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Gorakhpur News: एनईआर में दौड़ेंगी हाईस्पीड अमृत भारत और वंदेभारत ट्रेनें
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आम बजट में 100 अमृत और 200 वंदेभारत की स्वीकृति से बढ़ी उम्मीदें
सहजनवां-दोहरीघाट, खलीलाबाद-बहाराइच व महराजगंज-घुघली नई लाइन पर काम में आएगी तेजी
गोरखपुर। एनईआर में हाईस्पीड से चलने वाली अमृत भारत और वंदेभारत के चलने की संभावना बढ़ गई है। आम बजट में 100 अमृत और 200 वंदेभारत को स्वीकृत किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही एनईआर में एक वंदेभारत और गोरखपुर से होकर आठ अमृत भारत ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा तीन नई रेल लाइन, डबल और तीसरी लाइन के बिछाने के साथ ही ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने के काम में तेजी आएगी। साथ ही ट्रेनों को कवच सुरक्षा से भी लैस किया जाएगा। इन सभी कार्यों को लिए बजट आवंटित हुआ है।
एनईआर से तीन अमृत भारत और गोरखपुर से वाराणसी के बीच भी एक वंदेभारत का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया गया था। अब रेक आवंटित होने में कोई बाधा नहीं आएगी। रेलवे बोर्ड ने बीते अक्तूबर में 26 नई अमृत भारत ट्रेनों को मंजूरी दी थी। इनमें से तीन एनईआर में चलेंगी और तीन बिहार से वाया गोरखपुर होकर चलेंगी। एक ट्रेन भगत की कोठी से चलकर गोरखपुर तक चल सकती है। पूर्व में ही बोर्ड ने सूची जारी करने के साथ ही सभी संबंधित रेलवे से तत्काल टाइम टेबल और ट्रेन नंबर मांगा है, जिससे आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें, इंजन और पटरियों पर लगेंगे सुरक्षा कवच
छपरा से बाराबंकी तक ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम बिछाने में आएगी तेजी, एक ही सेक्शन में आगे- पीछे कई ट्रेनें चलेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बजट में सुरक्षा, संरक्षा और तेज गति से ट्रेनों को चलाने पर ज्यादा फोकस किया गया है। पिछले साल के अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए ज्यादा बजट मिला है। रेलवे में 1.14 लाख रुपये संरक्षा पर ही खर्च होंगे। एनईआर में छपरा से बाराबंकी से तक ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम बिछाने, ट्रेनों में कवच सिस्टम लगाने पर तेजी से काम होगा।
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एनईआर में छपरा से बराबंकी के बीच रेलखंड को कवच से लैस करने के काम में अब तेजी आएगी। टेंडर हो चुका है अब बजट मिलने के बाद काम शुरू होगा। इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, टॉवर लगाने आदि के काम होंगे। इसके लगने से आमने-सामने ट्रेनों की टक्कर की संभावना खत्म हो जाएगी। दरअसल, कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन आरडीएसओ ने विकसित किया है। इसके तहत रेल ट्रैक के किनारे फाइबर केबिल बिछाया जाता है और एक निश्चित दूरी पर टावर लगाते हैं। लोको में सेंसर आधारित डिवाइस लगाई जाती है, जो सामने से ट्रेन आने पर स्वयं इमरजेंसी ब्रेक लगा देती है।
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डबल लाइन और तीसरी लाइन के काम में आएगी तेजी
गोरखपुर से नरकटियागंज रूट पर कप्तानगंज से पनियहवा और भटनी से औडिहार तक डबल लाइन बिछाने के लिए बजट मिला है। दोनों रूट पर अब काम में तेजी आएगी। इसके अलावा सहजनवां से दोहरीघाट, खलीलाबाद से बहराइच और घुघली से महराजगंज तक तीसरी लाइन बिछाने के लिए बजट मिला है। इसी तरह गोंडा-बुढ़वल, कुसम्ही-गोरखपुर स्टेशन और डोमिनगढ़-खलीलाबाद के बीच के तीसरी लाइन बिछाने के लिए सर्वे हो चुका है। बजट मिलने के बाद पटरियों को बिछाने का काम शुरू होगा। तीसरी लाइन के बनने से ट्रेनों को चलाने में सहूलियत होगी। वहीं, सहजनवां-दोहरीघाट और खलीलाबाद-बहराइच रूट पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस बजट में किसानों को मुआवजा देने के लिए बजट मिला है।
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पिंक बुक से मिलेगा बजट का डिटेल
रेलवे का बजट अब अलग से जारी नहीं होता है। इसके केंद्रीय बजट में सम्मिलित कर दिया गया है। लेकिन, रेलवे के मद में कितना बजट किस जोन को मिला है और क्या-क्या काम होंगे इसकी जानकारियां रेलवे के पिंक बुक के जरिए मिलेगी। सप्ताह भी में पिंक बुक जारी किए जाने की संभावना है।
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सहजनवां-दोहरीघाट, खलीलाबाद-बहाराइच व महराजगंज-घुघली नई लाइन पर काम में आएगी तेजी
गोरखपुर। एनईआर में हाईस्पीड से चलने वाली अमृत भारत और वंदेभारत के चलने की संभावना बढ़ गई है। आम बजट में 100 अमृत और 200 वंदेभारत को स्वीकृत किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही एनईआर में एक वंदेभारत और गोरखपुर से होकर आठ अमृत भारत ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा तीन नई रेल लाइन, डबल और तीसरी लाइन के बिछाने के साथ ही ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम लगाने के काम में तेजी आएगी। साथ ही ट्रेनों को कवच सुरक्षा से भी लैस किया जाएगा। इन सभी कार्यों को लिए बजट आवंटित हुआ है।
एनईआर से तीन अमृत भारत और गोरखपुर से वाराणसी के बीच भी एक वंदेभारत का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया गया था। अब रेक आवंटित होने में कोई बाधा नहीं आएगी। रेलवे बोर्ड ने बीते अक्तूबर में 26 नई अमृत भारत ट्रेनों को मंजूरी दी थी। इनमें से तीन एनईआर में चलेंगी और तीन बिहार से वाया गोरखपुर होकर चलेंगी। एक ट्रेन भगत की कोठी से चलकर गोरखपुर तक चल सकती है। पूर्व में ही बोर्ड ने सूची जारी करने के साथ ही सभी संबंधित रेलवे से तत्काल टाइम टेबल और ट्रेन नंबर मांगा है, जिससे आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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सरपट दौड़ेंगी ट्रेनें, इंजन और पटरियों पर लगेंगे सुरक्षा कवच
छपरा से बाराबंकी तक ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम बिछाने में आएगी तेजी, एक ही सेक्शन में आगे- पीछे कई ट्रेनें चलेंगी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बजट में सुरक्षा, संरक्षा और तेज गति से ट्रेनों को चलाने पर ज्यादा फोकस किया गया है। पिछले साल के अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए ज्यादा बजट मिला है। रेलवे में 1.14 लाख रुपये संरक्षा पर ही खर्च होंगे। एनईआर में छपरा से बाराबंकी से तक ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम बिछाने, ट्रेनों में कवच सिस्टम लगाने पर तेजी से काम होगा।
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एनईआर में छपरा से बराबंकी के बीच रेलखंड को कवच से लैस करने के काम में अब तेजी आएगी। टेंडर हो चुका है अब बजट मिलने के बाद काम शुरू होगा। इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, टॉवर लगाने आदि के काम होंगे। इसके लगने से आमने-सामने ट्रेनों की टक्कर की संभावना खत्म हो जाएगी। दरअसल, कवच एक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे अनुसंधान, अभिकल्प एवं मानक संगठन आरडीएसओ ने विकसित किया है। इसके तहत रेल ट्रैक के किनारे फाइबर केबिल बिछाया जाता है और एक निश्चित दूरी पर टावर लगाते हैं। लोको में सेंसर आधारित डिवाइस लगाई जाती है, जो सामने से ट्रेन आने पर स्वयं इमरजेंसी ब्रेक लगा देती है।
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डबल लाइन और तीसरी लाइन के काम में आएगी तेजी
गोरखपुर से नरकटियागंज रूट पर कप्तानगंज से पनियहवा और भटनी से औडिहार तक डबल लाइन बिछाने के लिए बजट मिला है। दोनों रूट पर अब काम में तेजी आएगी। इसके अलावा सहजनवां से दोहरीघाट, खलीलाबाद से बहराइच और घुघली से महराजगंज तक तीसरी लाइन बिछाने के लिए बजट मिला है। इसी तरह गोंडा-बुढ़वल, कुसम्ही-गोरखपुर स्टेशन और डोमिनगढ़-खलीलाबाद के बीच के तीसरी लाइन बिछाने के लिए सर्वे हो चुका है। बजट मिलने के बाद पटरियों को बिछाने का काम शुरू होगा। तीसरी लाइन के बनने से ट्रेनों को चलाने में सहूलियत होगी। वहीं, सहजनवां-दोहरीघाट और खलीलाबाद-बहराइच रूट पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इस बजट में किसानों को मुआवजा देने के लिए बजट मिला है।
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पिंक बुक से मिलेगा बजट का डिटेल
रेलवे का बजट अब अलग से जारी नहीं होता है। इसके केंद्रीय बजट में सम्मिलित कर दिया गया है। लेकिन, रेलवे के मद में कितना बजट किस जोन को मिला है और क्या-क्या काम होंगे इसकी जानकारियां रेलवे के पिंक बुक के जरिए मिलेगी। सप्ताह भी में पिंक बुक जारी किए जाने की संभावना है।