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Gorakhpur News: रोडवेज की बसों से हर दिन बिना बुकिंग के आता है खोवा
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परिवहन कर्मियों के भी इस धंधे में शामिल होने की है आशंका
सुबह स्टेशन पर उतार देते हैं गत्ता, टेंपो-ई-रिक्शा से दुकान पर चला जाता है माल
गोरखपुर। रोडवेज की बसों में बिना बुकिंग के कोई सामान ले जाना प्रतिबंधित है। लेकिन मिलावटी खोवा और अन्य खाद्य सामग्रियां दूसरे शहरों से गोरखपुर तक रोडवेज की बसों से ही आ रही हैं। व्यापारी माल बस में लोड करा देते हैं और बदले में चालक-परिचालक को कुछ रकम पकड़ा देते हैं। गोरखपुर में बस स्टेशन से पहले माल उतारकर फुटपाथ पर रख दिया जाता है। वहां से ई-रिक्शा व ऑटो चालक उसे संबंधित दुकानों पर पहुंचा देते हैं।
बसों से खोवा व पनीर के अलावा दवाएं व अन्य सामग्री गत्ते व बोरे में भरकर भेजने का काम लंबे अरसे से चला आ रहा है। पिछले साल शासन स्तर पर इसकी समीक्षा की गई और इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। आदेश जारी हुआ कि ऐसा करने वाले चालक-परिचालकों पर कार्रवाई होगी। बसों से ढोए जा रहे माल को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गईं। बस स्टेशन पर एक कोरियर सेवा भी शुरू हुई। तय हुआ कि लिफाफा भी कोरियर के माध्यम से ही भेजा जाएगा। लेकिन, यह सारी कवायद केवल कागजों में ही होती रही। अभी भी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों से सामान बसों से बिना किसी बुकिंग के भेजा जा रहा है। इन सामान के साथ कोई व्यक्ति यात्रा नहीं करता है। सामान को बस की डिकी या चालक अपने सीट के पास रख लेते हैं और उसे आराम से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दिया जाता है। अगर माल पकड़ा गया तो लावारिश मानकर नष्ट करा दिया जाता है।
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हर जिले में पहुंचती है यह खेप
कानपुर से मिलावटी खोवा की खेप गोरखपुर के अलावा देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर आदि जिलों में भी रोडवेज की बसों से ही पहुंचती है। सुबह जो बस पहुंचती है, उस पर माल लदा होता है। चालक-परिचालक उसे कभी स्टेशन के गेट पर तो कभी परिसर में उतारकर छोड़ देते हैं। उस माल का वास्तविक मालिक वहां से थोड़ी दूरी पर खड़ा रहता है और उसके इशारे पर ई-रिक्शा या टेंपो चालक माल उठा लेते हैं। चालकों को ही पता होता है कि किस बस से उतरा माल किस दुकान पर पहुंचाना है।
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वर्जन
शनिवार को बसों से खोवा या कोई अन्य सामग्री बिना बुकिंग के ही गोरखपुर लाने की कोई सूचना नहीं है। शासन के निर्देश पर बस स्टेशन परिसर में कोरियर का सेंटर संचालित है। बिना बुकिंग के आने वाले माल को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। अगर कोई माल बस में पकड़ा जाता है तो संबंधित चालक-परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
लव कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक-परिवहन निगम गोरखपुर
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सुबह स्टेशन पर उतार देते हैं गत्ता, टेंपो-ई-रिक्शा से दुकान पर चला जाता है माल
गोरखपुर। रोडवेज की बसों में बिना बुकिंग के कोई सामान ले जाना प्रतिबंधित है। लेकिन मिलावटी खोवा और अन्य खाद्य सामग्रियां दूसरे शहरों से गोरखपुर तक रोडवेज की बसों से ही आ रही हैं। व्यापारी माल बस में लोड करा देते हैं और बदले में चालक-परिचालक को कुछ रकम पकड़ा देते हैं। गोरखपुर में बस स्टेशन से पहले माल उतारकर फुटपाथ पर रख दिया जाता है। वहां से ई-रिक्शा व ऑटो चालक उसे संबंधित दुकानों पर पहुंचा देते हैं।
बसों से खोवा व पनीर के अलावा दवाएं व अन्य सामग्री गत्ते व बोरे में भरकर भेजने का काम लंबे अरसे से चला आ रहा है। पिछले साल शासन स्तर पर इसकी समीक्षा की गई और इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। आदेश जारी हुआ कि ऐसा करने वाले चालक-परिचालकों पर कार्रवाई होगी। बसों से ढोए जा रहे माल को पकड़ने के लिए टीमें गठित की गईं। बस स्टेशन पर एक कोरियर सेवा भी शुरू हुई। तय हुआ कि लिफाफा भी कोरियर के माध्यम से ही भेजा जाएगा। लेकिन, यह सारी कवायद केवल कागजों में ही होती रही। अभी भी लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत कई प्रमुख शहरों से सामान बसों से बिना किसी बुकिंग के भेजा जा रहा है। इन सामान के साथ कोई व्यक्ति यात्रा नहीं करता है। सामान को बस की डिकी या चालक अपने सीट के पास रख लेते हैं और उसे आराम से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दिया जाता है। अगर माल पकड़ा गया तो लावारिश मानकर नष्ट करा दिया जाता है।
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हर जिले में पहुंचती है यह खेप
कानपुर से मिलावटी खोवा की खेप गोरखपुर के अलावा देवरिया, महराजगंज, कुशीनगर, संतकबीरनगर आदि जिलों में भी रोडवेज की बसों से ही पहुंचती है। सुबह जो बस पहुंचती है, उस पर माल लदा होता है। चालक-परिचालक उसे कभी स्टेशन के गेट पर तो कभी परिसर में उतारकर छोड़ देते हैं। उस माल का वास्तविक मालिक वहां से थोड़ी दूरी पर खड़ा रहता है और उसके इशारे पर ई-रिक्शा या टेंपो चालक माल उठा लेते हैं। चालकों को ही पता होता है कि किस बस से उतरा माल किस दुकान पर पहुंचाना है।
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वर्जन
शनिवार को बसों से खोवा या कोई अन्य सामग्री बिना बुकिंग के ही गोरखपुर लाने की कोई सूचना नहीं है। शासन के निर्देश पर बस स्टेशन परिसर में कोरियर का सेंटर संचालित है। बिना बुकिंग के आने वाले माल को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। अगर कोई माल बस में पकड़ा जाता है तो संबंधित चालक-परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
लव कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक-परिवहन निगम गोरखपुर