{"_id":"67ed90a1a44348d0ba065e88","slug":"gorakhpur-news-group-loan-case-investigator-removed-so-given-responsibility-gorakhpur-news-c-7-hsr1010-890114-2025-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"समूह लोन प्रकरण : हटाए गए विवेचक, एसओ को मिली जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समूह लोन प्रकरण : हटाए गए विवेचक, एसओ को मिली जिम्मेदारी
विज्ञापन
केस की विवेचना में शिथिलता बरतने के आरोप में सीओ ने की कार्रवाई
माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा गोला में तैनात रहे तत्कालीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
गोला (गोरखपुर)। समूह लोन लेकर सेटलमेंट के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करने के प्रकरण की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की जांच में शिथिलता बरतने के आरोप में विवेचक देवेंद्र सिंह यादव को सीओ मनोज पांडेय ने हटा दिया है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच का जिम्मा एसओ गोला को सौंपा है। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा गोला में तैनात रहे तत्कालीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भी गठित कर दी गई है।
कस्बा स्थित भारत फाइनेंसियल इंक्लूजन लिमिटेड सब्सिडीयरी इंडसइंड बैंक (माइक्रो फाइनेंस कंपनी) में 13 फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करके लिए गए लोन का सेटलमेंट किया गया था। इसका पर्दाफाश उस समय हुआ, जब शाखा के पूर्व प्रबंधक दिनेश कुमार ने तत्कालीन प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज व एक अन्य व्यक्ति पर धाेखाधड़ी का आरोप लगाते हुए तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। जांच शुरू हुई तो पुलिस ने चार महिलाओं को पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर लाभ लेने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
तहरीर में तत्कालीन शाखा प्रबंधक व एक अन्य व्यक्ति का नाम होने के बावजूद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए। क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि प्रकरण में विवेचक देवेंद्र सिंह यादव को हटाकर एसएचओ वेद प्रकाश शर्मा को विवेचना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व शाखा प्रबंधक का नाम विवेचना से निकालने की बात गलत है। शाखा प्रबंधक समेत आठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा गोला में तैनात रहे तत्कालीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
गोला (गोरखपुर)। समूह लोन लेकर सेटलमेंट के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करने के प्रकरण की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की जांच में शिथिलता बरतने के आरोप में विवेचक देवेंद्र सिंह यादव को सीओ मनोज पांडेय ने हटा दिया है। उन्होंने इस प्रकरण की जांच का जिम्मा एसओ गोला को सौंपा है। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा गोला में तैनात रहे तत्कालीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम भी गठित कर दी गई है।
कस्बा स्थित भारत फाइनेंसियल इंक्लूजन लिमिटेड सब्सिडीयरी इंडसइंड बैंक (माइक्रो फाइनेंस कंपनी) में 13 फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जमा करके लिए गए लोन का सेटलमेंट किया गया था। इसका पर्दाफाश उस समय हुआ, जब शाखा के पूर्व प्रबंधक दिनेश कुमार ने तत्कालीन प्रबंधक बृजेश कुमार सरोज व एक अन्य व्यक्ति पर धाेखाधड़ी का आरोप लगाते हुए तहरीर देकर केस दर्ज कराया था। जांच शुरू हुई तो पुलिस ने चार महिलाओं को पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर लाभ लेने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
विज्ञापन
तहरीर में तत्कालीन शाखा प्रबंधक व एक अन्य व्यक्ति का नाम होने के बावजूद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना शुरू हो गए। क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि प्रकरण में विवेचक देवेंद्र सिंह यादव को हटाकर एसएचओ वेद प्रकाश शर्मा को विवेचना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व शाखा प्रबंधक का नाम विवेचना से निकालने की बात गलत है। शाखा प्रबंधक समेत आठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन