{"_id":"67085e38345ebea6850853a4","slug":"gorakhpur-news-hearing-on-the-petition-against-the-doctor-on-15th-cantt-police-is-preparing-the-report-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-712945-2024-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: डॉक्टर के खिलाफ पड़ी अर्जी पर 15 को सुनवाई, कैंट पुलिस तैयार कर रही रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: डॉक्टर के खिलाफ पड़ी अर्जी पर 15 को सुनवाई, कैंट पुलिस तैयार कर रही रिपोर्ट
विज्ञापन
गोरखपुर। सिपाही प्रकरण में डॉक्टर पर केस दर्ज कराने के लिए अधिवक्ताओं ने बुधवार को कोर्ट में बीएनएस 175 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) के यहां प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें सुनवाई 15 अक्तूबर को होनी है। इसको लेकर कोर्ट ने कैंट थाने से केस की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे कैंट पुलिस तैयार कर रही है। सुनवाई वाले दिन पुलिस कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद केस में आगे क्या होना है यह कोर्ट फैसला करेगी। वहीं बृहस्पतिवार को कैंट थाने की पुलिस ने डॉक्टर अनुज सरकारी और कर्मचारियों का बयान दर्ज किया। सिपाही की ओर से दी गई तहरीर की जांच कैंट सीओ कर रहे हैं।
सोशल मीडिया से लगाए हर जगह डॉक्टर के खिलाफ लोग लामबंद हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय निदेशक के नाम पत्र लिखकर डॉक्टर अनुज सरकारी और उनके परिवार के संपत्ति की जांच ईडी से कराने की मांग की। पत्र में लिखा है कि डॉक्टर ने गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल का संचालन कर मरीजों से मनमानी फीस ली जा रही है। सरकारी एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम 200 करोड़ से अधिक की अचल संपत्तियां हैं। इतनी संपत्ति केवल टैक्स चोरी करके ही संभव है।
तीन अक्तूबर को बलिया के निलंबित सिपाही पंकज कुमार पत्नी की रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास आए थे। इस दौरान अल्ट्रसाउंड की फीस को लेकर धक्का मुक्की हुई। इसके बाद हॉस्पिटल कर्मचारियों ने सिपाही को पीट दिया। अगले दिन चार अक्तूबर को सिपाही पंकज आए। उन्होंने डॉक्टर अनुज सरकारी के चेंबर में घुसकर हथौड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसमें केस दर्ज कर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद से ही सिपाही को न्याय दिलाने के लिए कई संगठन और आम जनमानस आवाज उठा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोशल मीडिया से लगाए हर जगह डॉक्टर के खिलाफ लोग लामबंद हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय निदेशक के नाम पत्र लिखकर डॉक्टर अनुज सरकारी और उनके परिवार के संपत्ति की जांच ईडी से कराने की मांग की। पत्र में लिखा है कि डॉक्टर ने गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल का संचालन कर मरीजों से मनमानी फीस ली जा रही है। सरकारी एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम 200 करोड़ से अधिक की अचल संपत्तियां हैं। इतनी संपत्ति केवल टैक्स चोरी करके ही संभव है।
विज्ञापन
तीन अक्तूबर को बलिया के निलंबित सिपाही पंकज कुमार पत्नी की रिपोर्ट दिखाने डॉ. अनुज सरकारी के पास आए थे। इस दौरान अल्ट्रसाउंड की फीस को लेकर धक्का मुक्की हुई। इसके बाद हॉस्पिटल कर्मचारियों ने सिपाही को पीट दिया। अगले दिन चार अक्तूबर को सिपाही पंकज आए। उन्होंने डॉक्टर अनुज सरकारी के चेंबर में घुसकर हथौड़े से उनके सिर पर हमला कर दिया। इसमें केस दर्ज कर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद से ही सिपाही को न्याय दिलाने के लिए कई संगठन और आम जनमानस आवाज उठा रहे हैं।
विज्ञापन