूमिका रही।


23 जनवरी को दो किशोर, 12 और 14 साल के, एक साथ साइकिल से निकलकर लापता हो गए थे। उनके परिजनों ने सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया। अगले दिन, 24 जनवरी को, दोनों किशोरों के शव एक सरसों के खेत में पाए गए। दोनों की गला रेतकर हत्या की गई थी और उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की और घटनास्थल पर एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला, जो हत्या में शामिल एक नाबालिग किशोर के गांव से था। आरोपी किशोर घटना के अगले दिन से ही घर से गायब था। पुलिस को उसकी तलाश के दौरान पता चला कि वह पहले भी कुकर्म के आरोप में बाल सुधार गृह में रह चुका था। पुलिस ने मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चाहता था कि वह दोनों किशोर तड़पते हुए मरे। इसलिए उसने पहले किशोर के साथ गलत काम करने की कोशिश की, लेकिन जब वह चीखने लगा तो उसने उसका गला रेत दिया। इसके बाद उसने दूसरे किशोर को भी मार डाला ताकि उसका भेद खुलने का डर न रहे। आरोपी का कहना था कि मृतक किशोर उसे कुकर्मी कहकर बेइज्जत करते थे, इसलिए दोनों को मार डाला।
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क्यों जरूरी हुआ लाई डिटेक्टर टेस्ट
एसपी नार्थ जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि आरोपी किशोर कई बार बयान बदलता रहा। हत्या में कई अन्य लोगों के भी शामिल होने की बात कहते हुए नाम बताता, लेकिन जांच में न तो उनकी भूमिका मिल रही थी न ही लोकेशन मिलता था। इसके चलते उन्हें छोड़ना पड़ता था। ऐसे में पुलिस को शक हुआ कि कहीं घटना में कोई और शख्स भी तो शामिल नहीं था। इसी आधार पर विशेषज्ञों की सलाह पर आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। एसपी नार्थ का कहना था कि लाई डिटेक्टर टेस्ट यानी पॉलीग्राफ टेस्ट में संदिग्ध से सवाल पूछे जाते हैं। उस दौरान शरीर की गतिविधियों जैसे दिल की धड़कन, पसीना, सांसों की रफ्तार और ब्लड प्रेशर को रिकॉर्ड किया जाता है। झूठ बोलने की स्थिति में शरीर की प्रतिक्रियाएं बदल जाती हैं, जिससे जांचकर्ताओं को संकेत मिलते हैं।
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टेस्ट से सच आएगा सामने
एसपी नार्थ का कहना है कि टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि आरोपी ने सच बोला है या नहीं। यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता का संकेत मिलता है तो पुलिस उनकी तलाश भी शुरू करेगी। अभी तक जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि हत्या आरोपी ने अकेले की किया है। हम कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इस केस से जुड़े हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। लाई डिटेक्टर टेस्ट से हमें सटीक दिशा मिलेगी।


पिता बोले, दोषियों को सजा मिलने के बाद उनका दर्द होगा कम
मारे गए दोनों किशोरों के परिवार आज भी गहरे सदमे में हैं। वारदात के बाद से ही उनके घरों का माहौल गमगीन है। दिल्ली में रह रहे एक किशोर के परिजन हाल ही में एसपी नार्थ से मिलकर वारदात में शामिल अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी। जिसपर उन्होंने रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उनका कहना है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, उनका दर्द कम नहीं होगा।



रिपोर्ट से फैसले में मिलेगी मदद
एसपी नार्थ का कहना है कि चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए मामला किशोर न्याय बोर्ड के सामने विचाराधीन है। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह भी आशंका जताई जा रही है कि उस पर वयस्क अपराधी की तरह कार्रवाई की जाए। अदालत का अंतिम फैसला आने में समय लगेगा। लेकिन पुलिस रिपोर्ट को अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर पेश करेगी। लाई डिटेक्टर टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस चार्जशीट को और मजबूत करने की तैयारी में है। यदि आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त सबूत सामने आते हैं, तो उसके आधार पर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई संभव है।
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