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सूदखोरी का जाल: गोरखपुर में सूदखोर ने मकान बिकवा दिया, बेटी की पढ़ाई भी छूटी- अब CM से की फरियाद

Mon, 19 Aug 2024 05:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Mon, 19 Aug 2024 05:55 AM IST
सार

मोहद्दीपुर निवासी शिवेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह मोहद्दीपुर ही में पिछले 22 वर्ष से स्टेशनरी की दुकान चलाकर जीविकोपार्जन कर रहे थे। आय को बढ़ाने के लिए विद्यालय में किताब व कॉपी की सप्लाई शुरू कर दी। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी, जिसे मित्र समझकर संजय तिवारी से लिया। संजय ने दस प्रतिशत ब्याज पर रुपये दिए थे। 25 अप्रैल 2016 को अचानक शार्ट सर्किट से उनकी दुकान में आग लग गई और सबकुछ जलकर खाक हो गया, लेकिन ब्याज लेना संजय ने बंद नहीं किया, जबकि मूलधन से वह काफी ज्यादा ले चुका था।

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Shivendra Gaur of Gorakhpur sold his house after not being able to pay money due to usury, now complains to CM
रुपये( सांकेतिक) - फोटो : Istock

विस्तार

गोरखपुर। कैंट इलाके के मोहद्दीपुर में रहने वाले शिवेंद्र कुमार गौड़ सूदखोरों के जाल में इस कदर फंस गए कि दुकान से लेकर मकान तक बिक गया, लेकिन ब्याज की रकम आज भी बरकरार है। इतना ही नहीं सूदखोरों के आतंक की वजह से इंटर में टॉप करने वाली उनकी बेटी ने भी पढ़ाई छोड़ दी है।
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अब जब परिवार अवसाद में आ गया है तो वह मदद के लिए एसएसपी के पास पहुंचे। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर आरोपियों मृत्युंजय निषाद, बबलू निषाद, संजय तिवारी, धनंजय तिवारी, रामशरण यादव, चंद्रशेखर प्रसाद, मनीष सिंह, अशोक अग्रवाल, कुटुस अली के खिलाफ कैंट थाने में जालसाजी, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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Shivendra Gaur of Gorakhpur sold his house after not being able to pay money due to usury, now complains to CM
रुपये( सांकेतिक) - फोटो : Istock
जानकारी के अनुसार, मोहद्दीपुर निवासी शिवेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह मोहद्दीपुर ही में पिछले 22 वर्ष से स्टेशनरी की दुकान चलाकर जीविकोपार्जन कर रहे थे। आय को बढ़ाने के लिए विद्यालय में किताब व कॉपी की सप्लाई शुरू कर दी। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी, जिसे मित्र समझकर संजय तिवारी से लिया।

संजय ने दस प्रतिशत ब्याज पर रुपये दिए थे। 25 अप्रैल 2016 को अचानक शार्ट सर्किट से उनकी दुकान में आग लग गई और सबकुछ जलकर खाक हो गया, लेकिन ब्याज लेना संजय ने बंद नहीं किया, जबकि मूलधन से वह काफी ज्यादा ले चुका था।
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Shivendra Gaur of Gorakhpur sold his house after not being able to pay money due to usury, now complains to CM
मकान की रजिस्ट्री कर दी - फोटो : Istock
फिर उसने खुद के ब्याज के लिए अपने ही भाई धनंजय से ब्याज पर रुपये दिला दिए। इन दोनों को ब्याज देने के लिए वह कई लोगों से गारंटी के तौर पर चेक रखकर रुपये ले लिए। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती गई।

इसी बीच संजय और धनंजय ने अपने परिचित मृत्युंजय निषाद से मिलाया। उसने अपनी पत्नी के नाम से शिवेंद्र की दुकान को अक्टूबर 2018 में बैनामा करा लिया। इससे जो रुपया मिला, वह भी ब्याज में चला गया। फिर 2019 में आरोपियों ने कहा कि ब्याज बढ़ गया है और तब मृत्युंजय ने साढ़े 16 लाख में मकान खरीदने को कहा, लेकिन आधी रकम ही दी। कुछ रकम ब्याज में काट लिए। बाकी की रकम आज तक नहीं दिए। उल्टे अब सभी जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार
सूदखोरों के मकड़जाल में फंसे शिवेंद्र को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उन्होंने वर्ष 2022 में 17 मई व 20 जून को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचकर गुहार लगाई। इसके बाद पुलिस ने उसकी शिकायत को आईजीआरएस पर दर्ज किया। तबसे पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इस मामले की जानकारी जब एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को हुई तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया।
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Shivendra Gaur of Gorakhpur sold his house after not being able to pay money due to usury, now complains to CM
रुपये( सांकेतिक) - फोटो : Istock

सूदखोरों के कर्ज से बर्बाद हो चुके हैं कई परिवार
सूदखोरों के कर्ज में पहले भी कई जिंदगियां खत्म हो चुकी हैं। आत्मघाती कदम उठा परिवार की हत्या करने के बाद खुदकुशी की कई घटनाएं हुई हैं।
08 दिसंबर 2015 : खोराबार के पोछिया ब्रह्मस्थान केवटान टोला निवासी दिलीप निषाद ने पत्नी माया और दस माह के बच्चे लकी की हत्या की और फिर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।

08 मई 2018 : खोराबार के झारखंडी निवासी महिला शशि सिंह ने बेटी दीक्षा उर्फ एंजन और बेटे नववैध की गला दबाकर हत्या कर दी थी। फिर फंदा लगाकर खुदकुशी की। पति संतोष पहले ही खुदकुशी कर चुका था।
04 फरवरी 2019: राजघाट निवासी व्यापारी रमेश गुप्ता ने पत्नी सरिता, बेटी रचना, पायल व छोटे बेटे आयुष को खाने में जहर देकर हत्या की थी। फिर खुद ट्रेन के सामने कूदकर उसने जान दे दी थी।

06 मई 2020: पिपराइच के उनौला स्टेशन के पास पूजा तीन बेटियों संग ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी थी।

Shivendra Gaur of Gorakhpur sold his house after not being able to pay money due to usury, now complains to CM
रुपये( सांकेतिक) - फोटो : Istock
22 अक्तूबर 2021: खोराबर के भैसहा निवासी मंजू बेटे अनूप व बेटी अमृता के साथ आग लगा ली थी। बच्चों की मौत हो गई थी।

07 सितंबर 2017 : शाहपुर के शक्तिनगर में शोभा अपनी बड़ी बेटी एंजन, बेटे अर्थव और आराध्या के साथ पंखे से लटक गई थी। इस मामले में शोभा व उसकी बड़ी बेटी की मौत हो गई थी।
09 दिसंबर 2022: पिपराइच के जंगल धूसड़ में विवेकानंद दूबे ने पत्नी मालती के साथ खुदकुशी कर ली थी। कमरे में पत्नी और बाहर पति का शव मिला।

16 नवंबर 2022: शाहपुर में जितेंद्र श्रीवास्तव ने बेटी मान्या और मानवी के साथ खुदकुशी की थी। बेटियों के शव पंखे के सहारे लटके थे।
16 नवंबर 2022 : गोरखनाथ में मां सरोज देवी और बेटे मनीष राय ने खुदकुशी की थी। दोनों ने जहर खाकर जान दी थी।

7 फरवरी 2023 : गोला के देवकली गांव में सूदखोरों से परेशान होकर इंद्र बहादुर मौर्य ने पत्नी सुशीला, बेटी चांदनी और अर्श को जिंदा जला दिया था और फिर खुदकुशी कर ली थी।
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