{"_id":"679a80e1939f8b26a00a8bfa","slug":"gorakhpur-news-historic-clock-tower-will-be-beautified-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-823714-2025-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: ऐतिहासिक घंटाघर का होगा सुंदरीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: ऐतिहासिक घंटाघर का होगा सुंदरीकरण
विज्ञापन
एक करोड़ रुपये से नगर निगम कराएगा जीर्णोद्धार, टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है पूरी
सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास की तैयारी
गोरखपुर। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी कई कहानियों को खुद में समेटे ऐतिहासिक घंटाघर का सुंदरीकरण होगा। 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम इसका कायाकल्प कराएगा। इस पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास कराए जाने की तैयारी है।
शहर के हिंदी बाजार स्थित घंटाघर काफी समय से मरम्मत न होने की वजह से जर्जर हो गया है। इस ऐतिहासिक स्थल को आने वाली पीढ़ी भी देख सके, इसके लिए नगर निगम ने इसके सुंदरीकरण की योजना बनाई है। इसके तहत घंटाघर की दीवारों और घड़ी की मरम्मत कर रंग-रोगन किया जाएगा। घड़ी में डिजिटल बेल भी लगेगी जो हर घंटे बजेगी। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि घंटाघर के सुंदरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शिलान्यास के बाद वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
1857 में था पाकड़ का पेड़
वर्तमान में जहां घंटाघर है वहां 1857 में एक विशाल पाकड़ का पेड़ हुआ करता था। इसी पेड़ पर पहले स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अली हसन के साथ दर्जनों स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को जब जिला कारागार में स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी दी गई तो शहर में निकली उनकी शवयात्रा इसी स्थान पर आकर रुकी थी। उसी दौरान बिस्मिल की माता ने यहां पर एक प्रेरणादायी भाषण भी दिया था। इस घटना के बाद ये स्थान पूरी तरह से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को समर्पित हो गया। 1930 में यहां घंटाघर का निर्माण कराया गया। इस पर बिस्मिल का चित्र भी लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों शिलान्यास की तैयारी
गोरखपुर। स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी कई कहानियों को खुद में समेटे ऐतिहासिक घंटाघर का सुंदरीकरण होगा। 15वें वित्त आयोग के तहत नगर निगम इसका कायाकल्प कराएगा। इस पर एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास कराए जाने की तैयारी है।
शहर के हिंदी बाजार स्थित घंटाघर काफी समय से मरम्मत न होने की वजह से जर्जर हो गया है। इस ऐतिहासिक स्थल को आने वाली पीढ़ी भी देख सके, इसके लिए नगर निगम ने इसके सुंदरीकरण की योजना बनाई है। इसके तहत घंटाघर की दीवारों और घड़ी की मरम्मत कर रंग-रोगन किया जाएगा। घड़ी में डिजिटल बेल भी लगेगी जो हर घंटे बजेगी। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया कि घंटाघर के सुंदरीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शिलान्यास के बाद वर्क ऑर्डर देकर काम शुरू करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
1857 में था पाकड़ का पेड़
वर्तमान में जहां घंटाघर है वहां 1857 में एक विशाल पाकड़ का पेड़ हुआ करता था। इसी पेड़ पर पहले स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अली हसन के साथ दर्जनों स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को जब जिला कारागार में स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी दी गई तो शहर में निकली उनकी शवयात्रा इसी स्थान पर आकर रुकी थी। उसी दौरान बिस्मिल की माता ने यहां पर एक प्रेरणादायी भाषण भी दिया था। इस घटना के बाद ये स्थान पूरी तरह से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को समर्पित हो गया। 1930 में यहां घंटाघर का निर्माण कराया गया। इस पर बिस्मिल का चित्र भी लगा है।
विज्ञापन