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Gorakhpur News: ड्यूटी को लेकर थे समर्पित...परिवार में कलह ने तोड़ दिया
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एयरफोर्स में सुरक्षा कर्मी की सुसाइड का मामला
शुक्रवार को सुबह शव लेकर बिहार चले गए परिजन
गोरखपुर। एयरफोर्स में तैनात डीएससी के जवान की खुदकुशी के बाद शुक्रवार को परिजन शव लेकर बिहार चले गए। साथियों का कहना है कि वह ड्यूटी को लेकर हमेशा समर्पित रहते थे। पारिवारिक कलह ने तोड़ दिया। सुसाइड नोट में भी पारिवारिक कलह ही सामने आया है।
जवान जितेंद्र सिंह बिहार के छपरा जिले के मकेर के रहने वाले थे। उन्होंने भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद डीएससी में नौकरी शुरू की थी। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। इनसे बड़े अवध बिहारी सिंह, नवल किशोर सिंह और छोटे हरेंद्र सिंह हैं। पत्नी का नाम सीमा देवी है। दो बेटे प्रेम और ऋतिक हैं। वहीं, एक बेटी मुस्कान है। बृहस्पतिवार की भोर में उन्होंने खुद को एके 103 रायफल से गोली मार ली। घटना के वक्त जितेंद्र के दो साथी कैंप में सो रहे थे। उसी दौरान इसने खुद को गोली मार ली।
साथियों का कहना है कि कूलर की आवाज इतनी तेज थी कि वे गोली चलने की आवाज सुन नहीं सके। जितेंद्र का रिलीवर जब ड्यूटी के लिए पहुंचा तो उसने देखा कि वह जमीन पर गिरा पड़ा था। उसके पेट में बाएं तरफ गोली लगी थी। उसका मोबाइल फोन कैंप में था। वहीं पर एक सुसाइड नोट भी मिला। बिहार से परिजन बृहस्पतिवार की शाम को आ गए थे। शुक्रवार की सुबह वह शव लेकर गांव चले गए।
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शुक्रवार को सुबह शव लेकर बिहार चले गए परिजन
गोरखपुर। एयरफोर्स में तैनात डीएससी के जवान की खुदकुशी के बाद शुक्रवार को परिजन शव लेकर बिहार चले गए। साथियों का कहना है कि वह ड्यूटी को लेकर हमेशा समर्पित रहते थे। पारिवारिक कलह ने तोड़ दिया। सुसाइड नोट में भी पारिवारिक कलह ही सामने आया है।
जवान जितेंद्र सिंह बिहार के छपरा जिले के मकेर के रहने वाले थे। उन्होंने भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद डीएससी में नौकरी शुरू की थी। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। इनसे बड़े अवध बिहारी सिंह, नवल किशोर सिंह और छोटे हरेंद्र सिंह हैं। पत्नी का नाम सीमा देवी है। दो बेटे प्रेम और ऋतिक हैं। वहीं, एक बेटी मुस्कान है। बृहस्पतिवार की भोर में उन्होंने खुद को एके 103 रायफल से गोली मार ली। घटना के वक्त जितेंद्र के दो साथी कैंप में सो रहे थे। उसी दौरान इसने खुद को गोली मार ली।
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साथियों का कहना है कि कूलर की आवाज इतनी तेज थी कि वे गोली चलने की आवाज सुन नहीं सके। जितेंद्र का रिलीवर जब ड्यूटी के लिए पहुंचा तो उसने देखा कि वह जमीन पर गिरा पड़ा था। उसके पेट में बाएं तरफ गोली लगी थी। उसका मोबाइल फोन कैंप में था। वहीं पर एक सुसाइड नोट भी मिला। बिहार से परिजन बृहस्पतिवार की शाम को आ गए थे। शुक्रवार की सुबह वह शव लेकर गांव चले गए।
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