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Gorakhpur News: 20 को वक्री होंगे बृहस्पति, कहीं निराशा तो किसी की चमकेगी किस्मत
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गोरखपुर। 20 अक्तूबर को गुरु बृहस्पति वक्री (उलटी चाल) होंगे। इसके बाद इनकी उलटी चाल शुरू हो जाएगी, जो 28 जनवरी 2025 तक रहेगी। हालांकि गुरु बृहस्पति वृष राशि में ही रहेंगे, इनका राशि परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद गुरु बृहस्पति मार्गी (सीधी चाल) हो जाएंगे। इस दौरान पांच राशियों को फायदा, तीन को नुकसान व चार राशियों को गुरु बृहस्पति की पूजा करने पर फल मिलेगा। कहीं निराशा तो किसी की किस्मत चमक जाएगी।
गोरक्षनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिषाचार्य व ज्योतिष विभागध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि गुरु बृहस्पति 101 दिन वक्री रहेंगे। इससे पांच राशियां मेष, कन्या, कर्क, वृश्चिक व मकर राशि वाले जातकों को ज्यादा लाभ गुरु बृहस्पति देंगे। इनकी आर्थिक स्थिती अच्छी होने के साथ ही धन लाभ के अवसर खुलेंगे, किस्मत चमकेगी। इनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। जीवन में खुशहाली आएगी। इसके साथ ही तीन राशियां मिथुन, तुला व कुंभ के लिए यह समय हितकर नहीं होगा। यूं कहें कि इनके लिए कम फलदायक होगा। आर्थिक परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहना होगा, निराशा हाथ लग सकती है। इसी क्रम में बची चार राशियों वृष, सिंह, धनु व मीन के जातकों के लिए सामान्य रहेगा। परंतु इन राशियों को पूजित (बृहस्पति की पूजा करने पर) फल ज्यादा मिलेगा। इनकी आर्थिक स्थिति व स्वास्थ्य पूजा पाठ करने के अनुसार बदलेगा।
गोरक्षनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि ज्योतिष के अनुसार वक्री गुरु का अलग-अलग राशियों में शुभाशुभ फल होता है। किसी-किसी राशि के लिए अद्भुत सहायक भी होता है तथा किसी राशि के लिए कष्टकारक भी हो जाता है। कुंडली में यदि गुरु लग्नस्थ है और वक्री होता है तो जातक के लिए शुभफलदायक होता है। यदि गुरु केंद्र में कहीं भी हो और वक्री होता है तो शुभ फलदायक होता है।
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गोरक्षनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिषाचार्य व ज्योतिष विभागध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि गुरु बृहस्पति 101 दिन वक्री रहेंगे। इससे पांच राशियां मेष, कन्या, कर्क, वृश्चिक व मकर राशि वाले जातकों को ज्यादा लाभ गुरु बृहस्पति देंगे। इनकी आर्थिक स्थिती अच्छी होने के साथ ही धन लाभ के अवसर खुलेंगे, किस्मत चमकेगी। इनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। जीवन में खुशहाली आएगी। इसके साथ ही तीन राशियां मिथुन, तुला व कुंभ के लिए यह समय हितकर नहीं होगा। यूं कहें कि इनके लिए कम फलदायक होगा। आर्थिक परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहना होगा, निराशा हाथ लग सकती है। इसी क्रम में बची चार राशियों वृष, सिंह, धनु व मीन के जातकों के लिए सामान्य रहेगा। परंतु इन राशियों को पूजित (बृहस्पति की पूजा करने पर) फल ज्यादा मिलेगा। इनकी आर्थिक स्थिति व स्वास्थ्य पूजा पाठ करने के अनुसार बदलेगा।
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गोरक्षनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के सहायक आचार्य डॉ. प्रांगेश कुमार मिश्र ने बताया कि ज्योतिष के अनुसार वक्री गुरु का अलग-अलग राशियों में शुभाशुभ फल होता है। किसी-किसी राशि के लिए अद्भुत सहायक भी होता है तथा किसी राशि के लिए कष्टकारक भी हो जाता है। कुंडली में यदि गुरु लग्नस्थ है और वक्री होता है तो जातक के लिए शुभफलदायक होता है। यदि गुरु केंद्र में कहीं भी हो और वक्री होता है तो शुभ फलदायक होता है।
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