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Gorakhpur News: हुक्का बार...चुटकियों में हाईफाई जिंदगी फिर सब खत्म
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सात साल में 100 से अधिक लड़कियों की जिंदगी कर चुका है बर्बाद धंधेबाज
मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा की कार से भेजी जाती थीं क्लाइंट को लड़कियां
संचालक के इशारे पर रेशमा खान फंसाती थी लड़कियों को, पुलिस कर रही तलाश
गोरखपुर। शाहपुर के गीता वाटिका स्थित जेनिस बॉटल हुक्काबार में तीन नाबालिग लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद मामले की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हुक्का बार के उद्घाटन के बाद से ही उसमें देह व्यापार का खेल शुरू हो गया था। धंधेबाज के इशारे पर रेशमा खान नाम की युवती बिहार, नेपाल और आसपास के जिलों से यहां पढ़ने आनेवाली किशोरियों को चुटकियों में हाईफाई जिंदगी का ख्वाब दिखाकर जाल में फंसाती थी। बाकी का काम सरगना खुद करता था। नशे की हैवी डोज देकर किशोरियों के साथ गलत काम किया जाता। फिर वीडियो, फोटो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करके देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। जो बर्दाश्त कर जातीं वे धंधे में शामिल हो जातीं, वरना सबकुछ खत्म। ऐसी गंदी कमाई से हुक्काबार संचालक अनिरुद्ध ओझा कम ही दिनों में करोड़पति बन गया।
ह्वाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेज कर कराते थे पसंद
पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के मोबाइल की जांच की तो 50 से अधिक लड़कियों के नंबर मिले। अनिरुद्ध के ह्वाट्सएप से कई लोगों को लड़कियों के फोटो भेजे गए थे। सूत्रों की माने तो अनिरुद्ध शहर के कई सफेदपोश और कारोबारियों के संपर्क में था। वह उन्हें लड़कियों की सप्लाई करता था। इसके पहले ह्वाट्सएप पर लड़कियों के फोटो भेजकर पसंद कराता था। पसंद आने पर वे 15 से 20 हजार रुपये देकर लड़कियों को लखनऊ, नेपाल टूर पर साथ ले जाते थे।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के पास एक कार है। इस कार का इस्तेमाल देह व्यापार में फंसी लड़कियों को इधर-उधर भेजने में किया जाता था। पुलिस ने उसकी कार को भी कब्जे में ले लिया है।
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2018 में शुरू किया था हुक्काबार का धंधा, 100 से ज्यादा लड़कियों की खराब की जिंदगी
अनिरुद्ध ने 2018 में हुक्का बार का धंधा शुरू किया। पहली बार उसने मोहद्दीपुर में यह धंधा शुरू किया। वहां विरोध होने पर पैडलेगंज चला गया। इसके बाद साल 2024 में शाहपुर में गीता वाटिका के पास अनुराग सिंह की बिल्डिंग में पार्टनरशिप में हुक्का बार खोला। 13 मार्च को उसका उद्घाटन एक जनप्रतिनिधि ने किया था। इंस्टाग्राम पर अनिरुद्ध के कई वीडियो और फोटो हुक्का फूंकते हुए हैं, जो इस समय वायरल हो भी रहे हैं। पूरे रेस्टोरेंट को हुक्के से ही सजाया गया है। बताया जा रहा है कि अनिरुद्ध ने सात साल में 100 से ज्यादा लड़कियों को फंसाकर उनकी जिंदगी खराब कर चुका है।
रेशमा नाम की एक लड़की जाल में फंसाती थी लड़कियों को
रामगढ़ताल की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुक्का बार में हुई थी। पुलिस को जांच पड़ताल में रेशमा खान नाम की एक लड़की के बारे में पता चला है। बताया जा रहा है कि वह अनिरुद्ध की दोस्त थी। किशोरी को फंसाकर हुक्का बार तक लाने में रेशमा का भी हाथ था। रेशमा भोली भाली लड़कियों से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर उन्हें जाल में फंसाकर हुक्का बार लाती थी। फिर उन्हें ब्लैकमेल कर देह व्यापार कराया जाता।
अनिरूद्ध की पत्नी बोली- नहीं पता था पति की ऐसी करतूतों का
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनिरुद्ध ओझा (35) की साल 2024 में रुचि शर्मा (22) से पहली बार मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच में दोस्ती हो गई। नवंबर 2024 में ही दोनों ने शादी भी कर ली। पुलिस ने 10 जनवरी को हुक्का बार में छापा मारकर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम में अन्य आरोपियों के साथ ही रुचि शर्मा पर भी केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो रुचि शर्मा ने बताया कि वह एक मॉल में काम करती थी। शादी के बाद काम छोड़ दिया। अनिरुद्ध हुक्का बार चलाता है, ये पता है, लेकिन वहां ऐसी करतूतों के बारे में जानकारी नहीं थी। पुलिस ने रुचि का मोबाइल भी चेक किया है। अभी तक उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
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मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा की कार से भेजी जाती थीं क्लाइंट को लड़कियां
संचालक के इशारे पर रेशमा खान फंसाती थी लड़कियों को, पुलिस कर रही तलाश
गोरखपुर। शाहपुर के गीता वाटिका स्थित जेनिस बॉटल हुक्काबार में तीन नाबालिग लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद मामले की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हुक्का बार के उद्घाटन के बाद से ही उसमें देह व्यापार का खेल शुरू हो गया था। धंधेबाज के इशारे पर रेशमा खान नाम की युवती बिहार, नेपाल और आसपास के जिलों से यहां पढ़ने आनेवाली किशोरियों को चुटकियों में हाईफाई जिंदगी का ख्वाब दिखाकर जाल में फंसाती थी। बाकी का काम सरगना खुद करता था। नशे की हैवी डोज देकर किशोरियों के साथ गलत काम किया जाता। फिर वीडियो, फोटो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करके देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। जो बर्दाश्त कर जातीं वे धंधे में शामिल हो जातीं, वरना सबकुछ खत्म। ऐसी गंदी कमाई से हुक्काबार संचालक अनिरुद्ध ओझा कम ही दिनों में करोड़पति बन गया।
ह्वाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेज कर कराते थे पसंद
पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के मोबाइल की जांच की तो 50 से अधिक लड़कियों के नंबर मिले। अनिरुद्ध के ह्वाट्सएप से कई लोगों को लड़कियों के फोटो भेजे गए थे। सूत्रों की माने तो अनिरुद्ध शहर के कई सफेदपोश और कारोबारियों के संपर्क में था। वह उन्हें लड़कियों की सप्लाई करता था। इसके पहले ह्वाट्सएप पर लड़कियों के फोटो भेजकर पसंद कराता था। पसंद आने पर वे 15 से 20 हजार रुपये देकर लड़कियों को लखनऊ, नेपाल टूर पर साथ ले जाते थे।
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सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के पास एक कार है। इस कार का इस्तेमाल देह व्यापार में फंसी लड़कियों को इधर-उधर भेजने में किया जाता था। पुलिस ने उसकी कार को भी कब्जे में ले लिया है।
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2018 में शुरू किया था हुक्काबार का धंधा, 100 से ज्यादा लड़कियों की खराब की जिंदगी
अनिरुद्ध ने 2018 में हुक्का बार का धंधा शुरू किया। पहली बार उसने मोहद्दीपुर में यह धंधा शुरू किया। वहां विरोध होने पर पैडलेगंज चला गया। इसके बाद साल 2024 में शाहपुर में गीता वाटिका के पास अनुराग सिंह की बिल्डिंग में पार्टनरशिप में हुक्का बार खोला। 13 मार्च को उसका उद्घाटन एक जनप्रतिनिधि ने किया था। इंस्टाग्राम पर अनिरुद्ध के कई वीडियो और फोटो हुक्का फूंकते हुए हैं, जो इस समय वायरल हो भी रहे हैं। पूरे रेस्टोरेंट को हुक्के से ही सजाया गया है। बताया जा रहा है कि अनिरुद्ध ने सात साल में 100 से ज्यादा लड़कियों को फंसाकर उनकी जिंदगी खराब कर चुका है।
रेशमा नाम की एक लड़की जाल में फंसाती थी लड़कियों को
रामगढ़ताल की किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुक्का बार में हुई थी। पुलिस को जांच पड़ताल में रेशमा खान नाम की एक लड़की के बारे में पता चला है। बताया जा रहा है कि वह अनिरुद्ध की दोस्त थी। किशोरी को फंसाकर हुक्का बार तक लाने में रेशमा का भी हाथ था। रेशमा भोली भाली लड़कियों से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर उन्हें जाल में फंसाकर हुक्का बार लाती थी। फिर उन्हें ब्लैकमेल कर देह व्यापार कराया जाता।
अनिरूद्ध की पत्नी बोली- नहीं पता था पति की ऐसी करतूतों का
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अनिरुद्ध ओझा (35) की साल 2024 में रुचि शर्मा (22) से पहली बार मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच में दोस्ती हो गई। नवंबर 2024 में ही दोनों ने शादी भी कर ली। पुलिस ने 10 जनवरी को हुक्का बार में छापा मारकर सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम में अन्य आरोपियों के साथ ही रुचि शर्मा पर भी केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो रुचि शर्मा ने बताया कि वह एक मॉल में काम करती थी। शादी के बाद काम छोड़ दिया। अनिरुद्ध हुक्का बार चलाता है, ये पता है, लेकिन वहां ऐसी करतूतों के बारे में जानकारी नहीं थी। पुलिस ने रुचि का मोबाइल भी चेक किया है। अभी तक उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।