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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, Lekhpal was caught taking a bribe of Rs 100, sentenced after 26 years

Gorakhpur News: 100 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था लेखपाल, 26 साल बाद 3 वर्ष की सजा- जानिए क्या था मामला

Wed, 01 Oct 2025 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 01 Oct 2025 02:03 AM IST
सार

तत्कालीन लेखपाल सूर्य प्रकाश को तीन साल एवं तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी सूर्य प्रसाद वर्मा को एक साल के कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता गोरखनाथ वर्मा ने 16 जून 1999 को पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद से शिकायत की थी। 

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In Gorakhpur, Lekhpal was caught taking a bribe of Rs 100, sentenced after 26 years
सांकेतिक 

विस्तार

भ्रष्टाचार के 26 साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार ने तत्कालीन लेखपाल सूर्य प्रकाश और सहायक चकबंदी अधिकारी को दोषी पाया है। उन दोनों को मंगलवार को सजा सुनाई गई। इस मामले में विजिलेंस ने 1999 में 100 रुपये की घूस लेते हुए लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ा था।

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तत्कालीन लेखपाल सूर्य प्रकाश को तीन साल एवं तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी सूर्य प्रसाद वर्मा को एक साल के कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ता गोरखनाथ वर्मा ने 16 जून 1999 को पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद से शिकायत की थी। 

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शिकायत में उन्होंने बताया था कि अपने चक के संदर्भ में आकार पत्र 23 की प्रति की जरूरत के लिए उन्होंने लेखपाल सूर्य प्रकाश से संपर्क किया। लेखपाल ने इसके लिए 100 रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत नहीं दी और रंगे हाथ पकड़वाने की योजना बनाई। ट्रैप टीम ने 18 जून 1999 को लेखपाल को सहायक चकबंदी अधिकारी के कार्यालय से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था।

जांच में यह भी सामने आया कि सहायक चकबंदी अधिकारी सूर्य प्रसाद ने शिकायतकर्ता के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर मिथ्या साक्ष्य तैयार किया था। पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक सजाओं का सामना करना पड़ा।
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