{"_id":"66512e05f6c18bce570c0a24","slug":"gorakhpur-news-green-corridor-made-from-heavily-jammed-nausad-then-babbar-sher-arrived-gorakhpur-news-c-7-1-gkp1006-569121-2024-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: भीषण जाम भरे नौसड़ से बनाया ग्रीन कॉरिडोर.. तब पहुंचे बब्बर शेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: भीषण जाम भरे नौसड़ से बनाया ग्रीन कॉरिडोर.. तब पहुंचे बब्बर शेर
विज्ञापन
गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्लाह खां प्राणि उद्यान में शुक्रवार को दोनों बब्बर शेर पहुंच गए। इनको क्वारंटीन में रखा गया है। आते समय भीषण जाम वाले इलाके नौसड़ में ट्रैफिक रोककर चिड़ियाघर तक इनके लिए 15 मिनट का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, ताकि दोनों वन्यजीव ट्रैफिक में गर्मी से परेशान न हों।
चिड़ियाघर में अब तक बब्बर शेर पटौदी ही यहां दर्शकों का आकर्षण था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव के निर्देश और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार की रात इटावा सफारी से गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम दोनों बब्बर शेर भरत और शेरनी गौरी को लेकर निकली। दो ट्रक में रखकर दोनों को लाया गया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि रास्ते में लगभग दो घंटे की यात्रा पूरी करने पर ट्रकों को रोककर बब्बर शेरों के स्वास्थ्य एवं उनके कुशलता की निगरानी की गई। इनको रास्ते में पीने का पानी दिया गया। इसमें इलेक्ट्रोलाइट मिलाया गया था, साथ ही खाने के लिए मीट भी दिया गया।
विज्ञापन
बब्बर शेरों को लेकर जब टीम गोरखपुर की सीमा में प्रवेश की तो पहले से की गई तैयारी के अनुसार एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सुबह 9:25 से 9:40 तक जाम वाले इलाके नौसड़ से चिड़ियाघर वाया पैडलेगंज तक ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। उस दौरान पूरे एरिया में ट्रैफिक रोका दिया गया, ताकि रास्ते में कहीं भी बब्बर शेरों की गाड़ी न रुके। उन्हें गर्मी भी न लगे, जिससे उनका तनाव कम रखा जा सके। गर्मी को देखते हुए प्राणि उद्यान में भी तमाम इंतजाम किए गए थे। वन्यजीवों को तत्काल ट्रक से उतार कर बाड़े में सुरक्षित पहुंचाया गया।
तनाव में दोनों शेर
डॉ. योगेश ने बताया कि अभी दोनों बब्बर शेर तनाव में हैं, लेकिन स्वस्थ हैं। उनको पानी और खाना दिया गया है। किसी भी प्रकार से उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया जा रहा है। प्राणि उद्यान के निदेशक विकास यादव ने बताया कि इटावा से लंबी दूरी के कारण वन्य जीवों को लाने में अधिक समय लगा, लेकिन टीम ने अपने कार्य को बहुत ही कुशलता से किया और बब्बर शेरों को सकुशल प्राणि उद्यान तक पहुंचाया। अब 10 से 14 दिनों के क्वारंटीन के बाद यदि सबकुछ ठीक रहा तो इन्हें दर्शकों के लिए बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
चिड़ियाघर में अब तक बब्बर शेर पटौदी ही यहां दर्शकों का आकर्षण था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव के निर्देश और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार की रात इटावा सफारी से गोरखपुर चिड़ियाघर की टीम दोनों बब्बर शेर भरत और शेरनी गौरी को लेकर निकली। दो ट्रक में रखकर दोनों को लाया गया।
विज्ञापन
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि रास्ते में लगभग दो घंटे की यात्रा पूरी करने पर ट्रकों को रोककर बब्बर शेरों के स्वास्थ्य एवं उनके कुशलता की निगरानी की गई। इनको रास्ते में पीने का पानी दिया गया। इसमें इलेक्ट्रोलाइट मिलाया गया था, साथ ही खाने के लिए मीट भी दिया गया।
विज्ञापन
बब्बर शेरों को लेकर जब टीम गोरखपुर की सीमा में प्रवेश की तो पहले से की गई तैयारी के अनुसार एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सुबह 9:25 से 9:40 तक जाम वाले इलाके नौसड़ से चिड़ियाघर वाया पैडलेगंज तक ग्रीन कॉरिडोर बनवाया। उस दौरान पूरे एरिया में ट्रैफिक रोका दिया गया, ताकि रास्ते में कहीं भी बब्बर शेरों की गाड़ी न रुके। उन्हें गर्मी भी न लगे, जिससे उनका तनाव कम रखा जा सके। गर्मी को देखते हुए प्राणि उद्यान में भी तमाम इंतजाम किए गए थे। वन्यजीवों को तत्काल ट्रक से उतार कर बाड़े में सुरक्षित पहुंचाया गया।
तनाव में दोनों शेर
डॉ. योगेश ने बताया कि अभी दोनों बब्बर शेर तनाव में हैं, लेकिन स्वस्थ हैं। उनको पानी और खाना दिया गया है। किसी भी प्रकार से उन्हें डिस्टर्ब नहीं किया जा रहा है। प्राणि उद्यान के निदेशक विकास यादव ने बताया कि इटावा से लंबी दूरी के कारण वन्य जीवों को लाने में अधिक समय लगा, लेकिन टीम ने अपने कार्य को बहुत ही कुशलता से किया और बब्बर शेरों को सकुशल प्राणि उद्यान तक पहुंचाया। अब 10 से 14 दिनों के क्वारंटीन के बाद यदि सबकुछ ठीक रहा तो इन्हें दर्शकों के लिए बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।