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Gorakhpur News: हाइड्रोजन का भंडारण होगा आसान ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अम्बरीष श्रीवास्तव और उनकी शोधार्थी हर्षिता श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन भंडारण की दिशा में बड़ी खोज की है। उन्होंने छह लिथियम परमाणु को जोड़कर बोरेजीन आधारित फ्रेमवर्क विकसित किया है। इससे इससे हाइड्रोजन का भंडारण आसान होगा, ऊर्जा क्षेत्र को भी नई दिशा मिलेगी।
उनका यह रिसर्च भारतीय पेटेंट कार्यालय के जर्नल में प्रकाशित हुआ है। ‘हेक्सालिथिएटेड बोरेजीन कंपाउंड्स फॉर एडवांस्ड हाइड्रोजन स्टोरेज’ शीर्षक से प्रकाशित इस रिसर्च में उन्होंने हाइड्रोजन ऊर्जा के उन्नत भंडारण की दिशा में कार्य किया है। इस अविष्कार में उन्होंने बोरेजीन आधारित फ्रेमवर्क (बी3एन3एलआई6) विकसित किया है, जिसमें छह लिथियम परमाणुओं को जोड़ा गया है। यह संरचना हाइड्रोजन अणुओं के लिए सक्रिय अवशोषण स्थलों के रूप में कार्य करती है।
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उनका यह रिसर्च भारतीय पेटेंट कार्यालय के जर्नल में प्रकाशित हुआ है। ‘हेक्सालिथिएटेड बोरेजीन कंपाउंड्स फॉर एडवांस्ड हाइड्रोजन स्टोरेज’ शीर्षक से प्रकाशित इस रिसर्च में उन्होंने हाइड्रोजन ऊर्जा के उन्नत भंडारण की दिशा में कार्य किया है। इस अविष्कार में उन्होंने बोरेजीन आधारित फ्रेमवर्क (बी3एन3एलआई6) विकसित किया है, जिसमें छह लिथियम परमाणुओं को जोड़ा गया है। यह संरचना हाइड्रोजन अणुओं के लिए सक्रिय अवशोषण स्थलों के रूप में कार्य करती है।
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