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Gorakhpur News: यूपी में गोरखपुर से शुरू हुआ ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, 500 टन कम होगा कार्बन उत्सर्जन

Mon, 18 Aug 2025 01:47 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:47 AM IST
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Gorakhpur News: Green hydrogen production started from Gorakhpur in UP, carbon emissions will be reduced by 500 tonnes
रविवार को गोरखपुर के खानिमपुर ​स्थित टोरेंट समूह के ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट उद्घाटन के बाद निरीक
सीएनजी और पीएनजी में 2 प्रतिशत मिलाया जाएगा ग्रीन हाइड्रोजन को
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ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 से मिले प्रोत्साहन से आगे बढ़ा टोरेंट का सफर
गोरखपुर। वाहनों के लिए सीएनजी और घरों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस सप्लाई की पहल करने वाले टोरेंट समूह ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में गोरखपुर को नई पहचान दी है। गोरखपुर ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की स्थापना के मामले में यूपी में पहला शहर है। टोरेंट गैस और टोरेंट पॉवर द्वारा संयुक्त रूप से विकसित इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 72 टन प्रतिवर्ष की है।
टोरेंट समूह के निदेशक जिनल मेहता के मुताबिक, यह एक तरह का पायलट प्रोजेक्ट भी है। इसके तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में प्राकृतिक गैस के साथ 2 प्रतिशत ग्रीन हाइड्रोजन का मिश्रण किया जाएगा। प्लांट के उद्घाटन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन आमजन के जीवन का हिस्सा बन गया है, क्योंकि यह सीधे रसोई घरों और वाहनों तक पहुंचेगा। प्राकृतिक गैस के साथ ग्रीन हाइड्रोजन का अपमिश्रण आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने तथा स्वच्छ सतत ऊर्जा भविष्य की ओर अग्रसर करने में सहायक होगा।
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उल्लेखनीय है कि ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने एक विशिष्ट नीति भी बनाई है। इस नीति के अंतर्गत वर्ष 2028 तक 1 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन लक्षित किया गया है।
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी इससे आएगा बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि देश और दुनिया के सामने सबसे बड़ी चिंता जीवसृष्टि और मानव सभ्यता को बचाने की है। जीवसृष्टि और मानव सभ्यता को बचाना है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हमें नेट जीरो की तरफ बढ़ना होगा, कार्बन उत्सर्जन न्यूनतम करना होगा। ऐसे में गोरखपुर का हाइड्रोजन प्लांट कार्बन उत्सर्जन कम करके प्रधानमंत्री के सपनों को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा और बीमारियों से बचाव में ग्रीन एनर्जी की बड़ी भूमिका होने जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में हरित ऊर्जा तथा विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए यह प्लांट बड़ी भूमिका निभाएगा।

लकड़ी जलने से अधिक होता है कार्बन उत्सर्जन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन हर उस कार्य से होता है जिससे प्रदूषण होता है। पहले घरों में भोजन लकड़ी या कोयला से बनाया जाता था, जिससे कार्बन उत्सर्जन अधिक होता था। उज्जवला योजना के माध्यम से सरकार ने 10 करोड़ परिवारों को निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए। इसके पीछे की मंशा लोगों को फेफड़े, टीबी, आंख से जुड़ी और अन्य बीमारियों से निजात दिलाने की रही।
एलईडी से भी कम हुआ कार्बन उत्सर्जन
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्ट्रीट लाइट में पहले सामान्य बल्ब प्रयोग किए जाते थे जिससे अधिक कार्बन उत्सर्जन होता था, उर्जा ज्यादा खर्च होती थी और बिजली का बिल भी अधिक आता था। आज एलईडी स्ट्रीट लाइट लगने से उर्जा की खपत कम हुई तथा कार्बन उत्सर्जन भी कम हुआ। एलईडी से कीड़े नहीं जलते और बदबू भी नहीं आती। जबकि पहले प्रयोग होने वाले हैलोजन बल्ब में बरसात के बाद असंख्य कीड़े मंडराते थे, जिससे बदबू आती थी।
जलवायु परिवर्तन से बिगड़ा मौसम, महीने भर आगे बढ़ी बरसात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के साथ-साथ मनुष्य के स्वास्थ्य पर जो विपरीत प्रभाव पड़ा है उसका पहला कारण प्रकृति के साथ खिलवाड़ और दूसरा कृषि में कीटनाशकों, रसायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग है। कैंसर, लिवर में खराबी और अन्य गंभीर बीमारियों का भी कारण यही है। प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने से जलवायु परिवर्तन हो रहा है। बरसात भी देरी से हो रही है। आज जो वर्षा हो रही है इसे जुलाई माह में होना चाहिए था, अब इसमें देरी हो रही है। पहले नवरात्र के समय लोगों के घर में चूड़ा आ जाता था लेकिन मौसम की देरी के साथ फसल भी देर से हो रही है। आज कहीं अतिवृष्टि हो रही है तो कहीं सूखा पड़ रहा है। यह सब पर्यावरण के साथ खिलावाड़ का परिणाम है। लोग पेड़ काट रहे हैं। प्रदूषण के कारण जल के स्रोत खराब हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि इन सारे कार्यों से हम जीवन के साथ जीवसृष्टि के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी से बदलेगा भाग्य
सीएम योगी ने कहा कि पर्यावरण की समस्याओं का उपचार मनुष्य के हाथ में है। इसका पहला उपचार प्राकृतिक खेती है तो दूसरा उपचार ग्रीन एनर्जी के उपयोग में है। प्राकृतिक खेती से गौवंश की रक्षा भी होगी व हमारी खेती भी जहरीली होने से बच जाएगी। इस खेती से जो अन्न पैदा होगा वह हमें स्वस्थ और निरोग बनाएगा। इन कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना होगा। पीएम मोदी ने हर घर शौचालय और स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से स्वच्छता के कार्य को बढ़ाया। स्वच्छता के कारण विभिन्न बीमारियां समाप्त हो गईं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मासूम बच्चों को जान लेने वाली इंसेफेलाइटिस बीमारी भी साफ-सफाई के कारण समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि अब हमें पर्यावरण की रक्षा करनी है। हमें अपनी खेती को रसायनिक उर्वरकों तथा कीटनाशकों से मुक्त करना होगा। इसके लिए हमें ग्रीन एनर्जी की आवश्यकता होगी। इस एनर्जी की सबसे ज्यादा संभावना यूपी में है।
निवेशकों के लिए यूपी में रेड टेप नहीं, रेड कार्पेट : जिनल मेहता
इस अवसर पर टोरेंट समूह के निदेशक जिनल मेहता ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निवेशकों के लिए यूपी में रेड टेप नहीं सिर्फ रेड कार्पेट है। यूपी का लॉ एंड ऑर्डर सुदृढ़ हुआ है और कारोबारी सुगमता बढ़ी है। टोरेंट ग्रुप को यूपी में साढ़े आठ साल में कहीं भी लाल फीताशाही का सामना नहीं करना पड़ा। गोरखपुर में टोरेंट का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट न सिर्फ यूपी का पहला प्लांट है बल्कि देश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है।

सीएम ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा
ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने प्लांट का निरीक्षण भी किया।
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