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Gorakhpur News: फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी के आरोपियों की जमीन कुर्क
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बेलीपार। डीडी फाइनेंस कंपनी के नाम पर करोड़ों की ठगी के आरोपी उपेंद्र नाथ जैसवार व धनावती देवी की जमीन मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर ली गई। खोराबार थाने में दर्ज केस में वांछित इन आरोपियों की संपत्ति पर कार्रवाई की गई।
एसीजेएम प्रथम न्यायालय के आदेश पर धारा 82 व 83 सीआरपीसी के तहत यह कार्रवाई की गई। राजस्व ग्राम भिटहा स्थित गाटा संख्या 200 की कुल 0.954 हेक्टेयर भूमि में से आधी (0.477 हेक्टेयर) को कुर्क किया गया। कुर्की की कार्रवाई नायब तहसीलदार बांसगांव जिवेंद्र त्रिपाठी, हलका लेखपाल अनिल त्रिपाठी व खोराबार और बेलीपार थाने की संयुक्त टीम की मौजूदगी में पूरी की गई। आरोप है कि उपेंद्र नाथ जैसवार ने डीडी फाइनेंस कंपनी के नाम पर निवेशकों को एक से दो साल में रकम दोगुना करने और जमीन दिलाने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये वसूले थे। शुरू में कुछ लोगों को लाभ देकर उनका भरोसा जीता, लेकिन बाद में बड़ी रकम लेकर भाग गया। सोकहना निवासी निरंकार तिवारी, सौरभ शुक्ला समेत कई लोगों ने अलग-अलग थानों में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज कराए थे। बेलीपार निवासी लक्ष्मी नारायण ओझा की तहरीर पर खोराबार थाने में भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर कार्रवाई की गई है। संवाद
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एसीजेएम प्रथम न्यायालय के आदेश पर धारा 82 व 83 सीआरपीसी के तहत यह कार्रवाई की गई। राजस्व ग्राम भिटहा स्थित गाटा संख्या 200 की कुल 0.954 हेक्टेयर भूमि में से आधी (0.477 हेक्टेयर) को कुर्क किया गया। कुर्की की कार्रवाई नायब तहसीलदार बांसगांव जिवेंद्र त्रिपाठी, हलका लेखपाल अनिल त्रिपाठी व खोराबार और बेलीपार थाने की संयुक्त टीम की मौजूदगी में पूरी की गई। आरोप है कि उपेंद्र नाथ जैसवार ने डीडी फाइनेंस कंपनी के नाम पर निवेशकों को एक से दो साल में रकम दोगुना करने और जमीन दिलाने का लालच देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये वसूले थे। शुरू में कुछ लोगों को लाभ देकर उनका भरोसा जीता, लेकिन बाद में बड़ी रकम लेकर भाग गया। सोकहना निवासी निरंकार तिवारी, सौरभ शुक्ला समेत कई लोगों ने अलग-अलग थानों में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज कराए थे। बेलीपार निवासी लक्ष्मी नारायण ओझा की तहरीर पर खोराबार थाने में भी केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर कार्रवाई की गई है। संवाद
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