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Gorakhpur News: ब्रांडेड कंपनियों के नाम वाली बोरियों में सीमेंट की जगह ''''कूड़ा''''
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150 रुपये प्रति बोरी खरीदकर 400 में बेचते थे खराब हो चुका सीमेंट
फैक्टरी संचालक सहित तीन भेजे गए जेल, ठेकेदार सहित चार पर होगी कार्रवाई
मोतीराम अड्डा से रोजाना फैक्टरी में भेजी जाती थीं पांच सौ बोरियां
महावीर छपरा। मरवड़िया कुआं के समीप पकड़ी गई फैक्टरी में खराब हो चुका सीमेंट ब्रांडेड कंपनी के नाम की बोरियों में पैक करके बेचा जा रहा था। मोतीराम अड्डा से रोजाना 500 बोरी खराब सीमेंट डेढ़ सौ रुपये के रेट पर इस फैक्टरी में आता था। खराब या कहें कूड़ा हो चुके सीमेंट को छानकर नई बोरियों में पैक किया जाता था और 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेच दिया जाता था। नकली सीमेंट के इस धंधे में फैक्टरी मालिक को प्रति बोरी 120 और ठेकेदार को 80 रुपये की कमाई होती थी जबकि 50 रुपये प्रति बोरी मजदूरी व अन्य मदों में खर्च हो जाते थे।
बेलीपार थाने की मरवड़िया कुआं चौकी के समीप बुधवार की देर शाम एक गोदाम में संचालित नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि वहां अल्ट्राटेक व डालमिया कंपनी के नाम लिखी बोरियों में भरकर नकली सीमेंट 320 रुपये की दर से कोतवाली और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के ठेकेदार को दिया जाता था। ठेकेदार यह नकली सीमेंट 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेचता था।
लखनऊ एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मरवड़िया कुआं चौकी के समीप एक गोदाम में नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी काफी दिन से चल रही है। लखनऊ एसटीएफ के उप निरीक्षक चंद्र प्रकाश मिश्र ने टीम गठित कर जांच कराई तो पता चला कि बेलीपार थाना क्षेत्र के चनऊ उर्फ बेतऊआ के समीप नकली सीमेंट बनाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है। टीम ने बुधवार को छापा मारा तो मरवड़िया कुआं पुलिस चौकी वाले रोड पर करीब एक किलोमीटर आगे रोड के दोनों तरफ गोदाम में नकली सीमेंट बनाया जा रहा था। गोरखपुर यूनिट के साथ जब टीम ने छापा मारा तो मौके से डालमिया और अल्ट्राटेक लिखे बोरे में सीमेंट, खाली बोरे और अन्य सामग्री बरामद हुई।
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फैक्टरी में मिले तीन लोग, जेल भेजे गए
छापे के दौरान अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के लीगल मैनेजर नीरज मिश्रा को भी बुलाया गया। गोदाम में बने ऑफिस में गीडा क्षेत्र के पिछौरा गांव निवासी फैक्टरी मालिक अभिषेक शुक्ला और दो मजदूर मिले। अभिषेक ने बताया कि अल्ट्राटेक व डालमिया सीमेंट का खराब हो चुका माल गोदाम से खरीद लेते थे और उसे छानकर फिर नई बोरी में पैक कर ठेकेदारों को बेचते थे। एक बोरी पर करीब 120 रुपये बचते थे। ठेकेदार को भी 80 रुपये प्रति बोरी का लाभ मिल जाता था। 50 रुपये प्रति बोरी ट्रेवलिंग व अन्य खर्च में चला जाता था।
एसटीएफ ने फैक्टरी मालिक अभिषेक व दो मजदूरों चिलुआताल के विशुनपुर टोला सपटहिया निवासी दीनदयाल चौहान व सहजनवां थाने के भीटी रावत टोला भरपुरवा के रामलवट को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। बेलीपार पुलिस नकली सीमेंट खरीदने वाले दोनों ठेकेदार, मोतीराम अड्डा स्थित अल्ट्राटेक व डालमिया मोतीराम कंपनी के डंपिंग यार्ड से माल देने वाले स्टाफ और बोरा उपलब्ध कराने वाले दुकानदार पर भी कार्रवाई करने में जुटी है।
फैक्टरी से इन सामग्री की हुई बरामदगी
पुलिस के मुताबिक फैक्टरी से अल्ट्राटेक के नाम की बोरियों में भरे 82 बोरी सीमेंट, अल्ट्राटेक कंपनी के नाम की कूटरचित 112 खाली बोरियां, अल्ट्राटेक कंपनी का खराब सीमेंट 60 बोरी और एक इलेक्ट्रानिक तौल मशीन बरामद की गई। दूसरे गोदाम से अल्ट्राटेक के नाम का 175 भरी बोरी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट की कूटरचित 100 खाली बोरी, डालमिया कंपनी की 250 बोरी में आधा भरा हुआ खराब सीमेंट, एक मोबाइल बरामद कर जब्त किया गया।
14 रुपये में मंगाते थे अल्ट्राटेक की खाली बोरी
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि सीमेंट बनाने वाली नकली फैक्टरी का संचालक अल्ट्राटेक व डालमिया कंपनी की खाली बोरी में सीमेंट भरवाता था। अल्ट्राटेक की खाली बोरी साहबगंज मंडी के केदारनाथ जायसवाल (आदि शक्ति इण्टरप्राइजेज) के यहां से 14 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से मंगाई जाती थी।
फैक्टरी मालिक ने नकली सीमेंट बनाने की बात स्वीकार की
एसटीएफ की पूछताछ में फैक्टरी संचालक अभिषेक शुक्ला ने बताया कि वह यह काम तीन माह से कर रहा था। खराब सीमेंट को छानने के बाद रोड़े को निकालकर जो सामान्य माल बचता है उसको नई खाली कूटरचित बोरी में भरकर कोतवाली क्षेत्र के पुर्दिलपुर के ठेकेदार शिवा एसोसिएट और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामजानकी नगर के रिलाएबल एसोसिएट को 300 से 320 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बेचता था। दोनों ठेकेदार सस्ते सीमेंट के लालच में खराब माल की जानकरी होने के बाद भी खरीदते थे।
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फैक्टरी संचालक सहित तीन भेजे गए जेल, ठेकेदार सहित चार पर होगी कार्रवाई
मोतीराम अड्डा से रोजाना फैक्टरी में भेजी जाती थीं पांच सौ बोरियां
महावीर छपरा। मरवड़िया कुआं के समीप पकड़ी गई फैक्टरी में खराब हो चुका सीमेंट ब्रांडेड कंपनी के नाम की बोरियों में पैक करके बेचा जा रहा था। मोतीराम अड्डा से रोजाना 500 बोरी खराब सीमेंट डेढ़ सौ रुपये के रेट पर इस फैक्टरी में आता था। खराब या कहें कूड़ा हो चुके सीमेंट को छानकर नई बोरियों में पैक किया जाता था और 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेच दिया जाता था। नकली सीमेंट के इस धंधे में फैक्टरी मालिक को प्रति बोरी 120 और ठेकेदार को 80 रुपये की कमाई होती थी जबकि 50 रुपये प्रति बोरी मजदूरी व अन्य मदों में खर्च हो जाते थे।
बेलीपार थाने की मरवड़िया कुआं चौकी के समीप बुधवार की देर शाम एक गोदाम में संचालित नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि वहां अल्ट्राटेक व डालमिया कंपनी के नाम लिखी बोरियों में भरकर नकली सीमेंट 320 रुपये की दर से कोतवाली और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के ठेकेदार को दिया जाता था। ठेकेदार यह नकली सीमेंट 400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेचता था।
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लखनऊ एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मरवड़िया कुआं चौकी के समीप एक गोदाम में नकली सीमेंट बनाने की फैक्टरी काफी दिन से चल रही है। लखनऊ एसटीएफ के उप निरीक्षक चंद्र प्रकाश मिश्र ने टीम गठित कर जांच कराई तो पता चला कि बेलीपार थाना क्षेत्र के चनऊ उर्फ बेतऊआ के समीप नकली सीमेंट बनाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय है। टीम ने बुधवार को छापा मारा तो मरवड़िया कुआं पुलिस चौकी वाले रोड पर करीब एक किलोमीटर आगे रोड के दोनों तरफ गोदाम में नकली सीमेंट बनाया जा रहा था। गोरखपुर यूनिट के साथ जब टीम ने छापा मारा तो मौके से डालमिया और अल्ट्राटेक लिखे बोरे में सीमेंट, खाली बोरे और अन्य सामग्री बरामद हुई।
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फैक्टरी में मिले तीन लोग, जेल भेजे गए
छापे के दौरान अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के लीगल मैनेजर नीरज मिश्रा को भी बुलाया गया। गोदाम में बने ऑफिस में गीडा क्षेत्र के पिछौरा गांव निवासी फैक्टरी मालिक अभिषेक शुक्ला और दो मजदूर मिले। अभिषेक ने बताया कि अल्ट्राटेक व डालमिया सीमेंट का खराब हो चुका माल गोदाम से खरीद लेते थे और उसे छानकर फिर नई बोरी में पैक कर ठेकेदारों को बेचते थे। एक बोरी पर करीब 120 रुपये बचते थे। ठेकेदार को भी 80 रुपये प्रति बोरी का लाभ मिल जाता था। 50 रुपये प्रति बोरी ट्रेवलिंग व अन्य खर्च में चला जाता था।
एसटीएफ ने फैक्टरी मालिक अभिषेक व दो मजदूरों चिलुआताल के विशुनपुर टोला सपटहिया निवासी दीनदयाल चौहान व सहजनवां थाने के भीटी रावत टोला भरपुरवा के रामलवट को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। बेलीपार पुलिस नकली सीमेंट खरीदने वाले दोनों ठेकेदार, मोतीराम अड्डा स्थित अल्ट्राटेक व डालमिया मोतीराम कंपनी के डंपिंग यार्ड से माल देने वाले स्टाफ और बोरा उपलब्ध कराने वाले दुकानदार पर भी कार्रवाई करने में जुटी है।
फैक्टरी से इन सामग्री की हुई बरामदगी
पुलिस के मुताबिक फैक्टरी से अल्ट्राटेक के नाम की बोरियों में भरे 82 बोरी सीमेंट, अल्ट्राटेक कंपनी के नाम की कूटरचित 112 खाली बोरियां, अल्ट्राटेक कंपनी का खराब सीमेंट 60 बोरी और एक इलेक्ट्रानिक तौल मशीन बरामद की गई। दूसरे गोदाम से अल्ट्राटेक के नाम का 175 भरी बोरी सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट की कूटरचित 100 खाली बोरी, डालमिया कंपनी की 250 बोरी में आधा भरा हुआ खराब सीमेंट, एक मोबाइल बरामद कर जब्त किया गया।
14 रुपये में मंगाते थे अल्ट्राटेक की खाली बोरी
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि सीमेंट बनाने वाली नकली फैक्टरी का संचालक अल्ट्राटेक व डालमिया कंपनी की खाली बोरी में सीमेंट भरवाता था। अल्ट्राटेक की खाली बोरी साहबगंज मंडी के केदारनाथ जायसवाल (आदि शक्ति इण्टरप्राइजेज) के यहां से 14 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से मंगाई जाती थी।
फैक्टरी मालिक ने नकली सीमेंट बनाने की बात स्वीकार की
एसटीएफ की पूछताछ में फैक्टरी संचालक अभिषेक शुक्ला ने बताया कि वह यह काम तीन माह से कर रहा था। खराब सीमेंट को छानने के बाद रोड़े को निकालकर जो सामान्य माल बचता है उसको नई खाली कूटरचित बोरी में भरकर कोतवाली क्षेत्र के पुर्दिलपुर के ठेकेदार शिवा एसोसिएट और गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रामजानकी नगर के रिलाएबल एसोसिएट को 300 से 320 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से बेचता था। दोनों ठेकेदार सस्ते सीमेंट के लालच में खराब माल की जानकरी होने के बाद भी खरीदते थे।